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Hardoi News: 4.12 करोड़ से बनेगी कछौना, शाहाबाद और कुरसठ में कान्हा गोशाला
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हरदोई। निराश्रित मवेशियों को संरक्षित किए जाने के लिए नगर पालिका परिषद शाहाबाद, नगर पंचायत कुरसठ और कछौना में 4.12 करोड़ की लागत से कान्हा गोशाला बनवाए जाएंगे। शासन ने कान्हा निर्माण को स्वीकृति दे दी है। निर्माण की जिम्मेदारी शासन ने संबंधित नगरीय निकाय को ही सौंपी है। इसके लिए राशि भी जारी की है।
निराश्रित मवेशियों को संरक्षित कराए जाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थाई पशु आश्रयस्थल, वृहद गो-संरक्षण केंद्र संचालित कराए जा रहे हैं, इसके साथ ही नगरीय निकायों में भी कान्हा गोशाला बनवाए जाने हैं। शासन ने नगरीय निकाय क्षेत्र कछौना, कुरसठ और शाहाबाद में भी कान्हा गोशाला बनवाने की स्वीकृति दी है। अभी तक यहां पर 13 नगरीय निकायों में से बेनीगंज, गोपामऊ, सांडी, बिलग्राम, मल्लावां, संडीला और पिहानी में ही कान्हा गोशाला संचालित हो रहे हैं। इसमें निराश्रित मवेशियों को संरक्षित भी किया गया है।
चार नगरीय निकायों में और कान्हा गोशाला बन जाने से मवेशियों को संरक्षित किए जाने में आसानी रहेगी।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि शासन की ओर से कान्हा गोशाला की स्वीकृति की जानकारी प्राप्त हो गई है। अधिशासी अधिकारियों से वार्ता भी की गई है। 10 जून के बाद काम कराने के लिए कहा है।
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शहर में गोशाला की मांग
नगरीय निकायों में निराश्रित मवेशियों को संरक्षित कराए जाने के लिए कान्हा गोशाला बनवाए जाने की शासन ने रणनीति दी है लेकिन, नगर पालिका परिषद हरदोई में अभी तक कान्हा गोशाला नहीं बन पाई है। नगरीय क्षेत्र में कान्हा गोशाला के लिए जमीन की तलाश पूरी नहीं हो पाई है। इससे शहर के गली-मोहल्लों में घूमते निराश्रित मवेशी न तो संरक्षित हो पा रहे हैं और न ही शहरवासियों को निराश्रित मवेशियों की समस्या से छुटकारा मिल पा रहा है।
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निराश्रित मवेशियों को संरक्षित कराए जाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थाई पशु आश्रयस्थल, वृहद गो-संरक्षण केंद्र संचालित कराए जा रहे हैं, इसके साथ ही नगरीय निकायों में भी कान्हा गोशाला बनवाए जाने हैं। शासन ने नगरीय निकाय क्षेत्र कछौना, कुरसठ और शाहाबाद में भी कान्हा गोशाला बनवाने की स्वीकृति दी है। अभी तक यहां पर 13 नगरीय निकायों में से बेनीगंज, गोपामऊ, सांडी, बिलग्राम, मल्लावां, संडीला और पिहानी में ही कान्हा गोशाला संचालित हो रहे हैं। इसमें निराश्रित मवेशियों को संरक्षित भी किया गया है।
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चार नगरीय निकायों में और कान्हा गोशाला बन जाने से मवेशियों को संरक्षित किए जाने में आसानी रहेगी।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि शासन की ओर से कान्हा गोशाला की स्वीकृति की जानकारी प्राप्त हो गई है। अधिशासी अधिकारियों से वार्ता भी की गई है। 10 जून के बाद काम कराने के लिए कहा है।
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शहर में गोशाला की मांग
नगरीय निकायों में निराश्रित मवेशियों को संरक्षित कराए जाने के लिए कान्हा गोशाला बनवाए जाने की शासन ने रणनीति दी है लेकिन, नगर पालिका परिषद हरदोई में अभी तक कान्हा गोशाला नहीं बन पाई है। नगरीय क्षेत्र में कान्हा गोशाला के लिए जमीन की तलाश पूरी नहीं हो पाई है। इससे शहर के गली-मोहल्लों में घूमते निराश्रित मवेशी न तो संरक्षित हो पा रहे हैं और न ही शहरवासियों को निराश्रित मवेशियों की समस्या से छुटकारा मिल पा रहा है।