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Hardoi News: भूमाफिया के कब्जे से सिकुड़ रही कल्याणी नदी

Tue, 23 May 2023 12:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई Updated Tue, 23 May 2023 12:20 AM IST
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Kalyani river shrinking due to land mafia
फोटो 16
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फोटो 17
- नदी की धारा पाटकर बना लिए खेत, उगाने लगे फसलें
- नदी उन्नाव होते कानपुर के बिठूर में मिलती है गंगा से
संवाद न्यूज एजेंसी
मल्लावां। जीव जंतुओं और किसानों की फसलों का कल्याण करने वाली कल्याणी नदी धीरे धीरे अस्तित्व खोती जा रही है। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते नदी पर अब घर बन चुके हैं। नदी की धारा को पाटकर भूमाफिया इसमें खेती करने लगे हैं।
माधौगंज थाना क्षेत्र के गौरा गांव के दक्षिण में स्थित झील से निकली कल्याणी नदी बिठूर स्थित गंगा नदी में मिलती है। इस नदी की लंबाई करीब 80 किलोमीटर है। माधौगंज व मल्लावां क्षेत्र के करीब आठ किलोमीटर में यह नदी काजीपुर, नई बस्ती, महनेपुर, सुमेरपुर, लच्छीपुर, मीरनगर, नरायनमऊ, फत्तेपुर, करवा, सोतहइया, शाहपुरगंगा गांवों के आसपास से गुजरती हुई उन्नाव के गंजमुरादाबाद के गांव लोनारी में प्रवेश करती है।
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शेष 72 किलोमीटर नदी का हिस्सा उन्नाव के विभिन्न गांवों से होकर कानपुर के बिठूर में मिल जाता है। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते धीरे-धीरे भूमाफिया ने नदी पर कब्जा कर लिया। इससे नदी का आकर सिकुड़ गया है। कई स्थानों पर नदी गायब हो चुकी है तो कहीं पर छोटे नाले में बदल चुकी है।
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मीन नगर गांव में नदी पर कब्जा कर कई लोगों ने मकान तक बना लिए हैं। इस गांव के उत्तर दिशा में नदी गायब सी हो चुकी है।
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किसानों की बात
करवा के अजीत सिंह बताते हैं कि तीन दशक पहले तक नदी का पानी साफ-सुथरा था। इसी नदी में गर्मियों के मौसम में जानवरों को नहलाया जाता था। सुमेरपुर निवासी गुड्डू सिंह कहते हैं कि इसी नदी से ही गर्मियों में पशु-पक्षी व जंगली जीव प्यास बुझाते थे। महनेपुर निवासी नरेंद्र बताते हैं कि भूमाफिया ने नदी में कब्जाकर मकान तक बना लिए हैं। इस वजह से अधिक बरसात होने पर पानी किसानों की फसलों में भरता है।

इनसेट
मूल रूप में लाने की कोशिश करेंगे
कल्याणी नदी को फिर से मूल रूप में लाने के लिए वर्ष 2022 में उन्नाव प्रशासन ने डीपीआर तैयार कराया था। इसके बाद बांगरमऊ क्षेत्र के कई किलोमीटर तक मनरेगा के तहत खोदाई भी कराई गई थी। इसको लेकर विधायक आशीष सिंह आशू ने बताया कि कल्याणी नदी को मूल रूप में लाने के लिए वे डीएम से लेकर शासन स्तर तक बात करेंगे। जल्द से जल्द नहीं खोदाई कराकर नदी को मूल रूप में लाने की कोशिश करेंगे।
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