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हड़ताल में स्वास्थ्यकर्मियों के शामिल होने से बिगड़े हालात
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई
Updated Thu, 11 Aug 2016 12:04 AM IST
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मरीज ले जाते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हरदोई। राज्यकर्मियों की हड़ताल में स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों के महज तीन घंटे शामिल होने से बुधवार को जिला अस्पताल सहित सीएचसी, पीएचसी में व्यवस्था चरमरा गई। सुबह आठ से 11 तक पर्चा काउंटर, ओपीडी, दवा काउंटर सभी विभाग में काम ठप रहा। वार्डों में भर्ती मरीज तो दवा और इंजेक्शन न मिलने से बेहाल हो गए। हड़ताली कर्मियों ने विभाग के गेटों पर ताले भी लगा दिए। कर्मचारी गुरुवार और शुक्रवार को भी इसी तरह हड़ताल पर रहेंगे।
राज्यकर्मचारी संयुक्त परिषद की अगुवाई में राज्यकर्मचारी कई मांगों को लेकर तीन दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल में जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी के फार्र्मेसिस्ट, नर्स, आप्टामेट्रिक्स, डेंटल हाईजिनिस्ट, लैब टेक्नीशियन, एक्सरे, टेक्नीशियन, ईसीजी टेक्नीशियन भी शामिल रहे। इन कर्मचारियों ने सुबह आठ से 11 बजे तक काम ठप कर तालाबंदी कर दी। इमरजेंसी सेवाएं संचालित रहीं।
टड़ियावां के रामरतन पेट दर्द से परेशान होकर जिला अस्पताल आए थे। पर्चा न बनने के कारण उसे इमरजेंसी में दिखाया। डाक्टरों ने इंजेक्शन आदि लगा दिए। वार्ड तक स्ट्रेचर पर ले जाने के लिए कर्मचारी नहीं थे। तीमारदार उसे वार्ड तक ले गए। टिकरा निवासी वृद्ध महिपाल को कुत्ते ने काट लिया था।
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वह इंजेक्शन लगवाने आया था। वह भी तीन घंटे भटकते रहे। हरपालपुर से बुखार से पीड़ित बच्चे को लेकर आई माया देवी निजी अस्पताल जाने को मजबूर हो गईं। एक्सरे कराने आए अहिरोरी निवासी फूलसिंह, रमेश, दिवाकर आदि को भी इंतजार में भटकना पड़ा।
सीएमएस आरके मिश्र ने बताया कि इमरजेंसी सेवाएं चालू रही थी। उन्होंने इमरजेंसी कक्ष में दो अतिरिक्त डाक्टरों की ड्यूटी लगाई थी। हड़ताल के दौरान गंभीर मरीजों को तत्काल इलाज मिला।
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राज्यकर्मचारी संयुक्त परिषद की अगुवाई में राज्यकर्मचारी कई मांगों को लेकर तीन दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल में जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी के फार्र्मेसिस्ट, नर्स, आप्टामेट्रिक्स, डेंटल हाईजिनिस्ट, लैब टेक्नीशियन, एक्सरे, टेक्नीशियन, ईसीजी टेक्नीशियन भी शामिल रहे। इन कर्मचारियों ने सुबह आठ से 11 बजे तक काम ठप कर तालाबंदी कर दी। इमरजेंसी सेवाएं संचालित रहीं।
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टड़ियावां के रामरतन पेट दर्द से परेशान होकर जिला अस्पताल आए थे। पर्चा न बनने के कारण उसे इमरजेंसी में दिखाया। डाक्टरों ने इंजेक्शन आदि लगा दिए। वार्ड तक स्ट्रेचर पर ले जाने के लिए कर्मचारी नहीं थे। तीमारदार उसे वार्ड तक ले गए। टिकरा निवासी वृद्ध महिपाल को कुत्ते ने काट लिया था।
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वह इंजेक्शन लगवाने आया था। वह भी तीन घंटे भटकते रहे। हरपालपुर से बुखार से पीड़ित बच्चे को लेकर आई माया देवी निजी अस्पताल जाने को मजबूर हो गईं। एक्सरे कराने आए अहिरोरी निवासी फूलसिंह, रमेश, दिवाकर आदि को भी इंतजार में भटकना पड़ा।
सीएमएस आरके मिश्र ने बताया कि इमरजेंसी सेवाएं चालू रही थी। उन्होंने इमरजेंसी कक्ष में दो अतिरिक्त डाक्टरों की ड्यूटी लगाई थी। हड़ताल के दौरान गंभीर मरीजों को तत्काल इलाज मिला।