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Hardoi News: कान में बढ़ा संक्रमण, तेज दर्द से पर्दा फटने का डर
Thu, 13 Feb 2025 11:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Thu, 13 Feb 2025 11:54 PM IST
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फोटो-28-मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीज का उपचार काते डॉ. विवेक। संवाद
फोटो-29- ओपीडी में चिकित्सक कक्ष के बार लगी मरीजों की लाइन। संवादरोजाना
- जिला अस्पताल में रोजाना 250 से 300 मरीज कान व गले में संक्रमण के पहुंच रहे
- मौसम में बदलाव से गले में भी संक्रमण व टांसिल के राेगी भी बढ़े
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मौसम में बदलाव होते ही बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। मेडिकल कॉलेज में नाक, कान व गला विभाग में इन दिनों मरीज कान और गले में संक्रमण की बीमारी को लेकर अधिक पहुंच रहे हैं।
कान में एक्यूट ओटिटिस मीडिया (मध्य कान का संक्रमण) के लक्षण के मामले अधिक आ रहे हैं। इसमें कान में तेज दर्द होने के साथ पर्दा फटने का डर बना रहता है। चिकित्सक ने विशेष सावधानी बरतने के साथ तत्काल इलाज कराने की सलाह दी है।
सर्दी जुकाम और बुखार के साथ ही कान और गले में संक्रमण के मरीज काफी पहुंच रहे हैं। कान में संक्रमण के चलते पीड़ितों के कान में तेज दर्द होता है। इससे कान का पर्दा फटने का सबसे अधिक खतरा रहता है। ईएनटी विशेषज्ञ विवेक सिंह ने बताया कि सर्दी व जुकाम के साथ कान में एक्यूट ओटिटिस मीडिया के लक्षण पाए जा रहे हैं।
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एक्यूट ओटिटिस मीडिया वायरस या बैक्टीरिया के संक्रमण से होता है, यह किसी भी उम्र में हो सकता है। इस बीमारी में कान दर्द होता है और श्रवण क्षमता कम हो जाती है। छोटे बच्चों में बुखार, मतली, उल्टी और दस्त की समस्या उत्पन्न हो जाती है। कान का फूला हुआ ईयरड्रम भी फट जाता है और कान से मवाद निकलने लगता है। गले में संक्रमण की वजह से टांसिल से पीड़ित भी आ रहे हैं। बताया कि रोजाना 250 से 300 मरीज कान व गले में संक्रमण के पहुंच रहे हैं।
इनसेट
चिकित्सक ने सावधानी बरतने की सलाह
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. विवेक सिंह ने बताया कि एक्यूट ओटिटिस मीडिया (मध्य कान का संक्रमण) से बचाव के लिए कान में तेज दर्द होता है। दर्द होते ही चिकित्सक को दिखाना चाहिए। क्योंकि यह संक्रमित बीमारी कान के पर्दे को फाड़ सकती है और सुनने की क्षमता को बाधित कर सकती है। सर्दी जुकाम से बचाव करना चाहिए। लंबे समय तक सर्दी जुकाम के साथ कान में दर्द होने पर चिकित्सीय सलाह लेना चाहिए।
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फोटो-29- ओपीडी में चिकित्सक कक्ष के बार लगी मरीजों की लाइन। संवादरोजाना
- जिला अस्पताल में रोजाना 250 से 300 मरीज कान व गले में संक्रमण के पहुंच रहे
- मौसम में बदलाव से गले में भी संक्रमण व टांसिल के राेगी भी बढ़े
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मौसम में बदलाव होते ही बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। मेडिकल कॉलेज में नाक, कान व गला विभाग में इन दिनों मरीज कान और गले में संक्रमण की बीमारी को लेकर अधिक पहुंच रहे हैं।
कान में एक्यूट ओटिटिस मीडिया (मध्य कान का संक्रमण) के लक्षण के मामले अधिक आ रहे हैं। इसमें कान में तेज दर्द होने के साथ पर्दा फटने का डर बना रहता है। चिकित्सक ने विशेष सावधानी बरतने के साथ तत्काल इलाज कराने की सलाह दी है।
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सर्दी जुकाम और बुखार के साथ ही कान और गले में संक्रमण के मरीज काफी पहुंच रहे हैं। कान में संक्रमण के चलते पीड़ितों के कान में तेज दर्द होता है। इससे कान का पर्दा फटने का सबसे अधिक खतरा रहता है। ईएनटी विशेषज्ञ विवेक सिंह ने बताया कि सर्दी व जुकाम के साथ कान में एक्यूट ओटिटिस मीडिया के लक्षण पाए जा रहे हैं।
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एक्यूट ओटिटिस मीडिया वायरस या बैक्टीरिया के संक्रमण से होता है, यह किसी भी उम्र में हो सकता है। इस बीमारी में कान दर्द होता है और श्रवण क्षमता कम हो जाती है। छोटे बच्चों में बुखार, मतली, उल्टी और दस्त की समस्या उत्पन्न हो जाती है। कान का फूला हुआ ईयरड्रम भी फट जाता है और कान से मवाद निकलने लगता है। गले में संक्रमण की वजह से टांसिल से पीड़ित भी आ रहे हैं। बताया कि रोजाना 250 से 300 मरीज कान व गले में संक्रमण के पहुंच रहे हैं।
इनसेट
चिकित्सक ने सावधानी बरतने की सलाह
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. विवेक सिंह ने बताया कि एक्यूट ओटिटिस मीडिया (मध्य कान का संक्रमण) से बचाव के लिए कान में तेज दर्द होता है। दर्द होते ही चिकित्सक को दिखाना चाहिए। क्योंकि यह संक्रमित बीमारी कान के पर्दे को फाड़ सकती है और सुनने की क्षमता को बाधित कर सकती है। सर्दी जुकाम से बचाव करना चाहिए। लंबे समय तक सर्दी जुकाम के साथ कान में दर्द होने पर चिकित्सीय सलाह लेना चाहिए।