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बीहड़ के भागी में जिले के राहुल ने वेब सीरीज में दिखाया जलवा
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फोटो-14-बीहड़ के भागी वेबसीरिज के दौरान शूटिंग करते राहुल चौहान। संवाद
- फोटो : HARDOI
हरदोई। चित्रकूट के जंगलों में डकैतों की असल जिंदगी पर बनी वेब सीरीज दो दिन पूर्व एमएक्स प्लेयर पर रिलीज की गई। जिले के अभिनेता राहुल चौहान के दया बाबा के किरदार ने युवाओं में एक बार फिर कुछ नया करने की प्रेरणा जागृत कर दी है। इसके बाद फिर से अभिनय के क्षेत्र में जिला चमकता नजर आ रहा है।
शहर के बोर्डिंग हाउस निवासी अभिनेता राहुल चौहान बताते हैं कि एमएक्स प्लेयर ने दर्र्शकों के लिए बीहड़ का बागी वेबसीरीज लांच की है। इसमें चित्रकूट के जंगलों में छिपे राज को बाहर निकालने की कोशिश की गई है। वेबसीरीज में मुख्य किरदार दिलीप आर्य निभा रहे हैं। उन्होंने इसमें दया बाबा का किरदार निभाया है। कहानी साल 1998 से शुरू होती है।
बुंदेलखंड के चित्रकूट के रहने वाले सीधे साधे आदमी शिवकुमार के पिता और बहन को गांव के दबंग लोग दिनदहाड़े काटकर मार देते हैं। इसके बाद शिवकुमार डाकुओं के गैंग से मिल जाता है। इन्हीं डाकुओं में अहम किरदार उन्होंने दया बाबा के रूप में निभाया है जिसे काफी सराहा गया है। फिल्म राझना, शोरगुल, तनु वेड्स मनु रिटर्न में भी राहुल चौहान ने अभिनय का मौका प्राप्त किया। फिल्म शुभ मंगल सावधान के मुख्य किरदार में अभिनेता आयुष्मान खुराना के साथ राहुल चौहान के किरदार को खूब प्रशंसा मिली।
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राहुल चौहान ने बताया कि उन्होंने कई नाटकों का मंचन किया। उन्होंने 1992 में संस्कार भारतीय के लिए एक साल थिएटर में कार्य किया। इस दौरान स्वर्ग के तीन द्वार नाटक का सफल मंचन भी उनके द्वारा किया गया। भारतेन्दुु् नाट्य अकादमी लखनऊ से सन 1994 में दो वर्षीय पूर्ण कालिक डिप्लोमा पूरा करने के बाद व्यवसायिक रुप से थिएटर के क्षेत्र में काफी लंबे समय तक कार्य किया।
वर्ष 2000 में बालाजी टेलीफिल्म के कसम सीरियल में उनको अहम किरदार में बड़े परदे पर लोगों ने देखा। इसके बाद उन्होंने कुछ लघु फिल्में भी कीं। 2001 में आई फिल्म साथिया में भी उन्हें अभिनय का मौका मिला। इसी बीच पारिवारिक कारणों के चलते उन्हें अचानक मुंबई से हरदोई वापस लौटना पड़ा, लेकिन उन्होंने अभिनय से अपने को अलग नहीं कर पाया और फिर से 2009 में संघर्ष करते हुए मुंबई का रुख किया। इसके बाद उनकी लगातार कई फिल्में आईं। इनमें अलग-अलग किरदारों में नजर आए। फिल्म तनु वेड्स मनू और उसके बाद 2010 में आई फिल्म इश्कजादे में उनके अभिनय को लोगों ने खूब सराहा।
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शहर के बोर्डिंग हाउस निवासी अभिनेता राहुल चौहान बताते हैं कि एमएक्स प्लेयर ने दर्र्शकों के लिए बीहड़ का बागी वेबसीरीज लांच की है। इसमें चित्रकूट के जंगलों में छिपे राज को बाहर निकालने की कोशिश की गई है। वेबसीरीज में मुख्य किरदार दिलीप आर्य निभा रहे हैं। उन्होंने इसमें दया बाबा का किरदार निभाया है। कहानी साल 1998 से शुरू होती है।
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बुंदेलखंड के चित्रकूट के रहने वाले सीधे साधे आदमी शिवकुमार के पिता और बहन को गांव के दबंग लोग दिनदहाड़े काटकर मार देते हैं। इसके बाद शिवकुमार डाकुओं के गैंग से मिल जाता है। इन्हीं डाकुओं में अहम किरदार उन्होंने दया बाबा के रूप में निभाया है जिसे काफी सराहा गया है। फिल्म राझना, शोरगुल, तनु वेड्स मनु रिटर्न में भी राहुल चौहान ने अभिनय का मौका प्राप्त किया। फिल्म शुभ मंगल सावधान के मुख्य किरदार में अभिनेता आयुष्मान खुराना के साथ राहुल चौहान के किरदार को खूब प्रशंसा मिली।
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राहुल चौहान ने बताया कि उन्होंने कई नाटकों का मंचन किया। उन्होंने 1992 में संस्कार भारतीय के लिए एक साल थिएटर में कार्य किया। इस दौरान स्वर्ग के तीन द्वार नाटक का सफल मंचन भी उनके द्वारा किया गया। भारतेन्दुु् नाट्य अकादमी लखनऊ से सन 1994 में दो वर्षीय पूर्ण कालिक डिप्लोमा पूरा करने के बाद व्यवसायिक रुप से थिएटर के क्षेत्र में काफी लंबे समय तक कार्य किया।
वर्ष 2000 में बालाजी टेलीफिल्म के कसम सीरियल में उनको अहम किरदार में बड़े परदे पर लोगों ने देखा। इसके बाद उन्होंने कुछ लघु फिल्में भी कीं। 2001 में आई फिल्म साथिया में भी उन्हें अभिनय का मौका मिला। इसी बीच पारिवारिक कारणों के चलते उन्हें अचानक मुंबई से हरदोई वापस लौटना पड़ा, लेकिन उन्होंने अभिनय से अपने को अलग नहीं कर पाया और फिर से 2009 में संघर्ष करते हुए मुंबई का रुख किया। इसके बाद उनकी लगातार कई फिल्में आईं। इनमें अलग-अलग किरदारों में नजर आए। फिल्म तनु वेड्स मनू और उसके बाद 2010 में आई फिल्म इश्कजादे में उनके अभिनय को लोगों ने खूब सराहा।