{"_id":"68179ffc28a91d75410793d4","slug":"in-future-uppcl-should-not-be-nominated-as-the-working-agency-for-construction-hardoi-news-c-213-1-hra1001-130729-2025-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: भविष्य में यूपीपीसीएल को निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था नामित न किया जाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: भविष्य में यूपीपीसीएल को निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था नामित न किया जाए
विज्ञापन
हरदोई। निर्धारित समय में काम पूरा न कर पाना यूपीपीसीएल लखनऊ की यूनिट-8 को भारी पड़ गया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने तय समय सीमा में काम पूरा न करा पाने पर भविष्य में यूपीपीसीएल यूनिट-8 को कार्यदायी संस्था नामित न किए जाने की शासन से संस्तुति कर दी। डीएम ने सिंचाई और जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर कार्रवाई की भी संस्तुति की है।
जिले में करीब 35 करोड़ रुपये के कामों को कराने की जिम्मेदारी उप्र प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लि. निर्माण इकाई-8 (यूपीपीसीएल) को मिली है। अनुबंध के अनुसार यह काम अब तक पूरे हो जाने चाहिए थे। कामों को तय समय में पूरा न करा पाने पर अमर उजाला ने तीन मई को ‘निर्धारित समय में एक भी काम पूरा न करा पाया यूपीपीसीएल’ शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित की थी। जिलाधिकारी ने खबर का संज्ञान लिया और यूपीपीसीएल के माध्यम से कराए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। पता चला कि निर्धारित समय में निर्माण न होने से आमजन को असुविधा हो रही है। काम समय से पूरा न होने से जिले की स्थिति भी पिछड़ी है। काम की लागत भी बढ़ने की आशंका है।
साल 2021-22 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में मोहम्मदपुर में पांच करोड़, 29 लाख रुपये से बीज भंडारण के लिए गोदाम, नौ करोड़ 28 लाख से नव सृजित कोतवाली सवायजपुर में आवासीय भवन, 15 करोड़ छह लाख से भदैचा में राजकीय आयुष चिकित्सालय, परिवहन निगम के बस स्टैंड में दो करोड़ 74 लाख रुपये से शाहाबाद और एक करोड़ 92 लाख रुपये से पाली में काम होना था। यह सभी काम अब तक पूरे हो जाने चाहिए थे, लेकिन पूरे नहीं हो पाए।
विज्ञापन
--
यूपीपीसीएल के पास करीब 35 करोड़ रुपये के काम हैं। निविदा प्रक्रिया और अनुबंध के अनुसार सभी कामों की तय समय सीमा निकल गई है। छह काम अभी तक पूरे नहीं हो पाए। इससे जिले की स्थिति पिछड़ी है। आमजन को भी सुविधा और सहूलियत नहीं मिल पा रही है। यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक को सुधार की चेतावनी दी गई है। -मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी
विज्ञापन
जिले में करीब 35 करोड़ रुपये के कामों को कराने की जिम्मेदारी उप्र प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लि. निर्माण इकाई-8 (यूपीपीसीएल) को मिली है। अनुबंध के अनुसार यह काम अब तक पूरे हो जाने चाहिए थे। कामों को तय समय में पूरा न करा पाने पर अमर उजाला ने तीन मई को ‘निर्धारित समय में एक भी काम पूरा न करा पाया यूपीपीसीएल’ शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित की थी। जिलाधिकारी ने खबर का संज्ञान लिया और यूपीपीसीएल के माध्यम से कराए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। पता चला कि निर्धारित समय में निर्माण न होने से आमजन को असुविधा हो रही है। काम समय से पूरा न होने से जिले की स्थिति भी पिछड़ी है। काम की लागत भी बढ़ने की आशंका है।
विज्ञापन
साल 2021-22 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में मोहम्मदपुर में पांच करोड़, 29 लाख रुपये से बीज भंडारण के लिए गोदाम, नौ करोड़ 28 लाख से नव सृजित कोतवाली सवायजपुर में आवासीय भवन, 15 करोड़ छह लाख से भदैचा में राजकीय आयुष चिकित्सालय, परिवहन निगम के बस स्टैंड में दो करोड़ 74 लाख रुपये से शाहाबाद और एक करोड़ 92 लाख रुपये से पाली में काम होना था। यह सभी काम अब तक पूरे हो जाने चाहिए थे, लेकिन पूरे नहीं हो पाए।
विज्ञापन
यूपीपीसीएल के पास करीब 35 करोड़ रुपये के काम हैं। निविदा प्रक्रिया और अनुबंध के अनुसार सभी कामों की तय समय सीमा निकल गई है। छह काम अभी तक पूरे नहीं हो पाए। इससे जिले की स्थिति पिछड़ी है। आमजन को भी सुविधा और सहूलियत नहीं मिल पा रही है। यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक को सुधार की चेतावनी दी गई है। -मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी