{"_id":"552875a7ae2946d21c6fc7a80f61a2cb","slug":"immersed-in-the-pond-child-death-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तालाब में बालक डूबा, मौत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तालाब में बालक डूबा, मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 14 Jul 2015 12:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ईद की तैयारियां कर रहे एक मुसलिम परिवार में उस वक्त
विज्ञापन
मातम छा गया, जब उनके 12 साल बालक की तालाब में डूबने मौत हो गई। बालक के
मरने की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। उधर, बालक की मौत से
मोहल्ले में भी शोक छा गया।
कसबे के मोहल्ला बंजारी सराय (मिश्राना) निवासी वली मोहम्मद का बारह वर्षीय पुत्र फुरकान सोमवार को घर से भैंस चराने निकला था। इस दौरान फुरकान ने तालाब में भैंस को नहलाया और फिर खुद भी नहाने तालाब में घुस गया। बारिश से बढ़े तालाब के पानी में उसे अंदाजा नहीं लग सका और वह बीच तालाब में पहुंचते ही गोते खाने लगे।
इससे पहले कि लोग कुछ समझते डूब कर फुरकान की मौत हो चुकी थी। खबर मिलते ही परिजनों में मातम छा गया। फुरकान पास के ही एक मदरसे में शिक्षा ग्रहण करता था। उसकी मौत से उसके मदरसे के साथी छात्रों में भी शोक छा गया। देर शाम बालक के शव को सुपुर्द-ए-खाक करने की तैयारियां की जा रही थीं।
उधर, ईद पर पसंद के नए कपड़े पहनने की तमन्ना लिए फुरकान दुनिया से चला गया। परिजनों के अनुसार, इस बार फुरकान ईद को लेकर काफी उत्साहित था। वह अपने लिए पहली बार स्वयं के पसंद किए कपड़े खरीद कर लाया था। नए कपड़े पहनने के लिए वह रोज ईद आने में बचे दिन पूछता था।
कसबे के मोहल्ला बंजारी सराय (मिश्राना) निवासी वली मोहम्मद का बारह वर्षीय पुत्र फुरकान सोमवार को घर से भैंस चराने निकला था। इस दौरान फुरकान ने तालाब में भैंस को नहलाया और फिर खुद भी नहाने तालाब में घुस गया। बारिश से बढ़े तालाब के पानी में उसे अंदाजा नहीं लग सका और वह बीच तालाब में पहुंचते ही गोते खाने लगे।
इससे पहले कि लोग कुछ समझते डूब कर फुरकान की मौत हो चुकी थी। खबर मिलते ही परिजनों में मातम छा गया। फुरकान पास के ही एक मदरसे में शिक्षा ग्रहण करता था। उसकी मौत से उसके मदरसे के साथी छात्रों में भी शोक छा गया। देर शाम बालक के शव को सुपुर्द-ए-खाक करने की तैयारियां की जा रही थीं।
उधर, ईद पर पसंद के नए कपड़े पहनने की तमन्ना लिए फुरकान दुनिया से चला गया। परिजनों के अनुसार, इस बार फुरकान ईद को लेकर काफी उत्साहित था। वह अपने लिए पहली बार स्वयं के पसंद किए कपड़े खरीद कर लाया था। नए कपड़े पहनने के लिए वह रोज ईद आने में बचे दिन पूछता था।