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खास खबर : नियम की अनदेखी कर सामग्री की खरीद में लुटाए रुपये
Mon, 24 Mar 2025 11:30 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Mon, 24 Mar 2025 11:30 PM IST
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- टड़ियावां की 68 ग्राम पंचायतों में से 19 में की गई मनमानी
- मजदूरी और सामग्री अनुपात में गड़बड़ी पर पक्के कार्यों के ई-मस्टर रोल पर रोक
- तत्कालीन बीडीओ से मांगा गया जवाब, परीक्षण के बाद तय की जाएगी जवाबदेही
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मनरेगा को जिम्मेदारों ने ही खिलवाड़ बना दिया है। विकास खंड टड़ियावां की 68 ग्राम पंचायतों में 19 ग्राम पंचायतों में नियम की अनदेखी कर सामग्री के मद में रुपये लुटाए गए हैं। चालू वित्तीय वर्ष में इन ग्राम पंचायतों में मजदूरी से अधिक सामग्री पर खर्च का मामला सामने आने पर तत्कालीन जिम्मेदारों से जबाब मांगा गया है।
मनरेगा में खर्च होने वाले रुपये में श्रम और सामग्री के लिए अनुपात तय है। ग्रामीण और पंचायतीराज मंत्रालय ने मनरेगा में कुल खर्च में 60 प्रतिशत श्रम (मजदूरी) और अधिकतम 40 प्रतिशत सामग्री पर खर्च किए जाने की बाध्यता दी है। विकास खंड टड़ियावां में चालू वित्तीय वर्ष में जिम्मेदारों ने स्वीकृतियों में ही नहीं, खर्च में भी मनमानी की है। 19 ग्राम पंचायतों में सामग्री के मद में 40 प्रतिशत से अधिक खर्च कर दिया है। जिससे श्रम और सामग्री का अनुपात गड़बड़ा गया है। लेखाकार और कार्यक्रम अधिकारी ने श्रम और सामग्री का अनुपात देखे बिना ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी।
सीडीओ सौम्या गुरूरानी ने बताया कि टड़ियावां में मनरेगा मद में भुगतान में मनमानी सामने आई है। सामग्री के मद में अधिक भुगतान की जाने वाली ग्राम पंचायतों में अब मजदूरी दिए जाने वाले कामों को ही वरीयता देने की जिम्मेदारी कार्यक्रम अधिकारी को सौंपी गई है।
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इन ग्राम पंचायतों में सामग्री पर खर्च किए गए अधिक रुपये
मनरेगा वेबपोर्टल और ब्लॉक की ओर से जिले को दी गई खर्च की रिपोर्ट में 19 ग्राम पंचायतों में मजदूरी से अधिक सामग्री पर खर्च किया गया है। जिसमें हर्रई, पाला, हरिहरपुर, बेहटा चांद, नानकगंज ग्रंट, आदमपुर, बहर, महमदापुर, रावल, पुरवा देवरिया, साखिन रमुआपुर, रामनगर, लिलवल, कुआंमऊ सेमरौली, कोटरा, कालाआम, जयराजपुर, अमराई, अमेठिया मानसिंह आदि शामिल हैं।
डीएचओ की भी तय होगी जवाबदेही
विकास खंड टड़ियावां में बीडीओ के प्रभार से हटाए गए डीएचओ (जिला उद्यान अधिकारी) सुभाष चंद्र पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। मनरेगा मद में भुगतान ही नहीं स्वीकृतियों में भी मनमानी की है। 68 ग्राम पंचायतों में से 35 ग्राम पंचायतों में बड़ी मात्रा में स्वीकृतियां दी गई हैं। जिससे श्रम और सामग्री अनुपात में गड़बड़ा गया है।
कोट
भुगतान और स्वीकृति में गड़बड़ी पर डीएचओ से बीडीओ का प्रभार हटा दिया है। गड़बड़ी पर जवाब मांगा है। जवाब आने पर परीक्षण के बाद जवाबदेही और कार्रवाई तय की जाएगी। 35 ग्राम पंचायतों में भी पक्के कार्यों के ई-मस्टर रोल जारी किए जाने पर रोक लगा दी गई है।-मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी
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- मजदूरी और सामग्री अनुपात में गड़बड़ी पर पक्के कार्यों के ई-मस्टर रोल पर रोक
- तत्कालीन बीडीओ से मांगा गया जवाब, परीक्षण के बाद तय की जाएगी जवाबदेही
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मनरेगा को जिम्मेदारों ने ही खिलवाड़ बना दिया है। विकास खंड टड़ियावां की 68 ग्राम पंचायतों में 19 ग्राम पंचायतों में नियम की अनदेखी कर सामग्री के मद में रुपये लुटाए गए हैं। चालू वित्तीय वर्ष में इन ग्राम पंचायतों में मजदूरी से अधिक सामग्री पर खर्च का मामला सामने आने पर तत्कालीन जिम्मेदारों से जबाब मांगा गया है।
मनरेगा में खर्च होने वाले रुपये में श्रम और सामग्री के लिए अनुपात तय है। ग्रामीण और पंचायतीराज मंत्रालय ने मनरेगा में कुल खर्च में 60 प्रतिशत श्रम (मजदूरी) और अधिकतम 40 प्रतिशत सामग्री पर खर्च किए जाने की बाध्यता दी है। विकास खंड टड़ियावां में चालू वित्तीय वर्ष में जिम्मेदारों ने स्वीकृतियों में ही नहीं, खर्च में भी मनमानी की है। 19 ग्राम पंचायतों में सामग्री के मद में 40 प्रतिशत से अधिक खर्च कर दिया है। जिससे श्रम और सामग्री का अनुपात गड़बड़ा गया है। लेखाकार और कार्यक्रम अधिकारी ने श्रम और सामग्री का अनुपात देखे बिना ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी।
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सीडीओ सौम्या गुरूरानी ने बताया कि टड़ियावां में मनरेगा मद में भुगतान में मनमानी सामने आई है। सामग्री के मद में अधिक भुगतान की जाने वाली ग्राम पंचायतों में अब मजदूरी दिए जाने वाले कामों को ही वरीयता देने की जिम्मेदारी कार्यक्रम अधिकारी को सौंपी गई है।
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इन ग्राम पंचायतों में सामग्री पर खर्च किए गए अधिक रुपये
मनरेगा वेबपोर्टल और ब्लॉक की ओर से जिले को दी गई खर्च की रिपोर्ट में 19 ग्राम पंचायतों में मजदूरी से अधिक सामग्री पर खर्च किया गया है। जिसमें हर्रई, पाला, हरिहरपुर, बेहटा चांद, नानकगंज ग्रंट, आदमपुर, बहर, महमदापुर, रावल, पुरवा देवरिया, साखिन रमुआपुर, रामनगर, लिलवल, कुआंमऊ सेमरौली, कोटरा, कालाआम, जयराजपुर, अमराई, अमेठिया मानसिंह आदि शामिल हैं।
डीएचओ की भी तय होगी जवाबदेही
विकास खंड टड़ियावां में बीडीओ के प्रभार से हटाए गए डीएचओ (जिला उद्यान अधिकारी) सुभाष चंद्र पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। मनरेगा मद में भुगतान ही नहीं स्वीकृतियों में भी मनमानी की है। 68 ग्राम पंचायतों में से 35 ग्राम पंचायतों में बड़ी मात्रा में स्वीकृतियां दी गई हैं। जिससे श्रम और सामग्री अनुपात में गड़बड़ा गया है।
कोट
भुगतान और स्वीकृति में गड़बड़ी पर डीएचओ से बीडीओ का प्रभार हटा दिया है। गड़बड़ी पर जवाब मांगा है। जवाब आने पर परीक्षण के बाद जवाबदेही और कार्रवाई तय की जाएगी। 35 ग्राम पंचायतों में भी पक्के कार्यों के ई-मस्टर रोल जारी किए जाने पर रोक लगा दी गई है।-मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी