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साहब मेरा आशिक सऊदी अरब से ला दो
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Mon, 02 May 2016 11:52 PM IST
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एडीएम को ज्ञापन देते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। सऊदी अरब के शहर जेद्दा जेल में बंद अपने बेटे को रिहा कराकर भारत लाने की खातिर नानकगंज निवासी लियाकत अली ने सोमवार को अपर जिलाधिकारी से फरियाद की है। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा। कोतवाली देहात क्षेत्र के नानकगंज रज्जुपुरवा के रहने वाले लियाकत अली रेलवे में गैंग मैन हैं।
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उन्होंने बताया कि उनका बड़ा बेटा आशिक अली 28 दिसंबर को उमरा करने सऊदी अरब गया था। इसके लिए उसे सऊदी अरब सरकार की ओर से आठ दिसंबर 2015 को 90 दिनों के लिए वीजा दिया गया था। बताया कि उमरा के बाद आशिक ने 21 जनवरी को स्वदेश वापसी के लिए टिकट भी करा रखा था।
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पिता लियाकत ने बताया कि उमरा की प्रक्रिया के बाद सऊदी अरब के शहर जेद्दा में काम कर रहे लखनऊ निवासी दोस्तों के यहां उसके ठहरने की खबर मिली थी। 17 जनवरी को जेद्दा पुलिस ने उसके पुत्र को गिरफ्तार कर लिया और उसे जेद्दा जेल में बंद कर दिया था। इस बीच उसका वापसी का टिकट और वीजा दोनों का समय खत्म हो गया।
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उसने बताया कि भारतीय दूतावास को भी अपनी परेशानी बताई लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। अपर जिलाधिकारी कुंज बिहारी अग्रवाल को पिता ने प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री को संबोधित ज्ञापन देकर अपने बेटे को भारत लाए जाने की फरियाद की है।
आशिक अली की पत्नी कुरैशा, बच्चे आसिफ, काशिफ, बेटी इमला के साथ साथ उसके पिता लियाकत व उसके भाई माशूक को अब भारत सरकार से ही उम्मीदें हैं। यदि वह दखल देगी तभी शायद उनका आशिक वापस लौट सकता है।