{"_id":"89e7b6da3101c305de2b268d8736ecb6","slug":"homage-on-the-death-anniversary-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाबूजी की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाबूजी की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Fri, 09 Jan 2015 11:40 PM IST
विज्ञापन
सीएसएन कालेज के संस्थापक और स्वतंत्रता सेनानी बाबू
विज्ञापन
मोहन लाल वर्मा की 36वीं पुण्य तिथि पर शुक्रवार को श्रद्धासुमन अर्पित कर
उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर चर्चा की और उनसे प्रेरणा लेने की बात
पदाधिकारियों ने कही। वहीं उनकी याद में बने स्मृति उपवन का भी उद्घाटन
किया गया।
विद्याराम वर्मा ने कहा कि बाबूजी छात्र जीवन से ही स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े थे। स्मृति समिति के सचिव भरत सिंह ने कहा कि जिस समय जिले में उच्च शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी, उस समय बाबूजी ने सीएसएन कालेज की स्थापना की। डा. नरेश चंद शुक्ल ने कहा कि बाबूजी 1948 से 1952 तक विधान परिषद सदस्य, 1953 से 56 तक असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर रहे।
अखिलेश बाजपेई ने बताया कि बाबू जी ने 1958 में केन आई हास्पिटल, 1959 में श्रीराम बाजपेई स्मारक विद्यालय, फिर सीएसएन कालेज की स्थापना की। पद्मा मोहन, साधना वर्मा, संध्या कटियार ने कहा कि 1930 में बाबू जी जब कक्षा 10 के विद्यार्थी थे, तभी प्रथम बार नमक सत्याग्रह में गिरफ्तार किए गए।
इसके अलावा डा. महेंद्र वर्मा, महेंद्र कटियार, डा. संदीप सिन्हा, डा. डीएस यादव ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर राजनीति विज्ञान की एमए प्रथम वर्ष की छात्रा अंकिता देवी को एक हजार रुपये की मोहनलाल वर्मा स्मृति छात्रवृत्ति राधे मोहन द्वारा प्रदान की गई।
विद्याराम वर्मा ने कहा कि बाबूजी छात्र जीवन से ही स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े थे। स्मृति समिति के सचिव भरत सिंह ने कहा कि जिस समय जिले में उच्च शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी, उस समय बाबूजी ने सीएसएन कालेज की स्थापना की। डा. नरेश चंद शुक्ल ने कहा कि बाबूजी 1948 से 1952 तक विधान परिषद सदस्य, 1953 से 56 तक असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर रहे।
अखिलेश बाजपेई ने बताया कि बाबू जी ने 1958 में केन आई हास्पिटल, 1959 में श्रीराम बाजपेई स्मारक विद्यालय, फिर सीएसएन कालेज की स्थापना की। पद्मा मोहन, साधना वर्मा, संध्या कटियार ने कहा कि 1930 में बाबू जी जब कक्षा 10 के विद्यार्थी थे, तभी प्रथम बार नमक सत्याग्रह में गिरफ्तार किए गए।
इसके अलावा डा. महेंद्र वर्मा, महेंद्र कटियार, डा. संदीप सिन्हा, डा. डीएस यादव ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर राजनीति विज्ञान की एमए प्रथम वर्ष की छात्रा अंकिता देवी को एक हजार रुपये की मोहनलाल वर्मा स्मृति छात्रवृत्ति राधे मोहन द्वारा प्रदान की गई।