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Hardoi News: इस्राइल में भवनों की मरम्मत और निर्माण करेंगे हरदोई के राजमिस्त्री
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हरदोई। युद्धग्रस्त इस्राइल में भवनों, स्मारकों की मरम्मत और निर्माण में हरदोई के राजमिस्त्री भी अपना योगदान देंगे। भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की ओर से श्रमिकों का पंजीकरण शुरू किया गया है। अभी तक 32 श्रमिकों ने पंजीकरण कराया है जबकि 16 ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर क दिए हैं।
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के तहत काम देख रही एजेंसी इंटरनेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के माध्यम से सहमति देने वाले श्रमिकों को इस्राइज भेजा जाएगा। इस्राइल में सुरक्षित स्थानों पर भवन निर्माण, मरम्मत के लिए राजमिस्त्री, टाइल्स, शटरिंग और जाल बनाने वाले श्रमिकों से आवेदन लिए जा रहे हैं। भवन निर्माण, बढ़ईगिरी, शटरिंग और आयरन बेल्डिंग की ट्रेड के श्रमिकों को इस्राइल में कौशल दिखाने का मौका मिलेगा। श्रम विभाग की ओर से राष्ट्रीय कौशल विकास कॉरपोरेशन के माध्यम से श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं।
श्रमिकों को वेतन-भत्ता कर रहा आकर्षित
इस्रायल में काम करने वाले श्रमिकों को भारतीय मुद्रा में करीब 1,25,000 रुपये वेतन प्रतिमाह नकद प्राप्त होगा जबकि 15,000 रुपये प्रतिमाह बोनस, फंड के रूप में दिए जाएंगे। बोनस, फंड की राशि कंपनी के खाते में जमा होगी और काम पूरा होने पर श्रमिक को वापस कर दी जाएगी। इस्राइल में मिलने वाले वेतन-भत्ता यहां के श्रमिकों को आकर्षित कर रहे हैं।
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आयु 21-45 साल के मध्य होनी जरूरी
इस्राइल जाने वाले श्रमिकों को चार ट्रेड में दक्ष होना अनिवार्य है। पासपोर्ट अनिवार्य किया गया है। आयु 21-45 साल के मध्य होनी चाहिए। अपनी ट्रेड का कम से कम तीन साल का अनुभव होना चाहिए। श्रमिक को एक बार में एक साल से पांच साल तक की सेवा देनी अनिवार्य है।
इस्राइल जाने वाले श्रमिकों के पंजीकरण के साथ ही उनसे सहमति पत्र भी ऑनलाइन भराए जा रहे हैं। अब तक सहमति पत्र भरने वाले श्रमिकों में अधिसंख्य राजमिस्त्री शामिल हैं। इन लोगों के पास अभी पासपोर्ट नहीं हैं। ऐसे में सरकार के दिशा-निर्देशों का इंतजार है। पासपोर्ट के लिए विभाग को जो जिम्मेदारी सौंपी जाएगी उसे पूरा किया जाए, ताकि श्रमिक अपनी दक्षता के अनुसार कौशल विकास के दम पर विदेश में काम कर आय में बढ़ोतरी कर सकें।
- आदित्य प्रकाश सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी
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कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के तहत काम देख रही एजेंसी इंटरनेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के माध्यम से सहमति देने वाले श्रमिकों को इस्राइज भेजा जाएगा। इस्राइल में सुरक्षित स्थानों पर भवन निर्माण, मरम्मत के लिए राजमिस्त्री, टाइल्स, शटरिंग और जाल बनाने वाले श्रमिकों से आवेदन लिए जा रहे हैं। भवन निर्माण, बढ़ईगिरी, शटरिंग और आयरन बेल्डिंग की ट्रेड के श्रमिकों को इस्राइल में कौशल दिखाने का मौका मिलेगा। श्रम विभाग की ओर से राष्ट्रीय कौशल विकास कॉरपोरेशन के माध्यम से श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं।
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श्रमिकों को वेतन-भत्ता कर रहा आकर्षित
इस्रायल में काम करने वाले श्रमिकों को भारतीय मुद्रा में करीब 1,25,000 रुपये वेतन प्रतिमाह नकद प्राप्त होगा जबकि 15,000 रुपये प्रतिमाह बोनस, फंड के रूप में दिए जाएंगे। बोनस, फंड की राशि कंपनी के खाते में जमा होगी और काम पूरा होने पर श्रमिक को वापस कर दी जाएगी। इस्राइल में मिलने वाले वेतन-भत्ता यहां के श्रमिकों को आकर्षित कर रहे हैं।
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आयु 21-45 साल के मध्य होनी जरूरी
इस्राइल जाने वाले श्रमिकों को चार ट्रेड में दक्ष होना अनिवार्य है। पासपोर्ट अनिवार्य किया गया है। आयु 21-45 साल के मध्य होनी चाहिए। अपनी ट्रेड का कम से कम तीन साल का अनुभव होना चाहिए। श्रमिक को एक बार में एक साल से पांच साल तक की सेवा देनी अनिवार्य है।
इस्राइल जाने वाले श्रमिकों के पंजीकरण के साथ ही उनसे सहमति पत्र भी ऑनलाइन भराए जा रहे हैं। अब तक सहमति पत्र भरने वाले श्रमिकों में अधिसंख्य राजमिस्त्री शामिल हैं। इन लोगों के पास अभी पासपोर्ट नहीं हैं। ऐसे में सरकार के दिशा-निर्देशों का इंतजार है। पासपोर्ट के लिए विभाग को जो जिम्मेदारी सौंपी जाएगी उसे पूरा किया जाए, ताकि श्रमिक अपनी दक्षता के अनुसार कौशल विकास के दम पर विदेश में काम कर आय में बढ़ोतरी कर सकें।
- आदित्य प्रकाश सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी