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हरदोईः जिम्मेदार ही बेपरवाह कौन करें भूगर्भ की चिंता
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हरदोई। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत एक तरफ तालाबों की खोदाई कराई जा रही है, लेकिन सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट की स्थापना तक नहीं कराई गई है।
सरकारी भवनों में वर्षा जल संचयन के लिए प्लांट स्थापित करने के निर्देश हैं, लेकिन अधिकारियों ने इसे तवज्जो नहीं दी। पूरे जिले की तो बात छोड़िए, जिला मुख्यालय पर भी कई जिला स्तरीय अधिकारियों के कार्यालयों के भवन में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट स्थापित नहीं है।
बारिश के पानी को भूगर्भ में सुरक्षित कर भूगर्भ जल स्तर को बढ़ाने की मुहिम सरकारी भवनों में भी दम तोड़ चुकी है। जल संकट से बचने के लिए सभी सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगवाने के निर्देश शासन ने दिए थे।
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इसके साथ ही आम नागरिकों को भी इस बात के लिए प्रेरित करने को कहा गया था कि वह घर-मकानों के निर्माण के समय रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट भी स्थापित कराएं। ताकि भूगर्भ में वर्षा के जल को संजोया जा सके।
शासन की यह मंशा सरकारी भवनों में ही दम तोड़ गई। लिहाजा, लोगों ने भी घरों में प्लांट लगाने में कोई विशेष रुचि नहीं ली। जिला कोषागार कार्यालय, मुख्य डाकघर, बीएसएनएल समेत कई सरकारी और अर्द्ध सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया नहीं गया है।
सूख रही कोख
बारिश के पानी को भूगर्भ में संजोने की व्यवस्था पर बेहतर काम न होने की वजह से जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। हैंडपंप व सबमर्सिबल के लिए बोरिंग का काम करने वाले सूरज गुप्ता ने बताया कि शहर के कई हिस्सों में पानी काफी नीचे मिलता है। करीब 10 वर्ष पहले तक 85 से 90 फिट की बोरिंग पर पानी मिल जाता था। लेकिन अब 180 से 220 फिट तक बोरिंग करनी पड़ रही है। कई इलाकों में इससे भी ज्यादा गहराई में पानी मिल पा रहा है।
वर्जन
हमारा जिला सुरक्षित जोन में है। भूगर्भ जल का स्तर लगभग आठ मीटर है। जिले में कई जलाशयों व अन्य प्राकृतिक संसाधनों की मौजूदगी की वजह से यहां के ज्यादातर इलाकों का भूगर्भ जल स्तर संतुलित रहता है।
इसके अलावा जिले के कुल 90 पूर्ण सरकारी कार्यालयों में से 71 कार्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। अर्ध सरकारी कार्यालयों व स्कूल-कॉलेजों के भवनों में भी यह कार्य तेजी से चल रहा है। - धर्मेंद्र सिंह, सहायक अभियंता लघु सिंचाई, हरदोई
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सरकारी भवनों में वर्षा जल संचयन के लिए प्लांट स्थापित करने के निर्देश हैं, लेकिन अधिकारियों ने इसे तवज्जो नहीं दी। पूरे जिले की तो बात छोड़िए, जिला मुख्यालय पर भी कई जिला स्तरीय अधिकारियों के कार्यालयों के भवन में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट स्थापित नहीं है।
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बारिश के पानी को भूगर्भ में सुरक्षित कर भूगर्भ जल स्तर को बढ़ाने की मुहिम सरकारी भवनों में भी दम तोड़ चुकी है। जल संकट से बचने के लिए सभी सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगवाने के निर्देश शासन ने दिए थे।
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इसके साथ ही आम नागरिकों को भी इस बात के लिए प्रेरित करने को कहा गया था कि वह घर-मकानों के निर्माण के समय रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट भी स्थापित कराएं। ताकि भूगर्भ में वर्षा के जल को संजोया जा सके।
शासन की यह मंशा सरकारी भवनों में ही दम तोड़ गई। लिहाजा, लोगों ने भी घरों में प्लांट लगाने में कोई विशेष रुचि नहीं ली। जिला कोषागार कार्यालय, मुख्य डाकघर, बीएसएनएल समेत कई सरकारी और अर्द्ध सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया नहीं गया है।
सूख रही कोख
बारिश के पानी को भूगर्भ में संजोने की व्यवस्था पर बेहतर काम न होने की वजह से जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। हैंडपंप व सबमर्सिबल के लिए बोरिंग का काम करने वाले सूरज गुप्ता ने बताया कि शहर के कई हिस्सों में पानी काफी नीचे मिलता है। करीब 10 वर्ष पहले तक 85 से 90 फिट की बोरिंग पर पानी मिल जाता था। लेकिन अब 180 से 220 फिट तक बोरिंग करनी पड़ रही है। कई इलाकों में इससे भी ज्यादा गहराई में पानी मिल पा रहा है।
वर्जन
हमारा जिला सुरक्षित जोन में है। भूगर्भ जल का स्तर लगभग आठ मीटर है। जिले में कई जलाशयों व अन्य प्राकृतिक संसाधनों की मौजूदगी की वजह से यहां के ज्यादातर इलाकों का भूगर्भ जल स्तर संतुलित रहता है।
इसके अलावा जिले के कुल 90 पूर्ण सरकारी कार्यालयों में से 71 कार्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। अर्ध सरकारी कार्यालयों व स्कूल-कॉलेजों के भवनों में भी यह कार्य तेजी से चल रहा है। - धर्मेंद्र सिंह, सहायक अभियंता लघु सिंचाई, हरदोई

फोटो-15- मुख्य डाकघर- फोटो : HARDOI

फोटो-16- जिला कोषागार कार्यालय- फोटो : HARDOI