{"_id":"631236ac191d9a4f086410a6","slug":"hardoi-treatment-of-patients-on-beds-full-stretchers-and-benches-hardoi-news-knp7159115104","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरदोईः बेड फुल, स्ट्रेचर और बेंच पर मरीजों का इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरदोईः बेड फुल, स्ट्रेचर और बेंच पर मरीजों का इलाज
विज्ञापन
फोटो-03- जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी कक्ष में स्टेचर पर लेटे मरीज
- फोटो : HARDOI
हरदोई। मौसम बदलने से बीमारियां भी पांव पसार रहीं हैं। ऐसे में जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रहीं है। वार्डों में बेड फुल हो गए हैं। इमरजेंसी कक्ष में मरीज स्ट्रेचर और बेंच पर इलाज कराने को मजबूर हैं। अस्पताल प्रशासन अभी तक मरीजों को भर्ती करने के संसाधन नहीं जुटा सका है।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की सेवाएं पटरी से उतर रहीं हैं। यहां 184 बेड स्वीकृत हैं। मौसम बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का भी प्रकोप बढ़ा है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
इमरजेंसी कक्ष में भर्ती मरीजों का आंकड़ा प्रतिदिन 50 से 60 तक पहुंच रहा है। इमरजेंसी वार्ड के छह बेड मरीजों से फुल हो गए हैं। ऐसे में भर्ती होने के लिए आने वाले नए मरीजों को इमरजेंसी कक्ष में पहले स्ट्रेचर और बेंच पर लिटा कर इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन
इसके बाद जिस वार्ड में जगह मिल रहीं है। उस वार्ड में कर्मचारी मरीजों को शिफ्ट करा रहे हैं। हालत यह हैं कि भर्ती होने के बाद वार्डों तक पहुंचने के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
वर्जन
मौसमी बीमारियां बढ़ने से अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिससे अस्पताल के वार्डोँ में जगह नहीं है। डीएम के निर्देश पर नयागांव स्थित 100 बेड अस्पताल में यहां से मरीज रेफर किए जा रहे हैं। - डॉ. जेएन तिवारी, सीएमएस
नयागांव के अस्पताल में रेफर किए जा रहे मरीज
जिला अस्पताल के सभी वार्ड मरीजों से फुल हो गए हैं। यहां आने वाले नए मरीजों को जगह नहीं मिल रही है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन यहां से मरीजों को लखनऊ मार्ग पर नयागांव के पास संचालित 100 बेड अस्पताल रेफर कर रहा है। इलाज के लिए जिला अस्पताल आने के बाद मरीज को सात किलोमीटर दौड़ने पर ही इलाज मिल सकेगा।
इंतजार करो फिर इलाज कराओ
बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव निवासी पुष्पा (65) को बुखार आ रहा था। शुक्रवार सुबह परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। पुष्पा ने बताया कि इमरजेंसी कक्ष में भर्ती होने के बाद कर्मचारियों ने जगह न होने की बात कही।
इसके बाद बेंच पर ही इलाज शुरू कर दिया। एक घंटे बेंच पर ग्लूकोज की बोतल लगवाकर लेटना पड़ा। तब जाकर वार्ड में जगह मिली। यहीं दर्द बेनीगंज के बाजिदपुर निवासी रामसेवक का था। उसे डॉक्टर ने डेंगू होने की बात कहकर अस्पताल में व्यवस्था न होने का हवाला देकर रेफर कर दिया।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की सेवाएं पटरी से उतर रहीं हैं। यहां 184 बेड स्वीकृत हैं। मौसम बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का भी प्रकोप बढ़ा है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
विज्ञापन
इमरजेंसी कक्ष में भर्ती मरीजों का आंकड़ा प्रतिदिन 50 से 60 तक पहुंच रहा है। इमरजेंसी वार्ड के छह बेड मरीजों से फुल हो गए हैं। ऐसे में भर्ती होने के लिए आने वाले नए मरीजों को इमरजेंसी कक्ष में पहले स्ट्रेचर और बेंच पर लिटा कर इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन
इसके बाद जिस वार्ड में जगह मिल रहीं है। उस वार्ड में कर्मचारी मरीजों को शिफ्ट करा रहे हैं। हालत यह हैं कि भर्ती होने के बाद वार्डों तक पहुंचने के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
वर्जन
मौसमी बीमारियां बढ़ने से अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिससे अस्पताल के वार्डोँ में जगह नहीं है। डीएम के निर्देश पर नयागांव स्थित 100 बेड अस्पताल में यहां से मरीज रेफर किए जा रहे हैं। - डॉ. जेएन तिवारी, सीएमएस
नयागांव के अस्पताल में रेफर किए जा रहे मरीज
जिला अस्पताल के सभी वार्ड मरीजों से फुल हो गए हैं। यहां आने वाले नए मरीजों को जगह नहीं मिल रही है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन यहां से मरीजों को लखनऊ मार्ग पर नयागांव के पास संचालित 100 बेड अस्पताल रेफर कर रहा है। इलाज के लिए जिला अस्पताल आने के बाद मरीज को सात किलोमीटर दौड़ने पर ही इलाज मिल सकेगा।
इंतजार करो फिर इलाज कराओ
बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव निवासी पुष्पा (65) को बुखार आ रहा था। शुक्रवार सुबह परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। पुष्पा ने बताया कि इमरजेंसी कक्ष में भर्ती होने के बाद कर्मचारियों ने जगह न होने की बात कही।
इसके बाद बेंच पर ही इलाज शुरू कर दिया। एक घंटे बेंच पर ग्लूकोज की बोतल लगवाकर लेटना पड़ा। तब जाकर वार्ड में जगह मिली। यहीं दर्द बेनीगंज के बाजिदपुर निवासी रामसेवक का था। उसे डॉक्टर ने डेंगू होने की बात कहकर अस्पताल में व्यवस्था न होने का हवाला देकर रेफर कर दिया।

फोटो-04- इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज- फोटो : HARDOI