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हरदोईः गूंजती रहीं चीखें, साढ़े छह घंटे तक नहीं निकल सके डूबे लोग
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फोटो-23- नाव में सवार जिला अधिकारी अविनाश कुमार व एसपी राजेश द्विवेदी
- फोटो : HARDOI
हरदोई। नदी में ट्रैक्टर-ट्राली गिरने के बाद दोपहर से रात हो गई। इस दौरान लापता लोगों के परिवार की महिलाओं की चीखें और चीत्कार नदी किनारे गूंजती रहीं। घटनास्थल का मंजर देख लोगों की आंखें भर आईं। हर-तरफ तपती रेत में बिलखती महिलाओं को देख लोग ठहर नहीं पाए। महिलाएं प्रशासनिक अमले पर लापरवाही का आरोप लगाकर रोती रहीं।
हादसे की सूचना से पाली कस्बा, अतरजी, केबलपुर, बाबरपुर, ख्वजगीपुर, कहारकोला समेत आसपास के गांवों के बाशिंदों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।
पल भर में हजारों की संख्या में ग्रामीण नदी के दोनों किनारों पर जमा हो गए। यहां लापता किसानों के परिवार की महिलाएं भी बच्चों के साथ पहुंच गईं। शाम को अंधेरा होने तक ग्रामीण मौके से नहीं हटे।
करीब सात घंटे तक नदी के दोनों किनारे चीखों से गूंजतीं रहीं। यह देख एडीएम वंदना त्रिवेदी ने रोती-बिलखतीं महिलाओं को समझाकर उनके आंसू पोंछे।
सुहाग पानी में डूबा, बहते रहे दुल्हनों के आंसू
हादसे में लापता अमित और नन्हे के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों खेती करके परिवार का भरण पोषण करते थे। परिजनों का कहना था कि सुबह बिना खाना खाए खीरा तोड़ने खेत पर चले गए।
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बोले, वापस आकर खाएंगे। परिजनों ने बताया कि अमित और नन्हे की शादी इसी साल हुई थी। अमित की पत्नी पहले सावन पर अपने मायके गई थी। नन्हे की पत्नी घर में ही थी।
दोनों दुल्हनों के सुहाग नदी में डूब गए। अमित के डूबने की सूचना पर उसकी पत्नी बेहोश होकर जमीन पर गिर गई। होश आने के बाद उसे मायके से परिजन घटनास्थल पर लाए।
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हादसे की सूचना से पाली कस्बा, अतरजी, केबलपुर, बाबरपुर, ख्वजगीपुर, कहारकोला समेत आसपास के गांवों के बाशिंदों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।
पल भर में हजारों की संख्या में ग्रामीण नदी के दोनों किनारों पर जमा हो गए। यहां लापता किसानों के परिवार की महिलाएं भी बच्चों के साथ पहुंच गईं। शाम को अंधेरा होने तक ग्रामीण मौके से नहीं हटे।
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करीब सात घंटे तक नदी के दोनों किनारे चीखों से गूंजतीं रहीं। यह देख एडीएम वंदना त्रिवेदी ने रोती-बिलखतीं महिलाओं को समझाकर उनके आंसू पोंछे।
सुहाग पानी में डूबा, बहते रहे दुल्हनों के आंसू
हादसे में लापता अमित और नन्हे के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों खेती करके परिवार का भरण पोषण करते थे। परिजनों का कहना था कि सुबह बिना खाना खाए खीरा तोड़ने खेत पर चले गए।
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बोले, वापस आकर खाएंगे। परिजनों ने बताया कि अमित और नन्हे की शादी इसी साल हुई थी। अमित की पत्नी पहले सावन पर अपने मायके गई थी। नन्हे की पत्नी घर में ही थी।
दोनों दुल्हनों के सुहाग नदी में डूब गए। अमित के डूबने की सूचना पर उसकी पत्नी बेहोश होकर जमीन पर गिर गई। होश आने के बाद उसे मायके से परिजन घटनास्थल पर लाए।

फोटो-22- पाली में गर्रा नदी में नाव से किसानों की तलाश करते गोताखोर- फोटो : HARDOI

फोटो-23- पाली में घटनास्थल पर मौजूद जिलाधिकारी अविनाश कुमार एसपी राजेश द्विवेदी- फोटो : HARDOI