{"_id":"63824373e764711631567a3c","slug":"hardoi-rejuvenation-will-give-life-to-government-and-aided-colleges-hardoi-news-knp7303699120","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: हरदोईः कायाकल्प से मिलेगी राजकीय और अनुदानित कॉलेजों को संजीवनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: हरदोईः कायाकल्प से मिलेगी राजकीय और अनुदानित कॉलेजों को संजीवनी
विज्ञापन
फोटो -09-जीजीआईसी की क्षतिग्रस्त चार दिवारी
- फोटो : HARDOI
हरदोई। माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय व अनुदानित कॉलेजों के दिन जल्द बहुरेंगे। विभाग कायाकल्प योजना के तहत इन कॉलेजों में शिक्षा संसाधनों को पूरा कराएगा। इसके लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। अगर सब सही रहा, तो बदहाल इन कॉलेजों को नए सत्र से संजीवनी मिल जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध 627 कॉलेज संचालित हैं। इनमें 55 राजकीय और 72 अनुदानित कॉलेज शामिल हैं। अन्य कॉलेज वित्त विहीन हैं। इन विद्यालयों में कक्षा नौ में 57,195, कक्षा दस में 59,732, कक्षा 11 में 37,963 और इंटर में 44,150 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। वर्तमान में विद्यालयों को शासन से अतिरिक्त बजट उपलब्ध नहीं कराया जाता है।
विद्यार्थियों से लिए जाने वाले न्यूनतम शुल्क से ही संसाधनों को पूरा करने का काम हो रहा हैं। इससे विद्यालयों में संसाधनों की भारी कमी है। इससे शिक्षक व विद्यार्थियों को समस्या हो रही है।
विज्ञापन
यह है कमी
माध्यमिक विद्यालयों में जो पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हैं, शौचालय भी जर्जर हैं, अधिकांश विद्यालयों की चारदीवार नहीं हैैं। कक्षा कक्ष टिन शेड के नीचे चल रहे हैं। खेल मैदान बदहाल है, प्रयोगशाला तो हैं, मगर उसमें सामग्री का अभाव है। खेल उपकरण काफी कम संख्या में हैं। कंप्यूटर लैब भी व्यवस्थित नहीं है।
यह होंगे काम
महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने माध्यमिक शिक्षा के अधिकारियों के साथ बैठक करके बेसिक की भांति माध्यमिक विद्यालयों में भी कायाकल्प के तहत संसाधन विकसित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विद्यालयों से कार्य योजना मांगी है। प्रत्येक विद्यालय में विज्ञान प्रयोगशाला, न्यूनतम 10 कंप्यूटर लैब, विद्यालय में टैबलेट की व्यवस्था, स्मार्ट क्लास, विद्यालय में कक्षा कक्ष, चारदीवारी बनाने के साथ खेल सामग्री व प्रयोगशाला सामग्री उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
बोले प्रधानाचार्य
- राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य टीआर वर्मा ने बताया कि इंटर कॉलेजों को कोई अतिरिक्त बजट नहीं मिलता है। कायाकल्प योजना अगर लागू हो जाएगी, जो सरकारी विद्यालय भी निजी विद्यालयों के बराबर सुविधा विद्यार्थियों को दें सकेंगे, यह अच्छी पहल होगी।
- रफी अहमद इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य अमित कुमार ने बताया कि कई अनुदानित कॉलेज ऐसे हैं, इनमें संसाधनों की कमी है। कायाकल्प योजना शुरू होती है, तो निश्चय ही उसका लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा।
वर्जन
विभागीय उच्चाधिकारियों के साथ बैठक में कई निर्णय लिए गए हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार आगे कार्रवाई की जाएगी। - वीके दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक
विज्ञापन
माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध 627 कॉलेज संचालित हैं। इनमें 55 राजकीय और 72 अनुदानित कॉलेज शामिल हैं। अन्य कॉलेज वित्त विहीन हैं। इन विद्यालयों में कक्षा नौ में 57,195, कक्षा दस में 59,732, कक्षा 11 में 37,963 और इंटर में 44,150 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। वर्तमान में विद्यालयों को शासन से अतिरिक्त बजट उपलब्ध नहीं कराया जाता है।
विज्ञापन
विद्यार्थियों से लिए जाने वाले न्यूनतम शुल्क से ही संसाधनों को पूरा करने का काम हो रहा हैं। इससे विद्यालयों में संसाधनों की भारी कमी है। इससे शिक्षक व विद्यार्थियों को समस्या हो रही है।
विज्ञापन
यह है कमी
माध्यमिक विद्यालयों में जो पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हैं, शौचालय भी जर्जर हैं, अधिकांश विद्यालयों की चारदीवार नहीं हैैं। कक्षा कक्ष टिन शेड के नीचे चल रहे हैं। खेल मैदान बदहाल है, प्रयोगशाला तो हैं, मगर उसमें सामग्री का अभाव है। खेल उपकरण काफी कम संख्या में हैं। कंप्यूटर लैब भी व्यवस्थित नहीं है।
यह होंगे काम
महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने माध्यमिक शिक्षा के अधिकारियों के साथ बैठक करके बेसिक की भांति माध्यमिक विद्यालयों में भी कायाकल्प के तहत संसाधन विकसित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विद्यालयों से कार्य योजना मांगी है। प्रत्येक विद्यालय में विज्ञान प्रयोगशाला, न्यूनतम 10 कंप्यूटर लैब, विद्यालय में टैबलेट की व्यवस्था, स्मार्ट क्लास, विद्यालय में कक्षा कक्ष, चारदीवारी बनाने के साथ खेल सामग्री व प्रयोगशाला सामग्री उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
बोले प्रधानाचार्य
- राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य टीआर वर्मा ने बताया कि इंटर कॉलेजों को कोई अतिरिक्त बजट नहीं मिलता है। कायाकल्प योजना अगर लागू हो जाएगी, जो सरकारी विद्यालय भी निजी विद्यालयों के बराबर सुविधा विद्यार्थियों को दें सकेंगे, यह अच्छी पहल होगी।
- रफी अहमद इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य अमित कुमार ने बताया कि कई अनुदानित कॉलेज ऐसे हैं, इनमें संसाधनों की कमी है। कायाकल्प योजना शुरू होती है, तो निश्चय ही उसका लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा।
वर्जन
विभागीय उच्चाधिकारियों के साथ बैठक में कई निर्णय लिए गए हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार आगे कार्रवाई की जाएगी। - वीके दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक

फोटो -10- राजकीय इंटर कॉलेज का बदहाल खेल मैदान- फोटो : HARDOI

फोटो -11-जीआईसी प्रधानाचार्य- फोटो : HARDOI

फोटो -12- रफी अहमद इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य अमित कुमार- फोटो : HARDOI