फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Hardoi, PRD jawans doing duty with rifles, sticks in security

हरदोईः सुरक्षा में राइफलें, डंडा लेकर ड्यूटी कर रहे पीआरडी जवान

Sun, 04 Sep 2022 10:27 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 04 Sep 2022 10:27 PM IST
विज्ञापन
Hardoi, PRD jawans doing duty with rifles, sticks in security
फोटो- 33- यातायात पुलिस के साथ डयूटी करते पीआरडी जवान - फोटो : HARDOI
हरदोई। सुरक्षा के लिए जवानों को दी जाने वाली राइफलें पुलिस लाइन में हिफाजत से रखी हुई हैं। 10 वर्षों से पीआरडी जवानों की स्पेशल ट्रेनिंग न होने से उन्हें ड्यूटी के लिए इन्हें इश्यू नहीं किया गया है। ऐसे में पीआरडी जवान डंडा लेकर सुरक्षा व्यवस्था में लगे हैं। जो सरकारी सिस्टम को आइना दिखा रहे हैं।
विज्ञापन

प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) में 852 जवान हैं। इनमें से 463 का डाटा सत्यापन होकर ड्यूटी के लिए लॉक हो चुका है। जिसमें 364 को नियमित रूप से ड्यूटी मिल रही है।
विज्ञापन

इनमें 319 जवान विभागीय ड्यूटी कर रहे हैं तो 45 जवान अन्य विभागों में ड्यूटी कर रहे हैं। विभाग के पास 100 राइफलें हैं। जो कि पुलिस लाइन के शस्त्रागार में सुरक्षित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन्हें जवानों को आज तक इश्यू नहीं किया गया है। क्योंकि पिछले 10 वर्षों से विभाग की ओर से जवानों को शस्त्र चलाने के लिए दिलाई जाने वाले स्पेशल ट्रेनिंग नहीं कराई गई है। विभागीय लोगों के अनुसार पहले जवानों को सुरक्षा व्यवस्था में ड्यूटी के दौरान आवश्यकतानुसार जिलाधिकारी की अनुमति से राइफलें जारी कर दी जाती थी।
भवन न संसाधन, कम मानदेय बढ़ा रहा टेंशन
हरदोई। पीआरडी विभाग की हालत खराब है। एक कमरे में चल रहे विभागीय कार्यालय में रिकार्ड मेनटेन रखने के लिए फाइलों आदि तक के लिए जगह नहीं है। इस कमरे में अफसरों से लेकर कर्मचारी बैठ कर कार्य करते है।
कर्मचारियों ने बताया कि एक कमरा है। वह भी जर्जर हो चुका है। 1987 में बने इस दो कमरे के भवन में तीन साल पहले विभाग का कार्यालय शिफ्ट कर दिया गया।
इससे पहले विकास भवन में कार्यालय चल रहा था। भवन निर्माण के लिए 33 लाख का इस्टीमेट शासन को भेजा गया मगर स्वीकृति नहीं मिली है। उधर कम मानदेय के चलते ज्यादातर जवान परेशान हैं। जवानों को ड्यूटी करने पर 395 रुपये प्रतिदिन मिलता है। जबकि होमगार्ड विभाग में यह धनराशि 800 रुपये है।

इस तरह हो रही ड्यूटी
थाना ड्यूटी - 216
महिला ड्यूटी - 20
ट्रैफिक ड्यूटी - 50
स्टेडियम ड्यूटी - 12
कार्यालय ड्यूटी - 08
अस्पताल - 04
ब्लॉक पर ड्यूटी - 09
अन्य विभाग ड्यूटी - 45
-----------------------------------
पिछले 10 वर्षों से जिले में स्पेशल ट्रेनिंग के तहत जवानों का प्रशिक्षण नहीं कराया गया। इस कारण राइफलों को जारी नहीं किया जा सकता। ट्रेनिंग कराने के लिए मुख्यालय पत्र भेजा जाएगा। सीमित संसाधनों के बीच हमारे जवान बेहतर ड्यूटी करने का प्रयास कर रहे हैं। - पीके सिंह, जिला कमांडेंट, पीआरडी

फोटो- 34- कार्यालय में कार्य करते अधिकारी व कर्मचारी

फोटो- 34- कार्यालय में कार्य करते अधिकारी व कर्मचारी- फोटो : HARDOI

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed