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सौ अमृत सरोवर से होगी जल संरक्षण की पहल
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हरदोई। जल संरक्षण के मद्देनजर जनपद में 15 अगस्त तक 100 अमृत सरोवर बनाने की तैयारी में जिला प्रशासन जुटा है। इन अमृत सरोवर के लिए डीएम ने जमीन का चिन्हांकन करने के विभिन्न विभागों को निर्देश दिए हैं। अगस्त तक इनको विकसित करने का लक्ष्य है।
योजना की नोडल अधिकारी सीडीओ आकांक्षा राना ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के यह अमृत सरोवर साक्षी बनेंगे। 15 अगस्त से पहले इन तालाबों को तैयार किया जाना है।
इसे लेकर डीएम ने सभी एसडीएम व अन्य विभागों के अफसरों को तालाबों के लिए जमीन का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बताया कि उनका फोकस ऐसे स्थानों की जमीन को चिह्नित कराने पर है जहां पर बारिश का पानी चारों तरफ से आकर एकत्रित होता है।
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इसके लिए उन्होंने लखनऊ से एक रिमोर्टर को बुलाया है। वह जनपद के नक्शे के माध्यम से ऐसे स्थानों का चिन्हांकन करेगा। रिमोर्टर की मदद लेने को लेकर डीएम का कहना है कि उनके संज्ञान में कई ऐसे मामले आए हैं।
जहां पर विभिन्न योजनाओं से खोदे गए तालाबों में बारिश के सीजन में भी आसानी से पानी नहीं पहुंचता है। ऐसे में यह तालाब बारिश का सीजन समाप्त होने की कुछ माह बाद ही सूख जाते हैं।
एक एकड़ में बनेंगे तालाब
योजना के तहत कम से कम एक एकड़ के तालाब को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जाना है। इनका निर्माण कार्य हर हाल में 10 अगस्त तक पूरा किया जाना है। तालाबों में पंचायत निधि के अलावा, सांसद, विधायक निधि व अन्य स्रोतों का उपयोग किया जाएगा। एक एकड़ में बनने वाले इन अमृत सरोवरों में पथ वे, पौधारोपण, फ्लैग होस्टिंग की जगह और मीटिंग हाल भी रहेगा।
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योजना की नोडल अधिकारी सीडीओ आकांक्षा राना ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के यह अमृत सरोवर साक्षी बनेंगे। 15 अगस्त से पहले इन तालाबों को तैयार किया जाना है।
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इसे लेकर डीएम ने सभी एसडीएम व अन्य विभागों के अफसरों को तालाबों के लिए जमीन का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बताया कि उनका फोकस ऐसे स्थानों की जमीन को चिह्नित कराने पर है जहां पर बारिश का पानी चारों तरफ से आकर एकत्रित होता है।
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इसके लिए उन्होंने लखनऊ से एक रिमोर्टर को बुलाया है। वह जनपद के नक्शे के माध्यम से ऐसे स्थानों का चिन्हांकन करेगा। रिमोर्टर की मदद लेने को लेकर डीएम का कहना है कि उनके संज्ञान में कई ऐसे मामले आए हैं।
जहां पर विभिन्न योजनाओं से खोदे गए तालाबों में बारिश के सीजन में भी आसानी से पानी नहीं पहुंचता है। ऐसे में यह तालाब बारिश का सीजन समाप्त होने की कुछ माह बाद ही सूख जाते हैं।
एक एकड़ में बनेंगे तालाब
योजना के तहत कम से कम एक एकड़ के तालाब को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जाना है। इनका निर्माण कार्य हर हाल में 10 अगस्त तक पूरा किया जाना है। तालाबों में पंचायत निधि के अलावा, सांसद, विधायक निधि व अन्य स्रोतों का उपयोग किया जाएगा। एक एकड़ में बनने वाले इन अमृत सरोवरों में पथ वे, पौधारोपण, फ्लैग होस्टिंग की जगह और मीटिंग हाल भी रहेगा।