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रूम में सोते रहे कर्मचारी, मरीज की थमीं सासें........ 18-57-08
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फोटो-29- लगी लोगों की भीड़
- फोटो : HARDOI
हरदोई। शहर में लखनऊ मार्ग स्थित एक अस्पताल में रविवार की देर रात वार्ड ब्वाय सोता रहा और इलाज के अभाव में महिला की सांसें थम गई। गुस्साए परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया।
उन्नाव के रसूलपुर कोतवाली बांगरमऊ निवासी कौशल्या (30) के पेट के अंदर तिल्ली बढ़ गई थी। रविवार की सुबह परिजनों ने उसे शहर के लखनऊ मार्ग स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
जहां कौशल्या के पेट का ऑपरेशन किया गया। रविवार देर रात करीब तीन बजे अचानक उसे उल्टियां आने लगी। पति सुशील के मुताबिक उसने ड्यूटी रूम में पहुंच कर वहां सो रहे वार्ड ब्वाय को बताया, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया।
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इधर पत्नी की तबीयत और गंभीर हो गई। वह कई बार, ड्यूटी रूम तक दौड़ा, वार्ड ब्वाय उससे सुबह देखने की बात कहकर टरकाता रहा। ड्यूटी रूम व मरीज तक चक्कर काटते-काटते तीन घंटे का समय निकल गया।
इस बीच कौशल्या की मौत हो गई। इसकी जानकारी पर परिजनों वार्ड ब्वाय पर लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुुलिस ने परिजनों को समझा कर शांत कराया।
इसके बाद परिजन अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को कोसते परिजन शव लेकर चले गए। कोतवाल ब्रजेश मिश्रा ने बताया कि अस्पताल प्रशासन से परिजनों को इलाज में खर्चा हुए रुपये रुपया वापस करा दिया गया था।
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उन्नाव के रसूलपुर कोतवाली बांगरमऊ निवासी कौशल्या (30) के पेट के अंदर तिल्ली बढ़ गई थी। रविवार की सुबह परिजनों ने उसे शहर के लखनऊ मार्ग स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
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जहां कौशल्या के पेट का ऑपरेशन किया गया। रविवार देर रात करीब तीन बजे अचानक उसे उल्टियां आने लगी। पति सुशील के मुताबिक उसने ड्यूटी रूम में पहुंच कर वहां सो रहे वार्ड ब्वाय को बताया, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया।
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इधर पत्नी की तबीयत और गंभीर हो गई। वह कई बार, ड्यूटी रूम तक दौड़ा, वार्ड ब्वाय उससे सुबह देखने की बात कहकर टरकाता रहा। ड्यूटी रूम व मरीज तक चक्कर काटते-काटते तीन घंटे का समय निकल गया।
इस बीच कौशल्या की मौत हो गई। इसकी जानकारी पर परिजनों वार्ड ब्वाय पर लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुुलिस ने परिजनों को समझा कर शांत कराया।
इसके बाद परिजन अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को कोसते परिजन शव लेकर चले गए। कोतवाल ब्रजेश मिश्रा ने बताया कि अस्पताल प्रशासन से परिजनों को इलाज में खर्चा हुए रुपये रुपया वापस करा दिया गया था।