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दुल्हन के हाथों में सजी रह गई मेंहदी,बैरंग लौटी बारात
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हरपालपुर (हरदोई)। कोतवाली क्षेत्र के गुलौली गांव में मंगलवार की शाम आई बरात के द्वारचार की रस्म पूरी होने के बाद चढ़ावे के जेवर नहीं लाने पर वर वर और वधू पक्ष के बीच विवाद हो गया। आखिर में दुल्हन हाथों में मेहंदी सजाए बैठी रही और बरात बैरंग लौट गई।
शाहजहांपुर जनपद के कलान थाना क्षेत्र के भडेली गांव निवासी बदन सिंह की शादी हरपालपुर के गुलौली गांव निवासी एक युवती के साथ तय हुई थी। करीब एक वर्ष पूर्व तिलक हो गया था।
जिसमें वधू पक्ष ने अपाचे बाइक देने की बात कही थी लेकिन नहीं दे पाए थे। मंगलवार की शाम बरात आई। द्वारचार होने के पश्चात नाश्ता व भोजन के साथ बरातियों की खातिरदारी हुई।
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जब भांवरों की नौबत आई तो वर पक्ष की ओर से चढ़ावे में जेवर न लाने पर विवाद हो गया। इस पर लड़की पक्ष ने भांवर डालने से साफ इंकार कर दिया। जिससे दुल्हन के हाथों में मेहंदी सजी रह गई।
बुधवार की सुबह मध्यस्थ और दोनों पक्षों के बीच सुलह समझौते की बातें चलती रहीं। बात न बनने पर मामला कोतवाली पहुंचा, लेकिन मामला सुलझ न पाने पर बरात बिना दुल्हन बैरंग लौट गई। कोतवाल उमाकांत दीपक ने बताया कि लड़की पक्ष समझौते को तैयार नहीं हुुआ। इसके बाद लड़के पक्ष को घर भेज दिया गया।
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शाहजहांपुर जनपद के कलान थाना क्षेत्र के भडेली गांव निवासी बदन सिंह की शादी हरपालपुर के गुलौली गांव निवासी एक युवती के साथ तय हुई थी। करीब एक वर्ष पूर्व तिलक हो गया था।
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जिसमें वधू पक्ष ने अपाचे बाइक देने की बात कही थी लेकिन नहीं दे पाए थे। मंगलवार की शाम बरात आई। द्वारचार होने के पश्चात नाश्ता व भोजन के साथ बरातियों की खातिरदारी हुई।
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जब भांवरों की नौबत आई तो वर पक्ष की ओर से चढ़ावे में जेवर न लाने पर विवाद हो गया। इस पर लड़की पक्ष ने भांवर डालने से साफ इंकार कर दिया। जिससे दुल्हन के हाथों में मेहंदी सजी रह गई।
बुधवार की सुबह मध्यस्थ और दोनों पक्षों के बीच सुलह समझौते की बातें चलती रहीं। बात न बनने पर मामला कोतवाली पहुंचा, लेकिन मामला सुलझ न पाने पर बरात बिना दुल्हन बैरंग लौट गई। कोतवाल उमाकांत दीपक ने बताया कि लड़की पक्ष समझौते को तैयार नहीं हुुआ। इसके बाद लड़के पक्ष को घर भेज दिया गया।