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उपाय ऐसा कि आग लग भी जाए तो कम हो नुकसान
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फोटो-07- खेत में लगी आग फाइल फोटो
- फोटो : HARDOI
हरदोई। आग से अब तक जिले में 100 से अधिक किसानों की फसलें और गृहस्थी राख हो चुकी हैं। इसके बाद भी घटनाएं लगातार जारी हैं। आग अन्नदाताओं की आमदनी को राख करती जा रही है।
अग्निशमन विभाग भी मान रहा है कि आम लोगों के सहयोग के बिना आगजनी और उससे होने वाले नुकसान को कम नहीं किया जा सकता। खासकर किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है।
विभाग के प्रतिनिधि किसानों को सुझाव भी दे रहे हैं कि फसल का ढेर एक जगह एकत्रित करने से बचें। ताकि आग लगे भी तो नुकसान कम हो। खेतों के ऊपर से विद्युत लाइन निकली हो, तो ज्यादा सावधानी की जरूरत है।
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सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष जिले में अब तक 150 से अधिक आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें किसानों की फसल और उनके घर शामिल हैं। सरकार इन पीड़ित परिवारों और किसानों को लगभग एक करोड़ की आर्थिक मदद दे चुकी है।
वहीं प्रभावितों की संख्या भी 300 से ऊपर पहुंच चुकी है। जहां तक सरकारी आंकड़ों की बात करें तो फसलों का नुकसान 500-600 बीघा तक दर्ज होगा। जबकि सांडी, बेहटा गोकुल और हरपालपुर क्षेत्र में ही दो से चार ऐसी आगजनी की घटनाएं हुईं।
जहां 500 बीघा से ऊपर की फसल का नुकसान होने का अनुमान है। वहीं आग से बचाव की बात करें तो जिला मुख्यालय को छोड़कर तहसीलों में मात्र एक-एक अग्निशमन का वाहन ही है।
ऐसे में जब भी एक ही समय में एक से अधिक स्थानों पर आग लगी है। दमकल की मदद समय से नहीं पहुंची। इसके चलते किसानों की फसलें जलकर खाक हो गईं। ऐसे में सीमित संसाधन होने के चलते घटनाओं से बचने के लिए खुद ही सुरक्षा व सतर्कता बरतनी होगी।
क्या करने होंगे उपाय
अग्निशमन अधिकारी एके श्रीवास्तव के अनुसार गेहूं की फसल की रखवाली को लेकर किसान विशेष सावधानी बरतें। कटी फसलों को बिजली की लाइन के नीचे, ट्रांसफार्मर के पास और सड़कों के किनारे न एकत्रित करें। इससे काफी हद तक आग से बचाव हो सकता है।
तहसील - सदर
घटनाएं - 56
प्रभावित किसान - 111
फसल जली - 225 बीघा
कुल नुकसान - 17 लाख रुपये
तहसील - संडीला
घटनाएं 26
प्रभावित किसान 57
फसल जली 120 बीघा
कुल नुकसान 14 लाख रुपये
तहसील - बिलग्राम
घटनाएं 31
घर जले 54
फसल जली 50 बीघा
कुल नुकसान 25 लाख रुपये
तहसील - सवायजपुर
घटनाएं 27
फसल जली 64 किसानों की
घर जले 35
मवेशी जले 06
नुकसान 28 लाख
तहसील - शाहाबाद
इस वर्ष 166 किसानों की फसल जली है। इसमें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। जिन गांवों में किसानों की अधिक फसल का नुकसान हुआ है। उनमें नरसियामऊ, जसमई, खिरोना, चंदूपुर खैराई, धनवार, करावां, हरिपुर गांव शामिल हैं। अधिकतर स्थानों पर समय से अग्निशमन की गाड़ी नहीं पहुंची। इसके चलते किसानों की फसल पूरी तरह से खाक हो गई। जिन स्थानों पर फसल बची है, वह किसानों ने निजी संसाधनों और अपने प्रयासों से बचाई है।
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अग्निशमन विभाग भी मान रहा है कि आम लोगों के सहयोग के बिना आगजनी और उससे होने वाले नुकसान को कम नहीं किया जा सकता। खासकर किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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विभाग के प्रतिनिधि किसानों को सुझाव भी दे रहे हैं कि फसल का ढेर एक जगह एकत्रित करने से बचें। ताकि आग लगे भी तो नुकसान कम हो। खेतों के ऊपर से विद्युत लाइन निकली हो, तो ज्यादा सावधानी की जरूरत है।
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सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष जिले में अब तक 150 से अधिक आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें किसानों की फसल और उनके घर शामिल हैं। सरकार इन पीड़ित परिवारों और किसानों को लगभग एक करोड़ की आर्थिक मदद दे चुकी है।
वहीं प्रभावितों की संख्या भी 300 से ऊपर पहुंच चुकी है। जहां तक सरकारी आंकड़ों की बात करें तो फसलों का नुकसान 500-600 बीघा तक दर्ज होगा। जबकि सांडी, बेहटा गोकुल और हरपालपुर क्षेत्र में ही दो से चार ऐसी आगजनी की घटनाएं हुईं।
जहां 500 बीघा से ऊपर की फसल का नुकसान होने का अनुमान है। वहीं आग से बचाव की बात करें तो जिला मुख्यालय को छोड़कर तहसीलों में मात्र एक-एक अग्निशमन का वाहन ही है।
ऐसे में जब भी एक ही समय में एक से अधिक स्थानों पर आग लगी है। दमकल की मदद समय से नहीं पहुंची। इसके चलते किसानों की फसलें जलकर खाक हो गईं। ऐसे में सीमित संसाधन होने के चलते घटनाओं से बचने के लिए खुद ही सुरक्षा व सतर्कता बरतनी होगी।
क्या करने होंगे उपाय
अग्निशमन अधिकारी एके श्रीवास्तव के अनुसार गेहूं की फसल की रखवाली को लेकर किसान विशेष सावधानी बरतें। कटी फसलों को बिजली की लाइन के नीचे, ट्रांसफार्मर के पास और सड़कों के किनारे न एकत्रित करें। इससे काफी हद तक आग से बचाव हो सकता है।
तहसील - सदर
घटनाएं - 56
प्रभावित किसान - 111
फसल जली - 225 बीघा
कुल नुकसान - 17 लाख रुपये
तहसील - संडीला
घटनाएं 26
प्रभावित किसान 57
फसल जली 120 बीघा
कुल नुकसान 14 लाख रुपये
तहसील - बिलग्राम
घटनाएं 31
घर जले 54
फसल जली 50 बीघा
कुल नुकसान 25 लाख रुपये
तहसील - सवायजपुर
घटनाएं 27
फसल जली 64 किसानों की
घर जले 35
मवेशी जले 06
नुकसान 28 लाख
तहसील - शाहाबाद
इस वर्ष 166 किसानों की फसल जली है। इसमें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। जिन गांवों में किसानों की अधिक फसल का नुकसान हुआ है। उनमें नरसियामऊ, जसमई, खिरोना, चंदूपुर खैराई, धनवार, करावां, हरिपुर गांव शामिल हैं। अधिकतर स्थानों पर समय से अग्निशमन की गाड़ी नहीं पहुंची। इसके चलते किसानों की फसल पूरी तरह से खाक हो गई। जिन स्थानों पर फसल बची है, वह किसानों ने निजी संसाधनों और अपने प्रयासों से बचाई है।