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रोडवेज: 32 बसें सेवानिवृत्त, 131 बीमार, सफर धक्कामार...

Wed, 08 Jun 2022 10:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jun 2022 10:48 PM IST
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hardoi news,No arrangement for new, old also auctioned
फोटो-05- बसें कम होने से रोडवेज बसअड्डे पर यात्रियों की भीड़ - फोटो : HARDOI
हरदोई। हरदोई डिपो की 10 बसें नीलाम कर दी गई हैं। ग्रामीण क्षेत्र में संचालित हो रहीं इन बसों के यात्रियों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। इस कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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परिवहन विभाग वैसे तो यात्रियों को बेहतर सुविधा देने का दावा करता है लेकिन हरदोई क्षेत्र में शायद यह दावा हवाई है। क्षेत्र की 32 बसें कंडम है। इसमें 10 बसें हरदोई डिपो की थी। जिन्हें विभाग ने नीलाम कर दिया है।
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इनमें हरदोई से पाली होते हुए फर्रुखाबाद जाने वाली दो, हरदोई से फर्रुखाबाद की तीन, हरदोई से कानपुर की तीन बसें, हरदोई से शाहाबाद रूट की एक और हरदोई से पिहानी होते हुए करावां जाने वाली एक बस शामिल है।
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विभाग ने इन बसों को बेच तो दिया लेकिन यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। ऐसे में इन मार्गों के यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
एनसीआर गईं स्वस्थ बसें, आईं बीमार
दिल्ली के एनसीआर में रोडवेज बसों की अधिकतम आयु सीमा 10 वर्ष निर्धारित है, जबकि यूपी में 15 वर्ष तक की बसों का संचालन किया जा सकता है।
इसलिए एनसीआर में 10 वर्ष की सेवाएं पूरी करने के बाद उन बसों को यूपी के अन्य डिपो में भेज दिया जाता है और उनके स्थान पर यहां से कम उम्र की बसें एनसीआर भेज दी जाती हैं।
हरदोई क्षेत्र में इस प्रतिस्थापन व्यवस्था की वजह से 131 बसें 10 वर्ष से अधिक आयु की हैं। यहां से आठ वर्ष आयु की कई बसें एनसीआर भेजी जा चुकी हैं। निगम के मुताबिक यहां से एनसीआर जाने वाली बसों रोजाना 500 किलोमीटर सफर करती थीं, जबकि एनसीआर से प्राप्त बसों से 250 से 300 किलोमीटर प्रतिदिन चल रही हैं।

वर्जन
विभागीय बेड़े में मौजूद ज्यादातर बसें काफी पुरानी हैं। उपलब्ध संसाधनों के आधार पर यात्रियों को असुविधा से बचाने का भरपूर प्रयास किया जा रहा है। नई रोडवेज बसों की मांग निगम मुख्यालय से की गई है। जल्द ही ग्रामीण मार्गों में बसों की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। - मनोज त्रिवेदी, रीजनल मैनेजर, रोडवेज हरदोई
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