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निर्भीक व निरपेक्ष पत्रकारिता के प्रतीक थे नारद जी: केके
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हरदोई। नारद जी देवगण, यक्ष, मनुष्य राक्षस किसी के पास, किसी भी लोक में कभी भी पहुंच जाते थे और सत्य सूचनाओं का आदान प्रदान करते थे।
वे निर्भीक और निरपेक्ष पत्रकारिता के प्रतीक थे। यह बात बृहस्पतिवार को बाबा नागेश्वर नाथ मंदिर में देवऋषि नारद की जयंती मनाते हुए गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता केके अवस्थी ने कही।
उन्होंने कहा कि फिल्मों में नारद जी के चरित्र को हास्यास्पद व तोड़-मरोड़कर दिखाया गया। जिसके कारण उनकी छवि खराब हुई। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रिंट मीडिया के हाथ में कलम व कागज होता है।
इलेक्ट्रानिक मीडिया के हाथों में कैमरा, उसी प्रकार नारद जी के हाथ में वीणा रहा करती थी। उन्होंने वर्तमान समय में प्रेस से जुड़े लोगों से कहा कि पत्रकारिता को लोक कल्याणकारी बनाए।
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इसकी शुरूआत के लिए नारद जयंती का अवसर शुभ है। मुख्य वक्ता अखिलेश सिंह ने कहा कि महर्षि नारद जी एक विशुद्व पत्रकार थे। उनकी भूमिका समाज व देवलोक में प्रमुख थी।
पत्रकारिता देश के तीन स्तंभों व्यवस्थापिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका को संतुलित रखते हुए उन पर अंकुश लगाने का काम करती है। पत्रकारिता एक सशक्त माध्यम हैं जो देश को मजबूत करता है।
संचालन ऋषि कुमार सैनी ने किया। इस दौरान जिला ग्रामीण पत्रकार एसोसियेशन के संस्थापक स्वर्गीय बालेश्वर लाल की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर सभी ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए और ग्रामीण पत्रकारिता में उनके योगदान को याद किया। प्रमुख रूप से संजय सिंह, आनंद गुप्ता, रजनीश सिंह, नवल द्विवेदी, कमल शुक्ल व राष्ट्रीय संघ के जिला प्रचार प्रमुख प्रभाकर मौजूद रहे।
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वे निर्भीक और निरपेक्ष पत्रकारिता के प्रतीक थे। यह बात बृहस्पतिवार को बाबा नागेश्वर नाथ मंदिर में देवऋषि नारद की जयंती मनाते हुए गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता केके अवस्थी ने कही।
उन्होंने कहा कि फिल्मों में नारद जी के चरित्र को हास्यास्पद व तोड़-मरोड़कर दिखाया गया। जिसके कारण उनकी छवि खराब हुई। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रिंट मीडिया के हाथ में कलम व कागज होता है।
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इलेक्ट्रानिक मीडिया के हाथों में कैमरा, उसी प्रकार नारद जी के हाथ में वीणा रहा करती थी। उन्होंने वर्तमान समय में प्रेस से जुड़े लोगों से कहा कि पत्रकारिता को लोक कल्याणकारी बनाए।
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इसकी शुरूआत के लिए नारद जयंती का अवसर शुभ है। मुख्य वक्ता अखिलेश सिंह ने कहा कि महर्षि नारद जी एक विशुद्व पत्रकार थे। उनकी भूमिका समाज व देवलोक में प्रमुख थी।
पत्रकारिता देश के तीन स्तंभों व्यवस्थापिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका को संतुलित रखते हुए उन पर अंकुश लगाने का काम करती है। पत्रकारिता एक सशक्त माध्यम हैं जो देश को मजबूत करता है।
संचालन ऋषि कुमार सैनी ने किया। इस दौरान जिला ग्रामीण पत्रकार एसोसियेशन के संस्थापक स्वर्गीय बालेश्वर लाल की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर सभी ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए और ग्रामीण पत्रकारिता में उनके योगदान को याद किया। प्रमुख रूप से संजय सिंह, आनंद गुप्ता, रजनीश सिंह, नवल द्विवेदी, कमल शुक्ल व राष्ट्रीय संघ के जिला प्रचार प्रमुख प्रभाकर मौजूद रहे।