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मैं इंटर में फेल होकर सुसाइड कर लेता तो पीसीएस नहीं होता...
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फोटो-21- पुलिस की पाठशाला में बच्चों के सवाल का जवाब देते सीओ सिटी विनोद द्विवेदी
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। हाईस्कूल में एक बार और इंटर में दो-दो बार फेल होने वाला मैं विनोद द्विवेदी अगर उस वक्त क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर लेता तो आपके सामने पीसीएस बनकर न बैठा होता।
यदि फेल होने की वजह से कोई छात्र आत्महत्या करता है तो उसकी मौत के लिए उसके शिक्षक जिम्मेदार हैं। शिक्षकों को बच्चों के मन में झांककर उसकी मनो स्थिति का आंकलन करना चाहिए।
ये शब्द सीओ सिटी की जुबान पर उस वक्त आए, जब पुलिस की पाठशाला में वह डीएस एकेडमी के बच्चों के साथ अपने अनुभव साझा कर रहे थे।
अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले श्रीडाल सिंह मेमोरियल स्कूल (डीएस एकेडमी) में बच्चों के लिए पुलिस की पाठशाला सजाई गई। पाठशाला में छोटे-छोटे बच्चे पुलिस से सवाल पूछते रहे और पुलिस के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद सीओ सिटी ने उनकी जिज्ञासा शांत की।
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इस दौरान उन्होंने अपने अनुभव बच्चों के साथ साझा किए और स्कूल के शिक्षकों को टिप्स भी दिए। आठवीं कक्षा की छात्रा अनामिका सिंह ने पूछा कि अगर आग लग जाए तो उसे कैसे बुझाएं? जवाब में सीओ सिटी ने पहले अग्निकांड के प्रकारों का वर्णन किया।
इसके बाद तीन प्रकार से अग्निकांड पर काबू पाने के लिए टिप्स दिए। छात्रा अर्पिता सिंह ने पूछा कि पुलिस कैसे बनते हैं, मुझे बनना है? इसके जवाब में सीओ ने पहले कहा कि यह लक्ष्य बहुत छोटा है, आपको इससे कहीं बड़ा लक्ष्य लेना चाहिए।
आईएएस, आईपीएस, पीसीएस के लिए तैयारी करनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने छात्रा के मन की जिज्ञासा शांत की। कहा कि पुलिस के लिए छप्पन इंच का सीना चाहिए। माने, हिम्मत और तन-मन के समर्पण की भावना होनी चाहिए, फिर पुलिस भर्ती के लिए शारीरिक अर्हताओं की जानकारी दी।
पुलिस से परिवार की तरह मिलें
तीसरी कक्षा की छात्रा सोनाली सिंह ने सवाल किया कि क्या हम पुलिस से मिल सकते हैं, कैसे मिलें? जवाब में सीओ सिटी ने कहा कि पुलिस से मिलने के लिए कोई प्रक्रिया नहीं है।
आप जैसे घर में भाई से मिलते हैं, मम्मी या पापा से मिलते हैं, अंकल से मिलते हैं, वैसे ही पुलिस से भी मिल सकते हैं। जब चाहे तब मिलने चले आइए, बच्चों के लिए पुलिस के दरवाजे, खासकर मेरे दिल के दरवाजे हमेशा खुले हैं। पुलिस से परिवार के सदस्य की तरह ही मिल सकते हैं।
बड़ों के बड़े काम आ सकती बच्चों की पाठशाला
बच्चों की पाठशाला में एक सवाल के जवाब में सीओ सिटी ने आग पर काबू पाने का प्रशिक्षण दिया। वर्तमान में मौसम के तापमान के साथ बढ़ रहीं आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए उनका यह प्रशिक्षण बड़े लोगों के काम आ सकता है।
उन्होंने बताया कि यदि खेत में आग लगती है तो जिस दिशा की ओर आग बढ़ रही है उस दिशा में कुछ दूरी तक फसल काट दें। इससे आगे आग नहीं पहुंच सकेगी। अग्निशमन की टीम के पहुंचने का इंतजार न करें।
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यदि फेल होने की वजह से कोई छात्र आत्महत्या करता है तो उसकी मौत के लिए उसके शिक्षक जिम्मेदार हैं। शिक्षकों को बच्चों के मन में झांककर उसकी मनो स्थिति का आंकलन करना चाहिए।
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ये शब्द सीओ सिटी की जुबान पर उस वक्त आए, जब पुलिस की पाठशाला में वह डीएस एकेडमी के बच्चों के साथ अपने अनुभव साझा कर रहे थे।
अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले श्रीडाल सिंह मेमोरियल स्कूल (डीएस एकेडमी) में बच्चों के लिए पुलिस की पाठशाला सजाई गई। पाठशाला में छोटे-छोटे बच्चे पुलिस से सवाल पूछते रहे और पुलिस के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद सीओ सिटी ने उनकी जिज्ञासा शांत की।
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इस दौरान उन्होंने अपने अनुभव बच्चों के साथ साझा किए और स्कूल के शिक्षकों को टिप्स भी दिए। आठवीं कक्षा की छात्रा अनामिका सिंह ने पूछा कि अगर आग लग जाए तो उसे कैसे बुझाएं? जवाब में सीओ सिटी ने पहले अग्निकांड के प्रकारों का वर्णन किया।
इसके बाद तीन प्रकार से अग्निकांड पर काबू पाने के लिए टिप्स दिए। छात्रा अर्पिता सिंह ने पूछा कि पुलिस कैसे बनते हैं, मुझे बनना है? इसके जवाब में सीओ ने पहले कहा कि यह लक्ष्य बहुत छोटा है, आपको इससे कहीं बड़ा लक्ष्य लेना चाहिए।
आईएएस, आईपीएस, पीसीएस के लिए तैयारी करनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने छात्रा के मन की जिज्ञासा शांत की। कहा कि पुलिस के लिए छप्पन इंच का सीना चाहिए। माने, हिम्मत और तन-मन के समर्पण की भावना होनी चाहिए, फिर पुलिस भर्ती के लिए शारीरिक अर्हताओं की जानकारी दी।
पुलिस से परिवार की तरह मिलें
तीसरी कक्षा की छात्रा सोनाली सिंह ने सवाल किया कि क्या हम पुलिस से मिल सकते हैं, कैसे मिलें? जवाब में सीओ सिटी ने कहा कि पुलिस से मिलने के लिए कोई प्रक्रिया नहीं है।
आप जैसे घर में भाई से मिलते हैं, मम्मी या पापा से मिलते हैं, अंकल से मिलते हैं, वैसे ही पुलिस से भी मिल सकते हैं। जब चाहे तब मिलने चले आइए, बच्चों के लिए पुलिस के दरवाजे, खासकर मेरे दिल के दरवाजे हमेशा खुले हैं। पुलिस से परिवार के सदस्य की तरह ही मिल सकते हैं।
बड़ों के बड़े काम आ सकती बच्चों की पाठशाला
बच्चों की पाठशाला में एक सवाल के जवाब में सीओ सिटी ने आग पर काबू पाने का प्रशिक्षण दिया। वर्तमान में मौसम के तापमान के साथ बढ़ रहीं आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए उनका यह प्रशिक्षण बड़े लोगों के काम आ सकता है।
उन्होंने बताया कि यदि खेत में आग लगती है तो जिस दिशा की ओर आग बढ़ रही है उस दिशा में कुछ दूरी तक फसल काट दें। इससे आगे आग नहीं पहुंच सकेगी। अग्निशमन की टीम के पहुंचने का इंतजार न करें।

फोटो-22-पाठशाला में मौजूद स्कूली बच्चे व शिक्षक-शिक्षिकाएं- फोटो : HARDOI

फोटो- 23-देशभक्ति गीत प्रस्तुत करतीं तीसरी कक्षा की छात्रा अपूर्वा- फोटो : HARDOI

फोटो-24-सीओ सिटी से सवाल पूछती छात्रा सोनाली सिंह- फोटो : HARDOI

फोटो-25-सवाल पूछती छात्रा अनामिका सिंह- फोटो : HARDOI

फोटो-26- सवाल पूछती छात्रा अर्पिता सिंह- फोटो : HARDOI