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मांगने पर भी 65 हजार परिवारों को नहीं मिला मनरेगा से काम
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हरदोई। श्रमिकों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू हुई मनरेगा में मांग के बावजूद जॉब कार्ड धारकों को कार्य नहीं मिल पा रहा है। जनपद में 19 विकास खंडों में 64 हजार 914 जॉबकार्ड धारक परिवारों को मांगने पर भी काम नहीं मिला है। इतने बड़े पैमाने पर श्रमिकों को मांगने पर भी काम न मिलने की बात सामने आने पर अधिकारियों में भी खलबली मची हुई है।
शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रत्येक जॉब कार्ड धारक परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाए। जिलाधिकारी अविनाश कुमार और सीडीओ निधि गुप्ता वत्स के स्तर से भी इसको लेकर लगातार निर्देश जारी होते रहते हैं। बावजूद इसके सौ दिन का रोजगार मिलना तो दूर लगभग 65 हजार परिवारों को मांगने पर एक दिन का भी काम नहीं मिल पाया। बीते दिनों मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने मनरेगा के ऑनलाइन दर्ज ब्योरे की समीक्षा की, तो पता चला कि बड़ी संख्या में मजदूरों को मांगने पर भी काम नहीं मिल पाया है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति बिलग्राम विकास खंड में है। यहां मांगने के बावजूद 5975 जॉब कार्ड धारक परिवारों को काम ही नहीं मिला। कुछ इसी तरह पिहानी विकास खंड में मांगने पर भी 5343 परिवारों को मनरेगा से काम नहीं मिल पाया।
मस्टर रोल तक नहीं जारी हुए
सिर्फ 23 दिसंबर की ही ऑनलाइन रिपोर्ट योजना की हकीकत बयां कर देती है। 23 दिसंबर को 128 परिवारों के 135 लोगों ने काम की मांग की। इसके बावजूद इनके मस्टर रोल तक जारी नहीं हुए। मस्टर रोल के बिना मनरेगा से किसी को भी कार्य उपलब्ध कराया जाना संभव नहीं है।
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जिम्मेदारों की सुनिए
मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने बताया कि ऑनलाइन दर्ज ब्योरे से जानकारी मिली है। सभी खंड विकास अधिकारियों को लिखित निर्देश जारी कर दिए गए हैं। काम मांगने वाले सभी जॉब कार्ड धारक परिवारों को चालू वित्तीय वर्ष में ही अधिक से अधिक कार्य उपलब्ध कराने को कहा गया है। जल्द ही स्थिति में सुधार दिखेगा।
ब्लॉक संख्या
बिलग्राम 5975
पिहानी 5343
भरखनी 5253
सुरसा 5009
भरावन 4934
शाहाबाद 4447
संडीला 3911
बावन 3688
कछौना 3335
अहिरोरी 3316
हरियावां 2974
टोडरपुर 2413
बेंहदर 2403
कोथावां 2341
सांडी 2328
माधौगंज 2185
टडिय़ावां 2096
हरपालपुर 1772
मल्लावां 1191
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शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रत्येक जॉब कार्ड धारक परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाए। जिलाधिकारी अविनाश कुमार और सीडीओ निधि गुप्ता वत्स के स्तर से भी इसको लेकर लगातार निर्देश जारी होते रहते हैं। बावजूद इसके सौ दिन का रोजगार मिलना तो दूर लगभग 65 हजार परिवारों को मांगने पर एक दिन का भी काम नहीं मिल पाया। बीते दिनों मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने मनरेगा के ऑनलाइन दर्ज ब्योरे की समीक्षा की, तो पता चला कि बड़ी संख्या में मजदूरों को मांगने पर भी काम नहीं मिल पाया है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति बिलग्राम विकास खंड में है। यहां मांगने के बावजूद 5975 जॉब कार्ड धारक परिवारों को काम ही नहीं मिला। कुछ इसी तरह पिहानी विकास खंड में मांगने पर भी 5343 परिवारों को मनरेगा से काम नहीं मिल पाया।
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मस्टर रोल तक नहीं जारी हुए
सिर्फ 23 दिसंबर की ही ऑनलाइन रिपोर्ट योजना की हकीकत बयां कर देती है। 23 दिसंबर को 128 परिवारों के 135 लोगों ने काम की मांग की। इसके बावजूद इनके मस्टर रोल तक जारी नहीं हुए। मस्टर रोल के बिना मनरेगा से किसी को भी कार्य उपलब्ध कराया जाना संभव नहीं है।
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जिम्मेदारों की सुनिए
मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने बताया कि ऑनलाइन दर्ज ब्योरे से जानकारी मिली है। सभी खंड विकास अधिकारियों को लिखित निर्देश जारी कर दिए गए हैं। काम मांगने वाले सभी जॉब कार्ड धारक परिवारों को चालू वित्तीय वर्ष में ही अधिक से अधिक कार्य उपलब्ध कराने को कहा गया है। जल्द ही स्थिति में सुधार दिखेगा।
ब्लॉक संख्या
बिलग्राम 5975
पिहानी 5343
भरखनी 5253
सुरसा 5009
भरावन 4934
शाहाबाद 4447
संडीला 3911
बावन 3688
कछौना 3335
अहिरोरी 3316
हरियावां 2974
टोडरपुर 2413
बेंहदर 2403
कोथावां 2341
सांडी 2328
माधौगंज 2185
टडिय़ावां 2096
हरपालपुर 1772
मल्लावां 1191