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उल्टी-दस्त, खांसी, बुखार के मरीजों को एक समान परोस रहे भोजन
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फोटो-02- चिकित्सालय में तीमारदारों को भोजन वितरण करते कर्मचारी
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। स्वस्थ रहने और बीमारी से जल्द उबरने में खान-पान की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। जिला अस्पताल में मरीजों को निशुल्क इलाज के साथ उनकी स्वास्थ्य समस्या को ध्यान रखते हुए पोषणयुक्त आहार भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध कराया जाता है।
इसके लिए विभाग की ओर से मरीजों की बीमारी के लिहाज से डाइट चार्ट बनाया गया है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को डॉक्टर की सलाह पर मर्ज के हिसाब से खाना दिया जाना चाहिए। इसके उलट जिला अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों के लिए खाने का मेन्यू एक ही रहता है।
अस्पताल में मरीजों को बीमारी के अनुसार खाना नहीं मिल रहा है। वार्डों में भर्ती उल्टी-दस्त, खांसी, बुखार, सांस और हृदय समेत विभिन्न रोगियों को एक जैसा ही खाना परोसा जा रहा है।
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डॉक्टर मरीजों को मर्ज के अनुसार डाइट नहीं लिख रहे हैं। ऐसे में रसोई पकाने वाले खुद अपने अनुसार मेन्यू बनाकर मरीजों को मनमाने तरीके से खाना परोस रहे हैं।
शनिवार को 82 मरीजों के लिए रसोई में खाना बनाया गया। इन मरीजों को दोपहर के खाने में अरहर की दाल व आलू-परवल की सब्जी दी गई। वहीं रात में सोयाबीन की सब्जी दी गई। मेन्यू में मूंग दाल व लौकी आदि की सब्जी बनाकर परोसी जानी थी।
मरीजों का दर्द
आईसीयू वार्ड में भर्ती वीरेंद्र ने बताया कि उन्हें सांस की बीमारी है। उन्हें अन्य मरीजों को परोसा जा रहा खाना ही मिल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक खांसी, जुकाम के मरीजों को मसालेदार सब्जी के सेवन से बचना चाहिए।
इसके साथ ही सांस के रोगियों को ज्यादा ठंडे भोजन से परहेज करना चाहिए। मरीजों के खाने में डाइट चार्ट न होना समस्या बन रही है। जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे अस्पताल के खाने से मरीजों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार नहीं होता है।
मरीजों को हाथों में थमा रहे रोटियां
अस्पताल में मरीजों के खाना वितरण में अव्यवस्थाएं हावी हैं। रोटियां सिल्वर पेपर मेें लपेटने की बजाय मरीजों को हाथों में थमाई जा रही हैं। यही नहीं, बर्तन न लाने पर ग्लास व प्लास्टिक की बोतलें काटकर मरीज सब्जियां लेते हैं।
यह है अस्पताल का सामान्य मेन्यू
सोमवार सुबह : अरहर दाल, लौकी। शाम को मूंग छिलका वाली दाल व परवल।
मंगलवार सुबह : मसूर दाल, तोरई। शाम को अरहर दाल व कद्दू।
बुधवार सुबह : छिलका मूंग दाल, पालक। शाम मसूर दाल, बींस।
गुरुवार सुबह : अरहर दाल व गोभी। शाम को मूूंग दाल, आलू-टमाटर।
शुक्रवार सुबह : छिलका मसूर दाल, बैंगन। शाम को अरहर दाल, टिंडा।
शनिवार सुबह : मूंग दाल व लौकी। शाम को मसूर दाल, तोरई।
रविवार सुबह : अरहर दाल व पालक, शाम को छिलका मूंग दाल और टमाटर-आलू।
वर्जन
मरीजों को उनकी तय डाइट के अनुसार ही भोजन देने के निर्देश हैं। डाइट के अनुसार खाना नहीं मिलने की किसी भी मरीज ने शिकायत नहीं की है। - डॉ. वाणी गुप्ता, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य, हरदोई
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इसके लिए विभाग की ओर से मरीजों की बीमारी के लिहाज से डाइट चार्ट बनाया गया है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को डॉक्टर की सलाह पर मर्ज के हिसाब से खाना दिया जाना चाहिए। इसके उलट जिला अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों के लिए खाने का मेन्यू एक ही रहता है।
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अस्पताल में मरीजों को बीमारी के अनुसार खाना नहीं मिल रहा है। वार्डों में भर्ती उल्टी-दस्त, खांसी, बुखार, सांस और हृदय समेत विभिन्न रोगियों को एक जैसा ही खाना परोसा जा रहा है।
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डॉक्टर मरीजों को मर्ज के अनुसार डाइट नहीं लिख रहे हैं। ऐसे में रसोई पकाने वाले खुद अपने अनुसार मेन्यू बनाकर मरीजों को मनमाने तरीके से खाना परोस रहे हैं।
शनिवार को 82 मरीजों के लिए रसोई में खाना बनाया गया। इन मरीजों को दोपहर के खाने में अरहर की दाल व आलू-परवल की सब्जी दी गई। वहीं रात में सोयाबीन की सब्जी दी गई। मेन्यू में मूंग दाल व लौकी आदि की सब्जी बनाकर परोसी जानी थी।
मरीजों का दर्द
आईसीयू वार्ड में भर्ती वीरेंद्र ने बताया कि उन्हें सांस की बीमारी है। उन्हें अन्य मरीजों को परोसा जा रहा खाना ही मिल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक खांसी, जुकाम के मरीजों को मसालेदार सब्जी के सेवन से बचना चाहिए।
इसके साथ ही सांस के रोगियों को ज्यादा ठंडे भोजन से परहेज करना चाहिए। मरीजों के खाने में डाइट चार्ट न होना समस्या बन रही है। जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे अस्पताल के खाने से मरीजों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार नहीं होता है।
मरीजों को हाथों में थमा रहे रोटियां
अस्पताल में मरीजों के खाना वितरण में अव्यवस्थाएं हावी हैं। रोटियां सिल्वर पेपर मेें लपेटने की बजाय मरीजों को हाथों में थमाई जा रही हैं। यही नहीं, बर्तन न लाने पर ग्लास व प्लास्टिक की बोतलें काटकर मरीज सब्जियां लेते हैं।
यह है अस्पताल का सामान्य मेन्यू
सोमवार सुबह : अरहर दाल, लौकी। शाम को मूंग छिलका वाली दाल व परवल।
मंगलवार सुबह : मसूर दाल, तोरई। शाम को अरहर दाल व कद्दू।
बुधवार सुबह : छिलका मूंग दाल, पालक। शाम मसूर दाल, बींस।
गुरुवार सुबह : अरहर दाल व गोभी। शाम को मूूंग दाल, आलू-टमाटर।
शुक्रवार सुबह : छिलका मसूर दाल, बैंगन। शाम को अरहर दाल, टिंडा।
शनिवार सुबह : मूंग दाल व लौकी। शाम को मसूर दाल, तोरई।
रविवार सुबह : अरहर दाल व पालक, शाम को छिलका मूंग दाल और टमाटर-आलू।
वर्जन
मरीजों को उनकी तय डाइट के अनुसार ही भोजन देने के निर्देश हैं। डाइट के अनुसार खाना नहीं मिलने की किसी भी मरीज ने शिकायत नहीं की है। - डॉ. वाणी गुप्ता, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य, हरदोई