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निराश्रितों और जरूरतमंदों का पेट भरेगी सामुदायिक रसोई
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हरदोई। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने की कवायद में की गई लॉकडाउन की घोषणा के बीच निराश्रित और वंचितों के लिए भोजन की व्यवस्था जिला प्रशासन ने सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में सभी नगर निकाय क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई की व्यवस्था कराई जाएगी। सामुदायिक रसोई के लिए नोडल अधिकारी नगर मजिस्ट्रेट जंग बहादुर यादव को बनाया गया है। उनके साथ सह नोडल अधिकारी के रूप में जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी को लगाया गया है। स्वैच्छिक संस्थाओं से संपर्क कर यह लोग भोजन सामग्री एकत्रित करने में सहयोग करेंगे। डीएम ने बताया कि सभी अधिशासी अधिकारी अपने नगर निकायों में सामुदायिक रसोई के लिए एक बड़े हॉल की व्यवस्था करेंगे। यहां दो मीटर की दूरी पर बैठाकर भोजन कराया जा सकेगा। एक साथ 10 से अधिक व्यक्तियों को भोजन नहीं कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी अधिशासी अधिकारी हर रोज नगर मजिस्ट्रेट के कार्यालय से भोजन के लिए सामग्री और बजट प्राप्त करेंगे। अपने स्तर पर भोजन बनवाने और परोसने की व्यवस्था अधिशासी अधिकारियों को करनी होगी। अधिशासी अधिकारी जरूरतमंदों को चिह्नित कर भोजन कराएंगे और भोजन करने वाले का नाम, पता और फोटो दर्ज करेंगे। कोई भी व्यक्ति इस कार्य के लिए सहयोग राशि देकर नगर मजिस्ट्रेट के कार्यालय से रसीद भी प्राप्त करेगा। खाद्य सामग्री और व्यय का ब्योरा सभी अधिशासी अधिकारी नगर मजिस्ट्रेट को हर रोज शाम को देंगे।
जिलाधिकारी पुलकित खरे ने बताया कि किसी भी स्वयंसेवी संस्था, समाजसेवी और औद्योगिक संस्थान द्वारा भोजन सामग्री का सार्वजनिक वितरण नहीं किया जाएगा। इसके लिए कोई पास भी निर्गत नहीं किया जाएगा। पूर्व में बनाए गए इस बावत सभी पास तत्काल प्रभाव से अमान्य कर दिए गए हैं। स्वयंसेवी संस्थाएं, समाजसेवी और औद्योगिक संस्थान अगर सामुदायिक रसोई में सहयोग की इच्छा रखते हैं तो अपनी सामर्थ्य के मुताबिक भोजन सामग्री या धनराशि अपने कार्यालय में संग्रह कराएंगे और उसका पूरा ब्योरा भी
डीएम पुलकित खरे ने फल व सब्जियों के मूल्यों को नियंत्रित करने के लिए उप निदेशक कृषि डा. आशुतोष मिश्र को नोडल अधिकारी बनाया है। हर रोज रात में आवश्यक वस्तुओं के थोक व फुटकर मूल्य की रिपोर्ट डीएम को देंगे। गेहूं, आटा, चावल, बेसन, दूध, सरसों तेल, रिफाइंड तेल, शकर आदि प्याज, टमाटर, गोभी, भिंडी, लौकी, कद्दू के भाव की रिपोर्ट देनी होगी। इसके अलावा दालों में अरहर, उर्द, मसूर, मूंग, मटर और चना के साथ ही फलों में सेब, केला, संतरा, अंगूर, अनार, मौसमी और पपीता के भाव भी मांगे गए हैं।
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जिलाधिकारी पुलकित खरे ने बताया कि किसी भी स्वयंसेवी संस्था, समाजसेवी और औद्योगिक संस्थान द्वारा भोजन सामग्री का सार्वजनिक वितरण नहीं किया जाएगा। इसके लिए कोई पास भी निर्गत नहीं किया जाएगा। पूर्व में बनाए गए इस बावत सभी पास तत्काल प्रभाव से अमान्य कर दिए गए हैं। स्वयंसेवी संस्थाएं, समाजसेवी और औद्योगिक संस्थान अगर सामुदायिक रसोई में सहयोग की इच्छा रखते हैं तो अपनी सामर्थ्य के मुताबिक भोजन सामग्री या धनराशि अपने कार्यालय में संग्रह कराएंगे और उसका पूरा ब्योरा भी
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डीएम पुलकित खरे ने फल व सब्जियों के मूल्यों को नियंत्रित करने के लिए उप निदेशक कृषि डा. आशुतोष मिश्र को नोडल अधिकारी बनाया है। हर रोज रात में आवश्यक वस्तुओं के थोक व फुटकर मूल्य की रिपोर्ट डीएम को देंगे। गेहूं, आटा, चावल, बेसन, दूध, सरसों तेल, रिफाइंड तेल, शकर आदि प्याज, टमाटर, गोभी, भिंडी, लौकी, कद्दू के भाव की रिपोर्ट देनी होगी। इसके अलावा दालों में अरहर, उर्द, मसूर, मूंग, मटर और चना के साथ ही फलों में सेब, केला, संतरा, अंगूर, अनार, मौसमी और पपीता के भाव भी मांगे गए हैं।
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