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हरदोईः आखिरी पड़ाव में मानसून ने बदल दिया मौसम का मिजाज

Mon, 26 Sep 2022 12:13 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 26 Sep 2022 12:13 AM IST
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Hardoi, Monsoon changed the mood of the weather in the last stop
फोटो-33- पिहानी क्षेत्र में खेत में भरा बारिश का पानी - फोटो : HARDOI
हरदोई/पिहानी। जिले में इस सप्ताह हुई बारिश ने पूरे माह की कसर निकाल दी है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में मौसम के इस बदलाव का असर खेतीबाड़ी के लिए अच्छा नहीं रहा है। किसानों के मुताबिक कई दिनों की भारी बारिश से उड़द, तिल्ली, बाजरे और गन्ना की फसल को नुकसान पहुंचा है। हालांकि धान के लिए यह बारिश मुफीद है।
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जिले में कहीं कम तो कहीं ज्यादा हुई बारिश का मिलाजुला असर दिखा है। किसानों का कहना है कि जिस तरह से मानसून ने अंतिम पड़ाव में बारिश की है। यही बारिश की रफ्तार जुलाई माह में मिलती तो फसलों और किसानों को फायदा होता। अब आगे बारिश होने से दलहनी और तिलहनी फसलों को नुकसान ही होगा।
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रविवार रात से लेकर शाम तक रुक-रुक कर बारिश हुई। इस कारण सड़कों पर जलभराव और कीचड़ से परेशानी हुई। मौसम विभाग के अनुसार सितंबर माह में इस सप्ताह से पहले 76.2 एमएम बारिश हुई थी।
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इधर एक सप्ताह में रिकार्ड 34 एमएम बारिश के बाद चंद दिनों में ही सितंबर में बारिश की कसर पूरी हो गई है। 25 सितंबर तक 110. 2 एमएम बारिश हुई है।
अगले दो दिनों तक यही मौसम रहने के आसार हैं। इस तरह मौसम में सबसे कम बारिश वाला महीना जुलाई रहा। जिसमें मात्र 65.2 एमएम ही बारिश हुई। जबकि जून में सर्वाधिक 154.6 एमएम बारिश रिकार्ड की गई।
पिहानी क्षेत्र में बारिश के बाद उत्तरी नागर मोहल्ले में बन्ने की चक्की के निकट अत्यंत जर्जर सड़क पर जलभराव और कीचड़ से लोगों का राह निकल पाना दुश्वार है।
मोहल्ले के अरशद, बहीदुर्रहीम, इकबाल और जुबैर ने बताया कि जरा सी बारिश में रास्ता निकल पाना कठिन हो जाता है। यही हालत छिपीटोला, नागर, खुरमुली समेत कई स्थानों की गलियों में है। इन गलियों में जबरदस्त कीचड़ ने राहगीरों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है।
गोपामऊ प्रतिनिधि के अनुसार गोपामऊ बारिश से मौसम तो सुहाना हो गया है, लेकिन तिल्ली की फसल को नुकसान हुआ है। वहीं धान के लिए यह पानी अमृत बनकर बरसा है।
बेनीगंज संवाद प्रतिनिधि के अनुसार किसान ओमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि कई दिन की भारी बरसात से उड़द की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।
पचदेवरा संवाद प्रतिनिधि के अनुसार किसान बलराम सिंह ने बताया कि हो रही बरसात के साथ तेज हवाओं से खेतों में खड़ी उड़द, तिल्ली, बाजरे और गन्ने की फसल खेतों में ही गिर गयी है।

शाहाबाद संवाद प्रतिनिधि के अनुसार सितंबर के अंतिम सप्ताह में हो रही बारिश से तिलहन व दलहनी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। तिल, उड़द व मूंग की फसल को खासा नुकसान हुआ है। वहीं निचली सतह वाले खेतों में मक्का की फसल भी प्रभावित होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। उधर पानी के साथ तेज हवा चलने से गन्ने की फसल पलटने लगी है।
कछौना संवाद प्रतिनिधि के अनुसार पिछले दो-तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बरसात से मूंग, उड़द और तिल्ली की फसल को भारी क्षति हुई।
जिले में किस माह कितनी बारिश हुई
जून 154.6 एमएम
जुलाई 65.2 एमएम
अगस्त 135.0 एमएम
सितंबर 110.2 एमएम
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