फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   hardoi,hardoi news

मनरेगा उपायुक्त को नहीं दिखाई एक करोड़ रुपये के भुगतान की पत्रावलियां

Fri, 06 Aug 2021 11:37 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 06 Aug 2021 11:37 PM IST
विज्ञापन
hardoi,hardoi news
हरदोई। मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने शुक्रवार को सांडी विकास खंड कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान मनरेगा से सामग्री अंश के लिए गत वित्तीय वर्ष में किए गए एक करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान की पत्रावलियां ही नहीं दिखाई गईं। इस पर मनरेगा उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए 10 अगस्त को मनरेगा सेल में पत्रावलियां तलब की हैं। 16 पंचायतों में काम नहीं चलने पर इसके सचिवों, रोजगार सेवकों और तकनीकी सहायकों के वेतन रोकने के निर्देश भी मनरेगा उपायुक्त ने दिए हैं।
विज्ञापन

मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने सांडी ब्लाक मुख्यालय पहुंचकर सबसे पहले मनरेगा के कार्याें की समीक्षा की। इस दौरान पता चला कि ब्लाक की कुल 65 ग्राम पंचायतों में से 16 ग्राम पंचायतों में कार्य नहीं चल रहा है। बीडीओ को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों के सचिवों, रोजगार सेवकों और तकनीकी सहायकों का अगस्त का वेतन और मानदेय अग्रिम आदेशों तक रोक दें। मोबाइल मॉनीटरिंग सिस्टम में ब्लाक के किसी भी कर्मचारी का मोबाइल नंबर पंजीकृत नहीं मिला। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि दो दिन में कम से कम दस ग्राम पंचायतों के कर्मचारियों से मोबाइल मॉनीटरिंग सिस्टम में पंजीकरण कराएं। कंप्यूटर ऑपरेटर से स्पष्टीकरण इस प्रकरण में तलब किया गया है।
विज्ञापन

इसके अलावा सांडी विकास खंड में मनरेगा के सामग्री मद में एक करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है, लेकिन जब इसकी पत्रावलियां मांगी गईं तो कार्यालय सहायक पत्रावली नहीं दिखा सके। इतना ही नहीं वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति पंजिका, मस्टर रोल निर्गत पंजिका, एमबी निर्गत पंजिका, ग्राम पंचायत वार कार्य योजना, ग्राम पंचायत वार हुए भुगतान की पत्रावलियां भी नहीं दिखाई गईं। ये सभी अभिलेख दस अगस्त को मनरेगा उपायुक्त ने जिला मुख्यालय की मनरेगा सेल में तलब किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

आगे की तारीखों में दर्ज मिला क्षेत्र भ्रमण
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी रोमेश कुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर शमी कपूर सोनकर के साथ ही कई अन्य कर्मचारी भी गैर हाजिर मिले। बोरिंग टेक्नीशियन गौरव कुमार पाल और भइयालाल पाल के सात अगस्त तक हस्ताक्षर और साथ ही क्षेत्र भ्रमण दर्ज मिला। एक अन्य बोरिंग टेक्नीशियन नंदनी गुप्ता कार्यालय में नहीं थीं, लेकिन पंजिका पर क्षेत्र भ्रमण दर्ज था। कोई भी यह नहीं बता पाया कि वह कहां भ्रमण पर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed