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उनौती में मिला सरकारीधन का दुरुपयोग, मानकविहीन निर्माण
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सामुदायिक शौचालय उनौती की चटकी दीवार देखकर निकलते डीपीआरओ गिरीशचंद्र। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। टड़ियावां विकास खंड के ग्राम उनौती में शुक्रवार को औचक निरीक्षण पर पहुंचे डीपीआरओ के सामने सरकारी धन के दुरुपयोग और सामुदायिक शौचालय के निर्माण में हुई अनियमितता की पोल खुल गई। नाराज डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत के सचिव अभिनव मेहरोत्रा का वेतन कार्य पूरा कराए जाने तक रोक दिया है।
अलग-अलग गांवों से निर्माण कार्यों की आड़ में वित्तीय अनियमितताओं और निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी की शिकायतें लगातार आ रहीं हैं। हकीकत परखने के लिए अब खुद डीपीआरओ गिरीश चंद्र मैदान में उतरे हैं। शुक्रवार को अचानक उनौती पहुंचे डीपीआरओ को पंचायत भवन परिसर में इंटरलॉकिंग लगाए जाने का कार्य होता मिला। डीपीआरओ के मुताबिक दो वर्ष पहले ही पंचायत भवन का कायाकल्प कराया जा चुका है और इंटरलॉकिंग लगाने की आवश्यकता नहीं है। डीपीआरओ ने इसे सरकारी धन का दुरुपयोग माना है।
वहीं दूसरी ओर गांव में निर्मित सामुदायिक शौचालय की दशा भी खराब मिली। शौचालय की दीवार चटक गई है और दरवाजे खुल ही नहीं रहे हैं। शौचलय के पाइप टूटे मिले, जबकि सबमर्सिबल भी खराब मिला। यूरिनल और वॉशबेसिन में पाइप नहीं लगे मिले। सफाई व्यवस्था के लिए यहां केयर टेकर सरस्वती रखी गई हैं, लेकिन उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। डीपीआरओ ने बताया कि ग्राम सचिव अभिनव मेहरोत्रा का वेतन कार्य पूर्ण कराए जाने तक रोक दिया गया है।
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अलग-अलग गांवों से निर्माण कार्यों की आड़ में वित्तीय अनियमितताओं और निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी की शिकायतें लगातार आ रहीं हैं। हकीकत परखने के लिए अब खुद डीपीआरओ गिरीश चंद्र मैदान में उतरे हैं। शुक्रवार को अचानक उनौती पहुंचे डीपीआरओ को पंचायत भवन परिसर में इंटरलॉकिंग लगाए जाने का कार्य होता मिला। डीपीआरओ के मुताबिक दो वर्ष पहले ही पंचायत भवन का कायाकल्प कराया जा चुका है और इंटरलॉकिंग लगाने की आवश्यकता नहीं है। डीपीआरओ ने इसे सरकारी धन का दुरुपयोग माना है।
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वहीं दूसरी ओर गांव में निर्मित सामुदायिक शौचालय की दशा भी खराब मिली। शौचालय की दीवार चटक गई है और दरवाजे खुल ही नहीं रहे हैं। शौचलय के पाइप टूटे मिले, जबकि सबमर्सिबल भी खराब मिला। यूरिनल और वॉशबेसिन में पाइप नहीं लगे मिले। सफाई व्यवस्था के लिए यहां केयर टेकर सरस्वती रखी गई हैं, लेकिन उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। डीपीआरओ ने बताया कि ग्राम सचिव अभिनव मेहरोत्रा का वेतन कार्य पूर्ण कराए जाने तक रोक दिया गया है।
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