हरदोई। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत शौचालय निर्माण के लिए भेजे तकरीबन 21 लाख रुपये ग्राम प्रधान और सचिव ने खाते से निकाल लिए। शौचालयों का निर्माण कराया ही नहीं। जांच में गोलमाल की पुष्टि होने पर अब तत्कालीन ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव को नोटिस जारी की गई है। 21 दिन के अंदर नोटिस का जवाब न मिलने पर तत्कालीन प्रधान और सचिव से आधी-आधी राशि वसूली जाएगी।
अहिरोरी विकास खंड की ग्राम पंचायत रावबहादुर में शौचालय निर्माण में अनियमितता की शिकायत डीएम से की गई थी। डीएम अविनाश कुमार ने मामले की जांच उपायुक्त स्वत: रोजगार को सौंपी थी। 19 दिसंबर को उपायुक्त ने अपनी जांच रिपोर्ट भेज दी थी। जांच रिपोर्ट के मुताबिक ग्राम पंचायत के निधि-6 का खाता यूनियन बैंक की करीमनगर सैदापुर शाखा में है। यहां शौचालय निर्माण की दूसरी किस्त के लिए 20,95,240 रुपये भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट के मुताबिक सचिव और प्रधान ने यह धन आहरित कर लिया, लेकिन शौचालयों का निर्माण पूरा नहीं कराया। ऐसे में पूरे गोलमाल के लिए तत्कालीन ग्राम सचिव सतेंद्र प्रताप सिंह और तत्कालीन प्रधान मैकू को दोषी माना गया है। तत्कालीन ग्राम प्रधान से 10,47,620 रुपये और तत्कालीन ग्राम सचिव से भी इतने ही रुपये की वसूली किए जाने की संस्तुति भी की गई है। डीपीआरओ गिरीश चंद्र ने बताया कि प्रक्रिया के मुताबिक डीएम अविनाश कुमार की ओर से तत्कालीन ग्राम प्रधान मैकू को नोटिस जारी की गई है, जबकि ग्राम सचिव सतेंद्र प्रताप सिंह को डीपीआरओ की तरफ से नोटिस जारी किया है। 21 दिन के अंदर जवाब न देने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।