{"_id":"69f0f091d254d5ece6078c70","slug":"hardoi-district-cooperative-bank-fined-rs-1-lakh-for-kyc-violation-increased-monitoring-of-cooperative-banks-in-up-hardoi-news-c-12-1-knp1086-1506204-2026-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: केवाईसी उल्लंघन पर हरदोई जिला सहकारी बैंक पर एक लाख जुर्माना, यूपी में सहकारी बैंकों पर बढ़ी निगरानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: केवाईसी उल्लंघन पर हरदोई जिला सहकारी बैंक पर एक लाख जुर्माना, यूपी में सहकारी बैंकों पर बढ़ी निगरानी
विज्ञापन
लखनऊ। आरबीआई ने उत्तर प्रदेश के हरदोई जिला सहकारी बैंक लिमिटेड पर केवाईसी नियमों के उल्लंघन के चलते एक लाख का मौद्रिक दंड लगाया है। बैंक की जांच नाबार्ड द्वारा 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के आधार पर की गई थी। जांच में पाया गया कि बैंक खातों के जोखिम वर्गीकरण की समय-समय पर समीक्षा (कम से कम हर 6 महीने में) करने की व्यवस्था लागू करने में विफल रहा। इसके साथ ही आरबीआई ने यूपी में सहकारी बैंकों की निगरानी और सख्त कर दी है।
आरबीआई के चीफ जनरल मैनेजर ब्रजराज द्वारा जारी सूचना के मुताबिक बैंक की वैधानिक जांच नेशनल बैंक फार एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) द्वारा 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के आधार पर की गई थी। जांच में सामने आई कमियों के बाद आरबीआई ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। आरबीआई के अनुसार, बैंक खातों के जोखिम वर्गीकरण की समय-समय पर समीक्षा करने की व्यवस्था लागू करने में खरा नहीं उतरा। आरबीआई ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल नियामकीय अनुपालन में कमी के आधार पर है और इससे ग्राहकों के लेन-देन की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता। साथ ही, भविष्य में अन्य कार्रवाई भी संभव है।
आरबीआई द्वारा उत्तर प्रदेश में सहकारी बैंकिंग सेक्टर पर नियामकीय निगरानी लगातार बढ़ रही है। राज्य में कई सहकारी बैंक वित्तीय और अनुपालन मानकों के आधार पर निगरानी में रखे गए हैं, जिन्हें आम तौर पर जोखिम श्रेणी या सुधारात्मक निगरानी के दायरे में माना जाता है।पिछले कुछ वर्षों में कई सहकारी बैंकों पर आरबीआई द्वारा जुर्माना या प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है, जो यह दर्शाता है कि सेक्टर में अनुपालन संबंधी चुनौतियां बनी हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरबीआई के चीफ जनरल मैनेजर ब्रजराज द्वारा जारी सूचना के मुताबिक बैंक की वैधानिक जांच नेशनल बैंक फार एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) द्वारा 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के आधार पर की गई थी। जांच में सामने आई कमियों के बाद आरबीआई ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। आरबीआई के अनुसार, बैंक खातों के जोखिम वर्गीकरण की समय-समय पर समीक्षा करने की व्यवस्था लागू करने में खरा नहीं उतरा। आरबीआई ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल नियामकीय अनुपालन में कमी के आधार पर है और इससे ग्राहकों के लेन-देन की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता। साथ ही, भविष्य में अन्य कार्रवाई भी संभव है।
विज्ञापन
आरबीआई द्वारा उत्तर प्रदेश में सहकारी बैंकिंग सेक्टर पर नियामकीय निगरानी लगातार बढ़ रही है। राज्य में कई सहकारी बैंक वित्तीय और अनुपालन मानकों के आधार पर निगरानी में रखे गए हैं, जिन्हें आम तौर पर जोखिम श्रेणी या सुधारात्मक निगरानी के दायरे में माना जाता है।पिछले कुछ वर्षों में कई सहकारी बैंकों पर आरबीआई द्वारा जुर्माना या प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है, जो यह दर्शाता है कि सेक्टर में अनुपालन संबंधी चुनौतियां बनी हुई हैं।
विज्ञापन