फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Case of half-burnt body found in Hardoi, identified with DNA report after seven months

Hardoi: अधजला शव मिलने का मामला, सात माह बाद डीएनए रिपोर्ट से हुई पहचान, अब खुलासे का इंतजार

Sat, 15 Oct 2022 06:33 PM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई Published by: कानपुर ब्यूरो Updated Sat, 15 Oct 2022 06:33 PM IST
सार

कासिमपुर के पल्ले पार में 12 मार्च को अधजला शव मिला था, जिसकी पहचान सात महीने बाद डीएनए रिपोर्ट से हो पाई है। बता दें कि मिला शव किसी और का था और अंतिम संस्कार किसी और ने किया था।

विज्ञापन
Case of half-burnt body found in Hardoi, identified with DNA report after seven months
डीएनए - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हरदोई जिले के बेहंदर में कासिमपुर थाना क्षेत्र के पल्ले पार गांव में 12 मार्च को गेहूं के खेत में मिले अधजले शव की सात माह बाद डीएनए रिपोर्ट से पहचान हुई है। परिजनों ने नामजद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।पल्ले पार गांव के पास 12 मार्च को एक अज्ञात अधजला शव गेहूं के खेत में मिला था।

विज्ञापन

13 मार्च को कासिमपुर थाना क्षेत्र के अल्लीपुर टंडवा निवासी शिव प्यारी ने शव अपने बेटे गोपाल का होने का दावा किया था। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव उसके सुपुर्द कर दिया था। शिव प्यारी के परिजन ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया था।
विज्ञापन

घटना के 19वें दिन उन्नाव के बेहटा मुजावर थाने के सल्हाखेड़ा गांव निवासी रजनीश ने थाने पहुंचकर पैंट के टुकड़े, चप्पल से शव की शिनाख्त अपने भाई राजू सिंह के रूप में की थी। बताया था कि उसके भाई ने बेनीगंज के खेरवा मजरा कोरोकला निवासी सुमन के साथ तीन वर्ष पूर्व प्रेम विवाह किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

राजू महाराष्ट्र में रहकर काम करता था। चार मार्च को वह महाराष्ट्र से अपनी ससुराल आया था। उसके सौतेला भाई दीपू सिंह और कासिमपुर के पिलखनी गांव निवासी दीपू के साले कुलदीप ने उसे फोन करके पिलखनी बुलाया था। वह बाइक से पिलखनी गया था। इसके बाद से वह लापता हो गया था।

रजनीश ने सौतेले भाई दीपू व उसके साले के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके पहले राजू का गोपाल के परिजन अंतिम संस्कार कर चुके थे। अब पुलिस ने शव की पहचान के लिए दोनों के परिजनों की डीएनए जांच कराई। सात माह बाद डीएनए रिपोर्ट आई, जिससे राजू का शव होने की शिनाख्त हुई।

सात माह इंतजार करने के बाद परिजन में न्याय की उम्मीद अब जागी है। वहीं अब परिजन खुलासे का इंतजार कर रहे हैं। एसओ हरिशंकर प्रजापति ने बताया कि डीएनए रिपोर्ट आई है। जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर दोषियों को जेल भेजा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed