Hardoi: अधजला शव मिलने का मामला, सात माह बाद डीएनए रिपोर्ट से हुई पहचान, अब खुलासे का इंतजार
कासिमपुर के पल्ले पार में 12 मार्च को अधजला शव मिला था, जिसकी पहचान सात महीने बाद डीएनए रिपोर्ट से हो पाई है। बता दें कि मिला शव किसी और का था और अंतिम संस्कार किसी और ने किया था।
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हरदोई जिले के बेहंदर में कासिमपुर थाना क्षेत्र के पल्ले पार गांव में 12 मार्च को गेहूं के खेत में मिले अधजले शव की सात माह बाद डीएनए रिपोर्ट से पहचान हुई है। परिजनों ने नामजद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।पल्ले पार गांव के पास 12 मार्च को एक अज्ञात अधजला शव गेहूं के खेत में मिला था।
13 मार्च को कासिमपुर थाना क्षेत्र के अल्लीपुर टंडवा निवासी शिव प्यारी ने शव अपने बेटे गोपाल का होने का दावा किया था। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव उसके सुपुर्द कर दिया था। शिव प्यारी के परिजन ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया था।
घटना के 19वें दिन उन्नाव के बेहटा मुजावर थाने के सल्हाखेड़ा गांव निवासी रजनीश ने थाने पहुंचकर पैंट के टुकड़े, चप्पल से शव की शिनाख्त अपने भाई राजू सिंह के रूप में की थी। बताया था कि उसके भाई ने बेनीगंज के खेरवा मजरा कोरोकला निवासी सुमन के साथ तीन वर्ष पूर्व प्रेम विवाह किया था।
राजू महाराष्ट्र में रहकर काम करता था। चार मार्च को वह महाराष्ट्र से अपनी ससुराल आया था। उसके सौतेला भाई दीपू सिंह और कासिमपुर के पिलखनी गांव निवासी दीपू के साले कुलदीप ने उसे फोन करके पिलखनी बुलाया था। वह बाइक से पिलखनी गया था। इसके बाद से वह लापता हो गया था।
रजनीश ने सौतेले भाई दीपू व उसके साले के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके पहले राजू का गोपाल के परिजन अंतिम संस्कार कर चुके थे। अब पुलिस ने शव की पहचान के लिए दोनों के परिजनों की डीएनए जांच कराई। सात माह बाद डीएनए रिपोर्ट आई, जिससे राजू का शव होने की शिनाख्त हुई।
सात माह इंतजार करने के बाद परिजन में न्याय की उम्मीद अब जागी है। वहीं अब परिजन खुलासे का इंतजार कर रहे हैं। एसओ हरिशंकर प्रजापति ने बताया कि डीएनए रिपोर्ट आई है। जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर दोषियों को जेल भेजा जाएगा।