{"_id":"6320a2af8b5cd82873777334","slug":"hardoi-10-years-imprisonment-for-kidnapping-and-rape-hardoi-news-knp7179187100","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरदोईः अपहरण व दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरदोईः अपहरण व दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष का कारावास
विज्ञापन
हरदोई। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट नंबर 15 के न्यायाधीश अबुल कैश ने अपहरण व दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष कारावास एवं 55,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की दशा में उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सांडी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था। उसमें कहा था कि उसकी बेटी 10 अक्तूबर 2015 की शाम छह बजे शौच के लिए गई थी। जहां से गांव का उपदेश शादी करने का झांसा देकर उसे बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया।
इस काम में उसकी मदद अजीत, मूलचंद्र एवं दूरवीन ने की। जब इन लोगों से वह बेटी को वापस बुलाने के लिए कहने गया। तो तीनों ने यह कहा कि उपदेश को जहां लेकर जाना था चला गया है।
विज्ञापन
बेटी को ले जाते समय गांव के कुछ लोगों ने देखा था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी उपदेश के खिलाफ अपहरण एवं दुष्कर्म के मामले में रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के बाद चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी।
जिसकी सुनवाई यहां न्यायालय में चल रही थी। अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे मनीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दोषी किशोरी को बहला-फुसलाकर ले गया था।
उसके किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने उसे दोषी मानते हुए सजा और अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को देने का आदेश भी दिया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
सांडी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था। उसमें कहा था कि उसकी बेटी 10 अक्तूबर 2015 की शाम छह बजे शौच के लिए गई थी। जहां से गांव का उपदेश शादी करने का झांसा देकर उसे बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया।
विज्ञापन
इस काम में उसकी मदद अजीत, मूलचंद्र एवं दूरवीन ने की। जब इन लोगों से वह बेटी को वापस बुलाने के लिए कहने गया। तो तीनों ने यह कहा कि उपदेश को जहां लेकर जाना था चला गया है।
विज्ञापन
बेटी को ले जाते समय गांव के कुछ लोगों ने देखा था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी उपदेश के खिलाफ अपहरण एवं दुष्कर्म के मामले में रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के बाद चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी।
जिसकी सुनवाई यहां न्यायालय में चल रही थी। अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे मनीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दोषी किशोरी को बहला-फुसलाकर ले गया था।
उसके किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने उसे दोषी मानते हुए सजा और अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को देने का आदेश भी दिया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।