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दोषी पुलिसकर्मियों पर करें कार्रवाई
ब्यूरो/ अमर उजाला, हरदोई
Updated Sat, 14 Mar 2015 12:20 AM IST
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शाहाबाद के अधिवक्ता की पिटाई के खिलाफ रिपब्लिकन
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पार्टी ऑफ इंडिया ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों ने दोषी
पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा इलाहाबाद में
दरोगा द्वारा अधिवक्ता की हत्या पर भी रोष जताया। इसके बाद राज्यपाल को
संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया के जिलाध्यक्ष अवनींद्र कुमार ने कहा कि इलाहाबाद में दरोगा द्वारा अधिवक्ता की कचहरी परिसर में गोली मारकर हत्या ने सिद्ध कर दिया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं रह गई है।
मुख्यमंत्री जिस प्रकार अधिवक्ताओं पर बर्बरतापूर्वक लाठियां चलवा रहे हैं, ऐसी सरकार का सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि न्यायालय परिसरों में सुरक्षा बलों के अतिरिक्त पुलिस कर्मियों के प्रवेश से पूर्व उनके अस्त्र शस्त्र जमा करके आने के निर्देश दिए जाएं।
दोषी दरोगा को बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाए। मृतक अधिवक्ता के परिजनों को 50 लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायल अधिवक्ताओं को एक-एक लाख रुपये की धनराशि दी जाए। साथ ही मृतक अधिवक्ता के आश्रित को नौकरी दी जाए। इसके बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया गया।
इसमें शांतिपूर्वक विरोध कर रहे शाहाबाद के अधिवक्ता रमाकांत त्रिपाठी को पीटने वाले शाहाबाद कोतवाली के दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें निलंबित किया जाए। इस मौके पर चेतराम, राजाराम, शिवचरन लाल वर्मा, तोताराम, महेश बाबू भी मौजूद रहे।
रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया के जिलाध्यक्ष अवनींद्र कुमार ने कहा कि इलाहाबाद में दरोगा द्वारा अधिवक्ता की कचहरी परिसर में गोली मारकर हत्या ने सिद्ध कर दिया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं रह गई है।
मुख्यमंत्री जिस प्रकार अधिवक्ताओं पर बर्बरतापूर्वक लाठियां चलवा रहे हैं, ऐसी सरकार का सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि न्यायालय परिसरों में सुरक्षा बलों के अतिरिक्त पुलिस कर्मियों के प्रवेश से पूर्व उनके अस्त्र शस्त्र जमा करके आने के निर्देश दिए जाएं।
दोषी दरोगा को बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाए। मृतक अधिवक्ता के परिजनों को 50 लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायल अधिवक्ताओं को एक-एक लाख रुपये की धनराशि दी जाए। साथ ही मृतक अधिवक्ता के आश्रित को नौकरी दी जाए। इसके बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया गया।
इसमें शांतिपूर्वक विरोध कर रहे शाहाबाद के अधिवक्ता रमाकांत त्रिपाठी को पीटने वाले शाहाबाद कोतवाली के दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें निलंबित किया जाए। इस मौके पर चेतराम, राजाराम, शिवचरन लाल वर्मा, तोताराम, महेश बाबू भी मौजूद रहे।