{"_id":"696bc58300ab02eff400b90d","slug":"gst-slabs-should-be-5-for-hotel-industries-and-18-for-tent-services-hardoi-news-c-213-1-hra1001-143478-2026-01-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: होटल इंडस्ट्रीज में जीएसटी 5% और टेंट सर्विसेस में 18%, समान स्लैब किया जाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: होटल इंडस्ट्रीज में जीएसटी 5% और टेंट सर्विसेस में 18%, समान स्लैब किया जाए
विज्ञापन
फोटो-03- विवेकानंद सभागार में व्यापारी संवाद कार्यक्रम में बोलते आयकर विभाग के अधिकारी। संवाद
हरदोई। वस्तु और सेवा कर विभाग के व्यापारी संवाद कार्यक्रम में व्यापारियों, उद्यमियों ने जीएसटी स्लैब और नियमों की खामियां गिनाईं। हरदोई लाइट टेंट कैटर्स यूनियन की ओर से होटल इंडस्ट्रीज में जीएसटी पांच प्रतिशत और टेंट सर्विसेस पर 18 प्रतिशत जीएसटी होने का मुद्दा उठाया गया। यूनियन संरक्षक ने समान स्लैब किए जाने का प्रस्ताव रखा।
वस्तु और सेवा कर विभाग की ओर से शनिवार को स्वामी विवेकानंद सभागार में व्यापारी संवाद कार्यक्रम में अधिकारियों ने जीएसटी, सरकारी योजनाओं के लाभ गिनाएं। वहीं, हरदोई लाइट टेंट कैटर्स यूनियन के संरक्षक प्रेम शुक्ला की ओर से होटल इंडस्ट्रीज और टेंट सर्विसेस पर जीएसटी में बड़ा अंतर होने का मुद्दा उठाया। कहा कि टेंट सर्विसेस में सामान का भी नुकसान संचालकों को ही उठाना पड़ता है जिससे कारोबार में मुनाफा कम और लागत और टैक्स अधिक देना पड़ता है। समान टैक्स स्लैब किया जाए।
उप्र उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री नवल महेश्वरी ने जीएसटी की विसंगतियों को दूर किए जाने की मांग की। ईंट-भट्ठा संचालक सैय्यद हसन ने कहा कि टैक्स देने और न देने वालों को एक ही श्रेणी में रखा जाना उचित नहीं है। सीमेंट फैक्टरियां चाह रही हैं कि लाल ईंट का काम बंद हो जाए। बाल कृष्ण जिंदल ने कहा कि नहाने के साबुन पर पांच और डिटर्जेंट पर 18 प्रतिशत जीएसटी है। मंडी की औपचारिकताएं भी जीएसटी विभाग से जोड़ी जाएं। कपिल मोहन गुप्ता ने कहा कि कर मुक्त व्यापारियों को भी नोटिस दी जाती है। राधिका, आकाश चंद्र, भजनलाल संमानी, वकील संदीप कुमार ने भी अपने विचार रखें।
विज्ञापन
जीएसटी के संयुक्त आयुक्त उदय प्रताप सिंह ने कहा कि व्यापारियों को किसी भी प्रकार की समस्या हो तो वह सीधे उन्हें बताएं। उपायुक्त रवींद्र कुमार, हरिशंकर दुबे, सहायक आयुक्त अरविंद कुमार, अंशू सिंह, सीटीओ सतीश कुमार सिंह ने विभागीय योजनाओं और टैक्स की ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी दी। उपायुक्त प्रशासन संतोष कुमार गौतम ने आभार जताया। संचालन सहायक आयुक्त श्रुति गुप्ता ने किया।
-- -
ऑडिट प्रक्रिया बंद की जाए
लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष सजीव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री की वन ट्रिलियन डॉलर की योजना को व्यापारी ही साकार करेंगे। व्यापारियों के लिए बहुत सी सुविधाओं की बात कही जाती है। उन तक कैसे लाभ पहुंचेगा इस पर भी काम होना चाहिए। जीएसटी की ऑनलाइन रिटर्न दाखिल होने के बाद भी ऑडिट किए जाने की प्रक्रिया को बंद किए जाने की मांग की। ऑडिट से व्यापारियों का उत्पीड़न होता है।
-- -
विधान परिषद में व्यापारी वर्ग का प्रतिनिधित्व होना चाहिए
व्पापार मंडल के जिलाध्यक्ष अब्बाद हुसैन ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वदेशी का नारा दिया जा रहा है। जीएसटी दर कम होने से व्यापार बढ़ा है। लोगों को सीधे लाभ मिला है लेकिन ऑनलाइन व्यापार के कारण खुदरा व्यापारी संकट में हैं। मांग की कि नीति आयोग का गठन होना चाहिए। ऑनलाइन ट्रेडिंग पर रोक लगे। स्नातक और शिक्षक क्षेत्र से एमएलसी की भांति व्यापारी वर्ग से भी विधान परिषद में प्रतिनिधित्व होना चाहिए। जिला पंचायत और नगरीय निकाय से व्यापारी वर्ग को दिक्कत होती है इसके समाधान के लिए जिला पंचायत और नगर पालिका में व्यापारी वर्ग से सदस्य नामित किए जाने चाहिए। जो व्यापारियों के हित की बात सदन में उठा सकें।
-- -
ईंट-भट्ठों के लिए समाधान योजना दोबारा से लागू की जाए
ईंट-भट्ठा निर्माता समिति के जिला महामंत्री योगेंद्र दत्त मिश्रा ने कहा कि ईंट-भट्ठा संचालकों की दिक्कतों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने ईंट-भट्ठा के लिए दोबारा से समाधान योजना लागू किए जाने की मांग की। बैंक तक कच्चा काम होने की बात कहकर ऋण देने से मना कर देती हैं। श्रमिकों को अग्रिम भुगतान भी देना पड़ता है। मौका पड़ने पर बंधुआ मजदूर बताकर संचालकों पर कार्रवाई की जाती है। सरकार ने भी लाल ईंट प्रतिबंधित कर दी है। खड़ंजा का भी काम बंद है। सीमेंटेड ईंट को बढ़ावा दिया जा रहा है। कहा कि पंजीकरण कराकर काम करने वालों का सर्वे होता है जबकि बिना पंजीकृत संचालित हो रहे हैं। फर्मों से फर्जी ईंट की आपूर्ति की जा रही है विभाग को ऐसी फर्मों की जांच करनी चाहिए।
विज्ञापन
वस्तु और सेवा कर विभाग की ओर से शनिवार को स्वामी विवेकानंद सभागार में व्यापारी संवाद कार्यक्रम में अधिकारियों ने जीएसटी, सरकारी योजनाओं के लाभ गिनाएं। वहीं, हरदोई लाइट टेंट कैटर्स यूनियन के संरक्षक प्रेम शुक्ला की ओर से होटल इंडस्ट्रीज और टेंट सर्विसेस पर जीएसटी में बड़ा अंतर होने का मुद्दा उठाया। कहा कि टेंट सर्विसेस में सामान का भी नुकसान संचालकों को ही उठाना पड़ता है जिससे कारोबार में मुनाफा कम और लागत और टैक्स अधिक देना पड़ता है। समान टैक्स स्लैब किया जाए।
विज्ञापन
उप्र उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री नवल महेश्वरी ने जीएसटी की विसंगतियों को दूर किए जाने की मांग की। ईंट-भट्ठा संचालक सैय्यद हसन ने कहा कि टैक्स देने और न देने वालों को एक ही श्रेणी में रखा जाना उचित नहीं है। सीमेंट फैक्टरियां चाह रही हैं कि लाल ईंट का काम बंद हो जाए। बाल कृष्ण जिंदल ने कहा कि नहाने के साबुन पर पांच और डिटर्जेंट पर 18 प्रतिशत जीएसटी है। मंडी की औपचारिकताएं भी जीएसटी विभाग से जोड़ी जाएं। कपिल मोहन गुप्ता ने कहा कि कर मुक्त व्यापारियों को भी नोटिस दी जाती है। राधिका, आकाश चंद्र, भजनलाल संमानी, वकील संदीप कुमार ने भी अपने विचार रखें।
विज्ञापन
जीएसटी के संयुक्त आयुक्त उदय प्रताप सिंह ने कहा कि व्यापारियों को किसी भी प्रकार की समस्या हो तो वह सीधे उन्हें बताएं। उपायुक्त रवींद्र कुमार, हरिशंकर दुबे, सहायक आयुक्त अरविंद कुमार, अंशू सिंह, सीटीओ सतीश कुमार सिंह ने विभागीय योजनाओं और टैक्स की ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी दी। उपायुक्त प्रशासन संतोष कुमार गौतम ने आभार जताया। संचालन सहायक आयुक्त श्रुति गुप्ता ने किया।
ऑडिट प्रक्रिया बंद की जाए
लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष सजीव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री की वन ट्रिलियन डॉलर की योजना को व्यापारी ही साकार करेंगे। व्यापारियों के लिए बहुत सी सुविधाओं की बात कही जाती है। उन तक कैसे लाभ पहुंचेगा इस पर भी काम होना चाहिए। जीएसटी की ऑनलाइन रिटर्न दाखिल होने के बाद भी ऑडिट किए जाने की प्रक्रिया को बंद किए जाने की मांग की। ऑडिट से व्यापारियों का उत्पीड़न होता है।
विधान परिषद में व्यापारी वर्ग का प्रतिनिधित्व होना चाहिए
व्पापार मंडल के जिलाध्यक्ष अब्बाद हुसैन ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वदेशी का नारा दिया जा रहा है। जीएसटी दर कम होने से व्यापार बढ़ा है। लोगों को सीधे लाभ मिला है लेकिन ऑनलाइन व्यापार के कारण खुदरा व्यापारी संकट में हैं। मांग की कि नीति आयोग का गठन होना चाहिए। ऑनलाइन ट्रेडिंग पर रोक लगे। स्नातक और शिक्षक क्षेत्र से एमएलसी की भांति व्यापारी वर्ग से भी विधान परिषद में प्रतिनिधित्व होना चाहिए। जिला पंचायत और नगरीय निकाय से व्यापारी वर्ग को दिक्कत होती है इसके समाधान के लिए जिला पंचायत और नगर पालिका में व्यापारी वर्ग से सदस्य नामित किए जाने चाहिए। जो व्यापारियों के हित की बात सदन में उठा सकें।
ईंट-भट्ठों के लिए समाधान योजना दोबारा से लागू की जाए
ईंट-भट्ठा निर्माता समिति के जिला महामंत्री योगेंद्र दत्त मिश्रा ने कहा कि ईंट-भट्ठा संचालकों की दिक्कतों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने ईंट-भट्ठा के लिए दोबारा से समाधान योजना लागू किए जाने की मांग की। बैंक तक कच्चा काम होने की बात कहकर ऋण देने से मना कर देती हैं। श्रमिकों को अग्रिम भुगतान भी देना पड़ता है। मौका पड़ने पर बंधुआ मजदूर बताकर संचालकों पर कार्रवाई की जाती है। सरकार ने भी लाल ईंट प्रतिबंधित कर दी है। खड़ंजा का भी काम बंद है। सीमेंटेड ईंट को बढ़ावा दिया जा रहा है। कहा कि पंजीकरण कराकर काम करने वालों का सर्वे होता है जबकि बिना पंजीकृत संचालित हो रहे हैं। फर्मों से फर्जी ईंट की आपूर्ति की जा रही है विभाग को ऐसी फर्मों की जांच करनी चाहिए।