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ग्राम सचिवों ने खंड विकास अधिकारी पर लगाया उत्पीडन का आरोप
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हरदोई। अहिरोरी विकास खंड में पौधरोपण के नाम पर हुए खेल के मामले में ग्राम सचिवों ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। ग्राम सचिवों ने शुक्रवार को मनरेगा उपायुक्त और जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) से मुलाकात की। उनसे कहा कि पौधरोपण के नाम पर हुए फर्जीवाड़े की कोई जानकारी ग्राम सचिवों को नहीं है। आरोप लगाया कि बीडीओ पूरे मामले से बचने के लिए ग्राम सचिवों का वेतन रोक रहे हैं।
अहिरोरी की 15 ग्राम पंचायतों में पौधरोपण के नाम पर फर्जीवाड़े का खुलासा अमर उजाला ने गत मंगलवार को किया था। इसमें बताया था कि बीडीओ और अन्य जिम्मेदारों ने पौधरोपण के नाम पर धनराशि मनरेगा के खाते से निकाल ली, लेकिन पौधरोपण नहीं कराया। मामले में मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने डीएम अविनाश कुमार और सीडीओ निधि गुप्ता वत्स के निर्देश पर बीडीओ अहिरोरी अमरेश सिंह चौहान और एडीओ आईएसबी राजीव पांडेय से जवाब तलब किया है।
दो नर्सरियों को किए गए भुगतान पर भी रोक लगा दी है। गुरुवार को संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिवों ने बीडीओ को ज्ञापन सौंप पौधरोपण व भुगतान की जानकारी होने से इनकार किया था। इसके बाद बीडीओ ने ग्राम सचिवों के विरुद्ध वेतन रोकने की कार्रवाई शुरू कर दी। इससे नाराज ग्राम सचिवों ने मनरेगा उपायुक्त और डीडीओ को दिए पत्र में कहा है कि पौधरोपण में हुए फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच की जाए। मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने ग्राम सचिवों को आश्वस्त किया कि जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी।
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बीडीओ ने आरोपों को बताया गलत
उत्पीड़न के आरोपों पर बीडीओ अमरेश सिंह चौहान ने कहा कि वेतन अन्य कार्यों की वजह से अवरुद्ध हुआ है। पौधरोपण संबंधी प्रकरण से इसका कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने उत्पीड़न की बात से इनकार किया।
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अहिरोरी की 15 ग्राम पंचायतों में पौधरोपण के नाम पर फर्जीवाड़े का खुलासा अमर उजाला ने गत मंगलवार को किया था। इसमें बताया था कि बीडीओ और अन्य जिम्मेदारों ने पौधरोपण के नाम पर धनराशि मनरेगा के खाते से निकाल ली, लेकिन पौधरोपण नहीं कराया। मामले में मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने डीएम अविनाश कुमार और सीडीओ निधि गुप्ता वत्स के निर्देश पर बीडीओ अहिरोरी अमरेश सिंह चौहान और एडीओ आईएसबी राजीव पांडेय से जवाब तलब किया है।
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दो नर्सरियों को किए गए भुगतान पर भी रोक लगा दी है। गुरुवार को संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिवों ने बीडीओ को ज्ञापन सौंप पौधरोपण व भुगतान की जानकारी होने से इनकार किया था। इसके बाद बीडीओ ने ग्राम सचिवों के विरुद्ध वेतन रोकने की कार्रवाई शुरू कर दी। इससे नाराज ग्राम सचिवों ने मनरेगा उपायुक्त और डीडीओ को दिए पत्र में कहा है कि पौधरोपण में हुए फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच की जाए। मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने ग्राम सचिवों को आश्वस्त किया कि जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी।
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बीडीओ ने आरोपों को बताया गलत
उत्पीड़न के आरोपों पर बीडीओ अमरेश सिंह चौहान ने कहा कि वेतन अन्य कार्यों की वजह से अवरुद्ध हुआ है। पौधरोपण संबंधी प्रकरण से इसका कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने उत्पीड़न की बात से इनकार किया।