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Hardoi News: माल वाहन ढो रहे सवारियां, जिम्मेदार नहीं लगा पा रहे अंकुश
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फोटो-04- डाले में लटक कर यात्रा करतीं महिलाएं। संवाद
हरदोई। शहर और ग्रामीण अंचलों की सड़कों पर मालवाहक वाहनों में यात्रियों को ढोने का सिलसिला बेखौफ जारी है।
इससे हादसों का खतरा भी बना रहता है। शहर से होते हुए बेखौफ होकर सवारी लिए वाहन निकलते रहते हैं लेकिन रोक नहीं लग रही है। मालवाहक वाहन पिकअप, ट्रैक्टर-ट्रॉली और छोटे लोडिंग वाहन, सिर्फ सामान ढोने के लिए अधिकृत होते हैं। इनमें यात्रियों को ले जाना पूरी तरह से गैर-कानूनी और अत्यधिक जोखिम भरा है।
अक्सर माल वाहक वाहन क्षमता से अधिक सवारियां भर लेते हैं ऐसे में कई बार लोग वाहन के पिछले खुले हिस्से में खड़े होकर सफर करते हैं। अचानक ब्रेक लगने, मोड़ पर तेज रफ्तार या संतुलन बिगड़ने पर हादसे हो सकते हैं और जनहानि की आशंका बनी रहती है। मालवाहक वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने से कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं है। शहर में आए दिन ट्रैक्टर-ट्रॉली और पिकअप से लोग सफर करते दिख जाते हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।
नियमों के उल्लंघन पर भी नहीं होती कार्रवाई
हरदोई। मोटर वाहन अधिनियम के तहत मालवाहक वाहनों में सवारी ढोना नियम विरुद्ध और अपराध है। इसमें भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है। इसके बाद भी जमीनी हकीकत अलग है। ग्रामीण क्षेत्रों में बरात, मजदूरों को लाने-ले जाने या सामूहिक कार्यक्रमों के लिए अधिकतर मालवाहक वाहनों का ही प्रयोग होता है। शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों से भी ऐसे वाहन रोजाना गुजरते हैं लेकिन तैनात यातायात पुलिसकर्मी ध्यान ही नहीं देते हैं।
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माल वाहक वाहनों में सवारी ले जाना नियम विरुद्ध है। ऐसे वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जाती है। जल्द ही अभियान चलाकर नियम का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। -अरविंद कुमार सिंह, एआरटीओ
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इससे हादसों का खतरा भी बना रहता है। शहर से होते हुए बेखौफ होकर सवारी लिए वाहन निकलते रहते हैं लेकिन रोक नहीं लग रही है। मालवाहक वाहन पिकअप, ट्रैक्टर-ट्रॉली और छोटे लोडिंग वाहन, सिर्फ सामान ढोने के लिए अधिकृत होते हैं। इनमें यात्रियों को ले जाना पूरी तरह से गैर-कानूनी और अत्यधिक जोखिम भरा है।
अक्सर माल वाहक वाहन क्षमता से अधिक सवारियां भर लेते हैं ऐसे में कई बार लोग वाहन के पिछले खुले हिस्से में खड़े होकर सफर करते हैं। अचानक ब्रेक लगने, मोड़ पर तेज रफ्तार या संतुलन बिगड़ने पर हादसे हो सकते हैं और जनहानि की आशंका बनी रहती है। मालवाहक वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने से कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं है। शहर में आए दिन ट्रैक्टर-ट्रॉली और पिकअप से लोग सफर करते दिख जाते हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।
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नियमों के उल्लंघन पर भी नहीं होती कार्रवाई
हरदोई। मोटर वाहन अधिनियम के तहत मालवाहक वाहनों में सवारी ढोना नियम विरुद्ध और अपराध है। इसमें भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है। इसके बाद भी जमीनी हकीकत अलग है। ग्रामीण क्षेत्रों में बरात, मजदूरों को लाने-ले जाने या सामूहिक कार्यक्रमों के लिए अधिकतर मालवाहक वाहनों का ही प्रयोग होता है। शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों से भी ऐसे वाहन रोजाना गुजरते हैं लेकिन तैनात यातायात पुलिसकर्मी ध्यान ही नहीं देते हैं।
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माल वाहक वाहनों में सवारी ले जाना नियम विरुद्ध है। ऐसे वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जाती है। जल्द ही अभियान चलाकर नियम का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। -अरविंद कुमार सिंह, एआरटीओ

फोटो-04- डाले में लटक कर यात्रा करतीं महिलाएं। संवाद