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‘अधर्म बढ़ने पर प्रभु पैदा होते’
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Fri, 03 Apr 2015 12:27 AM IST
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कथा व्यास अवधेंद्र प्रपन्नाचार्य ने कहा कि श्रद्धा
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विश्वास से ही श्रीराम क था का प्राकट्य होता है। जब जब धरती पर अधर्म
बढ़ता है और धर्म की रक्षा करने वाला कोई नहीं होता तब तब धरती पर भगवान
स्वयं अवतार लेकर धर्म की रक्षा करते हैं। वह नगर में चल रही श्रीराम कथा
में श्रीराम जन्म का प्रसंग सुना रहे थे।
कथा व्यास ने कहा कि अधर्म का नाश करने के लिए भगवान श्रीविष्णु ने अयोध्या के राजा दशरथ के घर प्रभु श्रीराम के रूप में अवतार लिया। इस अवसर पर श्रीराम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्रोताओं ने ‘भये प्रकट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी’ छंद गाकर प्रभु का स्वागत किया।
भक्तों ने प्रभु श्रीराम के बाल स्वरूप की मनोहारी छवि की आरती उतार उनका चरण वंदन किया। इस दौरान आतिशबाजी का दृश्य देखते ही बन रहा था। कथा व्यास ने शिव-पार्वती प्रसंग सुनाते हुए कहा कि श्रद्धा विश्वास के मिलन से ही पुरुषार्थ का जन्म होता है।
उन्होंने नारद मोह की सुंदर कथा का वर्णन किया और कहा कि जब तक मन का संशय जब तक दूर नहीं होता तब तक भगवत कथा का आनंद प्राप्त नहीं होता है। इससे पहले कथा व्यास राधाकृ ष्ण गौशाला पहुंचे और गौ सेवा की।
इस मौके पर गौशाला अध्यक्ष सत्य नारायण गुप्ता, दिनेश सोनी, विनोद दीक्षित, कमल, सुनील गुप्ता, अशोक गुप्ता, रामसेवक, जितेंद्र गुप्ता, कुसुम लाहोटी, निधि शुक्ला, भामा सिंह, उर्मिला सिंह, सुधा गुप्ता और ललिता सोनी आदि मौजूद थे।
कथा व्यास ने कहा कि अधर्म का नाश करने के लिए भगवान श्रीविष्णु ने अयोध्या के राजा दशरथ के घर प्रभु श्रीराम के रूप में अवतार लिया। इस अवसर पर श्रीराम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्रोताओं ने ‘भये प्रकट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी’ छंद गाकर प्रभु का स्वागत किया।
भक्तों ने प्रभु श्रीराम के बाल स्वरूप की मनोहारी छवि की आरती उतार उनका चरण वंदन किया। इस दौरान आतिशबाजी का दृश्य देखते ही बन रहा था। कथा व्यास ने शिव-पार्वती प्रसंग सुनाते हुए कहा कि श्रद्धा विश्वास के मिलन से ही पुरुषार्थ का जन्म होता है।
उन्होंने नारद मोह की सुंदर कथा का वर्णन किया और कहा कि जब तक मन का संशय जब तक दूर नहीं होता तब तक भगवत कथा का आनंद प्राप्त नहीं होता है। इससे पहले कथा व्यास राधाकृ ष्ण गौशाला पहुंचे और गौ सेवा की।
इस मौके पर गौशाला अध्यक्ष सत्य नारायण गुप्ता, दिनेश सोनी, विनोद दीक्षित, कमल, सुनील गुप्ता, अशोक गुप्ता, रामसेवक, जितेंद्र गुप्ता, कुसुम लाहोटी, निधि शुक्ला, भामा सिंह, उर्मिला सिंह, सुधा गुप्ता और ललिता सोनी आदि मौजूद थे।