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दांपत्य जीवन जीने से मिलता है स्वर्ग
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 30 Dec 2014 12:04 AM IST
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पति और पत्नी एक दूसरे का सम्मान करते हुए दांपत्य
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जीवन जिएं तो परिवार स्वर्ग बन सकता है। गृहस्थ एक तपोवन के समान है,
जिसमें संयम, सेवा और सहिष्णुता की साधना मनुष्य को करनी ही होती है।
गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित ग्यारह कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं
श्रीमद् प्रज्ञापुराण के पांचवें दिन सोमवार को कथा व्यास राजकुमार भृगु
ने परिवार प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए उक्त बात कही।
उन्होंने कहा कि समय बदल चुका है लोगों को घर की चौखट के बाहर से लेकर अंदर तक खुद को बदलना होगा। नारी को सम्मान की दृष्टि से देखते हुए स्वयं के बराबर का दर्जा देना होगा। उन्होंने कहा कि घर की गृहस्थी की रेलगाड़ी को तभी खींचा जा सकता है, जब पति व पत्नी दोनो में ही समर्पण व सेवा का भाव हो।
कथा व्यास ने कहा कि दहेज गृहस्थ में एक ऐसी जटिल समस्या है, जिसमें आज का समाज पिस रहा है। युवा आज निष्क्रिय होकर मुफ्त खोरी की और बढ़ रहा है। इन सभी से निजात पाने का एक मात्र साधन रनारी का सुशिक्षित होना आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि प्यार व संस्कार से भरा पूरा परिवार ही इस धरती का स्वर्ग है, जिसका निर्माण एक नारी द्वारा ही संभव है।
इस दौरान ग्यारह कुंडीय गायत्री महायज्ञ भी आयोजित हुआ। जिसमें पांच सौ से अधिक श्रद्धालुओं ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। इसमें सपा के राष्ट्रीय महासचिव अशोक बाजपेई व एसडीएम सवायजपुर अशोक शुक्ला ने पहुंचकर आहुतियां दी। इस अवसर पर दीक्षा संस्कार भी आयोजित हुआ। इधर, चल रहे पुस्तक मेले में भी लोगों का आना और पुस्तकों की खरीद करने का सिलसिला जारी रहा।
उन्होंने कहा कि समय बदल चुका है लोगों को घर की चौखट के बाहर से लेकर अंदर तक खुद को बदलना होगा। नारी को सम्मान की दृष्टि से देखते हुए स्वयं के बराबर का दर्जा देना होगा। उन्होंने कहा कि घर की गृहस्थी की रेलगाड़ी को तभी खींचा जा सकता है, जब पति व पत्नी दोनो में ही समर्पण व सेवा का भाव हो।
कथा व्यास ने कहा कि दहेज गृहस्थ में एक ऐसी जटिल समस्या है, जिसमें आज का समाज पिस रहा है। युवा आज निष्क्रिय होकर मुफ्त खोरी की और बढ़ रहा है। इन सभी से निजात पाने का एक मात्र साधन रनारी का सुशिक्षित होना आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि प्यार व संस्कार से भरा पूरा परिवार ही इस धरती का स्वर्ग है, जिसका निर्माण एक नारी द्वारा ही संभव है।
इस दौरान ग्यारह कुंडीय गायत्री महायज्ञ भी आयोजित हुआ। जिसमें पांच सौ से अधिक श्रद्धालुओं ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। इसमें सपा के राष्ट्रीय महासचिव अशोक बाजपेई व एसडीएम सवायजपुर अशोक शुक्ला ने पहुंचकर आहुतियां दी। इस अवसर पर दीक्षा संस्कार भी आयोजित हुआ। इधर, चल रहे पुस्तक मेले में भी लोगों का आना और पुस्तकों की खरीद करने का सिलसिला जारी रहा।