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Hardoi News: 292 परिषदीय विद्यालयों में नहीं कराई फर्नीचर की मरम्मत, सिक्योरिटी जब्त करने की चेतावनी
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हरदोई। कई बार पत्र भेजने के बाद भी फर्म ने विद्यालयों के खराब फर्नीचर की मरम्मत नहीं कराई। अब एक बार फिर बीएसए ने चेतावनी भरा पत्र फर्म को लिखा है। सिक्योरिटी के तौर पर जमा 40 लाख, 21 हजार, 248 रुपये जब्त करने की चेतावनी बीएसए ने संबंधित फर्म को दी है।
जनपद में संचालित 853 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों के बैठने के लिए फर्नीचर खरीदा गया था। वर्ष 2021 में इसके लिए जेम पोर्टल पर निविदा निकाली गई थी। अहमदाबाद की ग्रीन इंटरप्राइजेज को चार हजार 610 रुपये में प्रति डेस्क और बेंच उपलब्ध कराने का काम मिला था। 23 अगस्त 2021 को जेम पोर्टल के जरिए इसका अनुबंध भी गठित हो गया था। अनुबंध के मुताबिक खरीदे गए फर्नीचर की गारंटी पांच साल की थी। टूटफूट जैसी स्थिति में फर्नीचर के बदलाव और रख रखाव का कार्य संबंधित फर्म को विद्यालय जाकर करना था।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह के मुताबिक विकास खंड कोथावां, माधौगंज, मल्लावां, पिहानी, अहिरोरी, बावन, संडीला, भरखनी, शाहाबाद, बिलग्राम, भरावन, सुरसा और टोडरपुर में खंड शिक्षा अधिकारियों ने सत्यापन के बाद फर्नीचर में खामियों की रिपोर्ट दी। कुछ के पार्टिकल बोर्ड टूट गए थे तो कुछ के नट-बोल्ट निकल गए थे। यह खामियां 292 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के फर्नीचर में आई थी। उनकी मरम्मत करने के लिए संबंधित फर्म को कई बार पत्र भेजा गया, लेकिन फिर भी काम नहीं कराया गया। अब एक बार फिर संबंधित फर्म को नोटिस भेजा गया है।
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पत्र तो भेजे गए पर फर्म ने कर दी अनदेखी
पांच सितंबर 2024 को बीएसए ने पत्र भेजा।
26 नवंबर 2024 को बीएसए ने पत्र भेजा।
30 नवंबर 2024 काे डीएम ने पत्र भेजा।
21 जनवरी 2025 को बीएसए ने पत्र भेजा।
04 अप्रैल 2025 को बीएस ने पत्र भेजा।
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स्कूलों में फर्नीचर की मरम्मत न कराए जाने से विद्यार्थियों को दिक्कतें होती हैं। स्कूल का शैक्षिक वातावरण भी प्रभावित होता है। अहमदाबाद की फर्म को कई बार पत्र लिखकर चेतावनी दी गई। काम न कराए जाने की दशा में इस बार जमानत राशि को जब्त कर लिया जाएगा। -विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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जनपद में संचालित 853 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों के बैठने के लिए फर्नीचर खरीदा गया था। वर्ष 2021 में इसके लिए जेम पोर्टल पर निविदा निकाली गई थी। अहमदाबाद की ग्रीन इंटरप्राइजेज को चार हजार 610 रुपये में प्रति डेस्क और बेंच उपलब्ध कराने का काम मिला था। 23 अगस्त 2021 को जेम पोर्टल के जरिए इसका अनुबंध भी गठित हो गया था। अनुबंध के मुताबिक खरीदे गए फर्नीचर की गारंटी पांच साल की थी। टूटफूट जैसी स्थिति में फर्नीचर के बदलाव और रख रखाव का कार्य संबंधित फर्म को विद्यालय जाकर करना था।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह के मुताबिक विकास खंड कोथावां, माधौगंज, मल्लावां, पिहानी, अहिरोरी, बावन, संडीला, भरखनी, शाहाबाद, बिलग्राम, भरावन, सुरसा और टोडरपुर में खंड शिक्षा अधिकारियों ने सत्यापन के बाद फर्नीचर में खामियों की रिपोर्ट दी। कुछ के पार्टिकल बोर्ड टूट गए थे तो कुछ के नट-बोल्ट निकल गए थे। यह खामियां 292 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के फर्नीचर में आई थी। उनकी मरम्मत करने के लिए संबंधित फर्म को कई बार पत्र भेजा गया, लेकिन फिर भी काम नहीं कराया गया। अब एक बार फिर संबंधित फर्म को नोटिस भेजा गया है।
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पत्र तो भेजे गए पर फर्म ने कर दी अनदेखी
पांच सितंबर 2024 को बीएसए ने पत्र भेजा।
26 नवंबर 2024 को बीएसए ने पत्र भेजा।
30 नवंबर 2024 काे डीएम ने पत्र भेजा।
21 जनवरी 2025 को बीएसए ने पत्र भेजा।
04 अप्रैल 2025 को बीएस ने पत्र भेजा।
स्कूलों में फर्नीचर की मरम्मत न कराए जाने से विद्यार्थियों को दिक्कतें होती हैं। स्कूल का शैक्षिक वातावरण भी प्रभावित होता है। अहमदाबाद की फर्म को कई बार पत्र लिखकर चेतावनी दी गई। काम न कराए जाने की दशा में इस बार जमानत राशि को जब्त कर लिया जाएगा। -विजय प्रताप सिंह, बीएसए