{"_id":"617d86d35aae4537710cd73a","slug":"fraud-in-the-name-of-road-construction-hardoi-news-knp6613805115","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीसीरोड की मरम्मत के नाम पर साढ़े तीन लाख रुपये हड़पे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीसीरोड की मरम्मत के नाम पर साढ़े तीन लाख रुपये हड़पे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। टोडरपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत परसई में विकास कार्यों के नाम पर वित्तीय अनियमितता का मामला जिला पंचायत राज अधिकारी ने पकड़ा है। गांव की सीसी रोड की मरम्मत के नाम पर तीन लाख 41 हजार रुपये निकाल लिए गए, जबकि मरम्मत हुई ही नहीं। डीपीआरओ ने बताया कि गंभीर अनियमितता मिली है। ग्राम सचिव और ग्राम प्रधान को नोटिस जारी की जाएगी।
शनिवार को जिला पंचायत राज अधिकारी गिरीशचंद्र ने टोडरपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत परसई का औचक निरीक्षण किया। यहां के अभिलेख देखकर पता चला कि पहले से बनी सीसी रोड की मरम्मत के नाम पर तीन लाख 41 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। डीपीआरओ ने ग्रामीणों से बयान लिए तो उन्होंने मरम्मत न होने की बात कही। डीपीआरओ ने बताया कि गांव में इंटरलॉकिंग के एक ही कार्य को तीन कामों में विभाजित कर वित्तीय नियमों की भी अनदेखी हुई है। हैंडपंप की मरम्मत के नाम पर भी अनियमितता की जानकारी उन्होंने दी है। निरीक्षण के दौरान सहायक विकास अधिकारी पंचायत आशीष वाजपेयी, ग्राम सचिव देशराज भी मौजूद रहे।
खाद की दुकान को निर्माण सामग्री का भुगतान
आम तौर पर खाद की दुकान पर निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री नहीं मिलती है, लेकिन शनिवार को निरीक्षण के दौरान डीपीआरओ ने अभिलेखों की जांच में बड़ा मामला पकड़ लिया। टोडरपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत परसई में निर्माण सामग्री खरीदने के लिए लगभग तीन लाख रुपये का भुगतान खाद की एक दुकान को किया गया। टुकड़ों में भुगतान हुआ, लेकिन एक ही फर्म को यह भुगतान किया गया। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक जब डीपीआरओ ने इस बारे में ग्राम सचिव से पूछा तो उन्होंने कह दिया कि खाद की दुकान पर सब कुछ मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को जिला पंचायत राज अधिकारी गिरीशचंद्र ने टोडरपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत परसई का औचक निरीक्षण किया। यहां के अभिलेख देखकर पता चला कि पहले से बनी सीसी रोड की मरम्मत के नाम पर तीन लाख 41 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। डीपीआरओ ने ग्रामीणों से बयान लिए तो उन्होंने मरम्मत न होने की बात कही। डीपीआरओ ने बताया कि गांव में इंटरलॉकिंग के एक ही कार्य को तीन कामों में विभाजित कर वित्तीय नियमों की भी अनदेखी हुई है। हैंडपंप की मरम्मत के नाम पर भी अनियमितता की जानकारी उन्होंने दी है। निरीक्षण के दौरान सहायक विकास अधिकारी पंचायत आशीष वाजपेयी, ग्राम सचिव देशराज भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
खाद की दुकान को निर्माण सामग्री का भुगतान
आम तौर पर खाद की दुकान पर निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री नहीं मिलती है, लेकिन शनिवार को निरीक्षण के दौरान डीपीआरओ ने अभिलेखों की जांच में बड़ा मामला पकड़ लिया। टोडरपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत परसई में निर्माण सामग्री खरीदने के लिए लगभग तीन लाख रुपये का भुगतान खाद की एक दुकान को किया गया। टुकड़ों में भुगतान हुआ, लेकिन एक ही फर्म को यह भुगतान किया गया। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक जब डीपीआरओ ने इस बारे में ग्राम सचिव से पूछा तो उन्होंने कह दिया कि खाद की दुकान पर सब कुछ मिलता है।
विज्ञापन