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Hardoi News: बसपा नेता समेत चार भेजे गए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
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हरदोई। युवराज हत्याकांड में राजनीति चमकाने की कवायद में पाली में मंगलवार को हुए बवाल के दौरान गिरफ्तार किए गए बसपा नेता और उनके सुरक्षाकर्मी समेत चार लोगों को न्यायालय में पेश किया गया। बुधवार को सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम अनीता ने बसपा नेता समेत सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जमानत पर सुनवाई बृहस्पतिवार को होगी।
30 मई को पाली थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर निवासी युवराज सिंह (17) की किशोरी को लेकर हुए विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 30 मई की रात पुलिस ने मुठभेड़ के बाद हत्यारोपी तीन किशोर और उनके दो साथियों को पकड़ लिया था। नामजद किशोरों की मदद करने वाले युवक कामरान को पुलिस की गोली भी लगी थी। कार्रवाई हो जाने के बाद भी मामले में राजनीति चमकाने की कोशिश हो रही थी।
इसी क्रम में मंगलवार को करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह वीरू ने पाली पहुंचने का आह्वान किया था। वीर प्रताप को मल्लावां में ही रोककर वापस भेज दिया गया था। बसपा नेता राजवर्धन सिंह अपने साथियों के साथ पाली कस्बा पहुंच गए थे। यहां पुलिस ने राजवर्धन सिंह राजू , उनके निजी सुरक्षा कर्मी आशीष तिवारी, मोमिनाबाद निवासी आमिर और विनीत सिंह को हिरासत में ले लिया था। इसी दौरान राजू के निजी सुरक्षा कर्मियों ने सहयोगियों के साथ पुलिस पर पथराव कर दिया था। पुलिस ने बल प्रयोग कर सभी को खदेड़ दिया था। देर शाम पाली के प्रभारी निरीक्षक की तहरीर पर 26 लोगों को नामजद करते हुए 150 अज्ञात लोगों पर भी रिपोर्ट दर्ज की थी।
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बुधवार को पुलिस ने राजवर्धन सिंह राजू, आशीष तिवारी, आमिर और विनीत सिंह को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनीता के न्यायालय में पेश किया। यहां आरोपियों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकी सिंह गौर और अरुण सिंह ने पक्ष रखा, लेकिन इसे पर्याप्त न मानते हुए जज ने आरोपियों को 14 दिन की हिरासत में भेज दिया। जज ने पूरे मामले की केस डायरी भी तलब की है।
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30 मई को पाली थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर निवासी युवराज सिंह (17) की किशोरी को लेकर हुए विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 30 मई की रात पुलिस ने मुठभेड़ के बाद हत्यारोपी तीन किशोर और उनके दो साथियों को पकड़ लिया था। नामजद किशोरों की मदद करने वाले युवक कामरान को पुलिस की गोली भी लगी थी। कार्रवाई हो जाने के बाद भी मामले में राजनीति चमकाने की कोशिश हो रही थी।
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इसी क्रम में मंगलवार को करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह वीरू ने पाली पहुंचने का आह्वान किया था। वीर प्रताप को मल्लावां में ही रोककर वापस भेज दिया गया था। बसपा नेता राजवर्धन सिंह अपने साथियों के साथ पाली कस्बा पहुंच गए थे। यहां पुलिस ने राजवर्धन सिंह राजू , उनके निजी सुरक्षा कर्मी आशीष तिवारी, मोमिनाबाद निवासी आमिर और विनीत सिंह को हिरासत में ले लिया था। इसी दौरान राजू के निजी सुरक्षा कर्मियों ने सहयोगियों के साथ पुलिस पर पथराव कर दिया था। पुलिस ने बल प्रयोग कर सभी को खदेड़ दिया था। देर शाम पाली के प्रभारी निरीक्षक की तहरीर पर 26 लोगों को नामजद करते हुए 150 अज्ञात लोगों पर भी रिपोर्ट दर्ज की थी।
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बुधवार को पुलिस ने राजवर्धन सिंह राजू, आशीष तिवारी, आमिर और विनीत सिंह को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनीता के न्यायालय में पेश किया। यहां आरोपियों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकी सिंह गौर और अरुण सिंह ने पक्ष रखा, लेकिन इसे पर्याप्त न मानते हुए जज ने आरोपियों को 14 दिन की हिरासत में भेज दिया। जज ने पूरे मामले की केस डायरी भी तलब की है।