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पूर्व सांसद डॉ. अंजूबाला भाजपा से निष्कासित
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हरदोई। भाजपा ने पूर्व सांसद एवं एससी/एसटी आयोग की सदस्य डॉ. अंजूबाला को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
प्रदेश कार्यालय से भाजपा जिलाध्यक्ष को भेजे पत्र को प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल ने जारी करते हुए कहा कि मल्लावां में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरोध में कार्य करने की शिकायतें मिलने के बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
मल्लावां सीट से बसपा से विधायक रहे सतीश वर्मा की पत्नी डॉ. अंजूबाला को 2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने मिश्रिख सीट से टिकट दिया था। चुनाव जीतने के बाद अंजूबाला का अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने टिकट काट दिया था।
टिकट काटने के बाद भाजपा ने उनकी नाराजगी को थामने के लिए उन्हें एससी/एसटी आयोग का सदस्य नामित करा दिया था। जिसके बाद उनके पति सतीश वर्मा विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा से टिकट चाहते थे।
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सूत्रों का कहना है कि जब भाजपा में सतीश वर्मा को तरजीह नहीं मिली तो उन्होंने बसपा का दामन लिया। वह मल्लावां बिलग्राम सीट से बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं।
सतीश के बसपा से चुनाव लड़ने को लेकर चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के समय से ही इस बात की चर्चा शुरू हो गई थी कि इसके सियासी मायने सामने आएंगे।
अब जब चुनाव के लिए बहुत समय नहीं रह गया, तब डॉ. अंजूबाला के निष्कासन को लेकर सियासी लोग इसके मायनों पर चर्चा कर रहे हैं।
भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी गंगेश पाठक ने निष्कासन की पुष्टि करते हुए कहा कि जब पार्टी के पास अधिकृत प्रत्याशी के विरोध में कार्य करने के साक्ष्य आ गए, तो प्रदेश नेतृत्व ने कार्यवाही की है। उधर, डॉ. अंजूबाला से बात करने का प्रयास किया गया तो संपर्क नहीं हो सका।
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प्रदेश कार्यालय से भाजपा जिलाध्यक्ष को भेजे पत्र को प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल ने जारी करते हुए कहा कि मल्लावां में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरोध में कार्य करने की शिकायतें मिलने के बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
मल्लावां सीट से बसपा से विधायक रहे सतीश वर्मा की पत्नी डॉ. अंजूबाला को 2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने मिश्रिख सीट से टिकट दिया था। चुनाव जीतने के बाद अंजूबाला का अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने टिकट काट दिया था।
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टिकट काटने के बाद भाजपा ने उनकी नाराजगी को थामने के लिए उन्हें एससी/एसटी आयोग का सदस्य नामित करा दिया था। जिसके बाद उनके पति सतीश वर्मा विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा से टिकट चाहते थे।
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सूत्रों का कहना है कि जब भाजपा में सतीश वर्मा को तरजीह नहीं मिली तो उन्होंने बसपा का दामन लिया। वह मल्लावां बिलग्राम सीट से बसपा से चुनाव लड़ रहे हैं।
सतीश के बसपा से चुनाव लड़ने को लेकर चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के समय से ही इस बात की चर्चा शुरू हो गई थी कि इसके सियासी मायने सामने आएंगे।
अब जब चुनाव के लिए बहुत समय नहीं रह गया, तब डॉ. अंजूबाला के निष्कासन को लेकर सियासी लोग इसके मायनों पर चर्चा कर रहे हैं।
भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी गंगेश पाठक ने निष्कासन की पुष्टि करते हुए कहा कि जब पार्टी के पास अधिकृत प्रत्याशी के विरोध में कार्य करने के साक्ष्य आ गए, तो प्रदेश नेतृत्व ने कार्यवाही की है। उधर, डॉ. अंजूबाला से बात करने का प्रयास किया गया तो संपर्क नहीं हो सका।