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Hardoi News: हज में अरकान की अदायगी पर केंद्रित रखें पूरा ध्यान
Mon, 14 Apr 2025 11:35 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Mon, 14 Apr 2025 11:35 PM IST
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फोटो-31- हज प्रशिक्षण में प्रतिभाग करते आजमीन-ए-हज। संवाद
- मस्जिद सैयदना फारूक ए आजम में हज यात्रियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न
- हज की अदायगी के लिए आजमीन से अभी से मश्क शुरू करने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
पिहानी। मस्जिद सैयदना फारूक-ए-आजम में पवित्र हज यात्रा पर रवाना होने वाले आजमीन को हज का प्रशिक्षण दिया गया। जिला स्तरीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 36 आजमीन ने भाग लिया। मौलाना रूहउल्लाह बिहारी की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण का शुभारंभ हाफिज सुहैल ने तिलावत ए कुरआन से किया।
जिला हज प्रशिक्षक मौलाना फरहान कासमी ने हज की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हैसियत वाले मुस्लिमों पर हज करना फर्ज है। साहिबे हैसियत होकर हज नहीं करने वाले गुनहगार हैं। उन्होंने सफर ए की तैयारी पर विस्तार से प्रकाश डाला।हज की पूरी प्रक्रिया बताते हुए कहा कि अभी से इसकी मश्क शुरू कर दें।
इसके अलावा उन्होंने मक्के से मदीना तक का सफर, एयरपोर्ट से लेकर सभी पड़ाव, मिना, मुजदलिफा, अराफात, रमी, तवाफ, सई तथा उमराह आदि से जुड़े सभी बिंदुओं पर चर्चा करते हुए हज के एक एक रुक्न को अदा करने का सही तरीका बताया। कहा कि मश्क के दौरान आलिमों के राबिते में रहें। कहीं कोई भ्रम हो तो आलिमों से पूछ कर उसे दूर कर लें। हज के दौरान पूरा फोकस इसके अरकान की अदायगी पर रखें। अंत में आयोजक शफीउल्लाह खां ने आभार व्यक्त करते हुए आज़मीन से दुआ की गुजारिश की।
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- मस्जिद सैयदना फारूक ए आजम में हज यात्रियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न
- हज की अदायगी के लिए आजमीन से अभी से मश्क शुरू करने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
पिहानी। मस्जिद सैयदना फारूक-ए-आजम में पवित्र हज यात्रा पर रवाना होने वाले आजमीन को हज का प्रशिक्षण दिया गया। जिला स्तरीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 36 आजमीन ने भाग लिया। मौलाना रूहउल्लाह बिहारी की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण का शुभारंभ हाफिज सुहैल ने तिलावत ए कुरआन से किया।
जिला हज प्रशिक्षक मौलाना फरहान कासमी ने हज की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हैसियत वाले मुस्लिमों पर हज करना फर्ज है। साहिबे हैसियत होकर हज नहीं करने वाले गुनहगार हैं। उन्होंने सफर ए की तैयारी पर विस्तार से प्रकाश डाला।हज की पूरी प्रक्रिया बताते हुए कहा कि अभी से इसकी मश्क शुरू कर दें।
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इसके अलावा उन्होंने मक्के से मदीना तक का सफर, एयरपोर्ट से लेकर सभी पड़ाव, मिना, मुजदलिफा, अराफात, रमी, तवाफ, सई तथा उमराह आदि से जुड़े सभी बिंदुओं पर चर्चा करते हुए हज के एक एक रुक्न को अदा करने का सही तरीका बताया। कहा कि मश्क के दौरान आलिमों के राबिते में रहें। कहीं कोई भ्रम हो तो आलिमों से पूछ कर उसे दूर कर लें। हज के दौरान पूरा फोकस इसके अरकान की अदायगी पर रखें। अंत में आयोजक शफीउल्लाह खां ने आभार व्यक्त करते हुए आज़मीन से दुआ की गुजारिश की।
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