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Hardoi News: जमीन पर बाढ़ और आसमां से बारिश ने प्रभावितों का बढ़ाया दर्द
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हरदोई। जमीन पर बाढ़ और आसमान से बरसात के पानी ने बाढ़ प्रभावितों दर्द और बढ़ा दिया है। गांवों के आसपास और रास्तों में भरा बाढ़ का पानी लोगों को आवागमन में दिक्कतें दे रहा है। गंदगी और पानी के भरे होने से लोगों को परेशानियां हो रही हैं, लेकिन आशियाना न छोड़ना उनकी मजबूरी बना हुआ है। वहीं बरसात और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से नदियों के एक बार फिर से जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
पहाड़ों पर होने वाली बरसात और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी के साथ ही पंजाब में बने चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ से मैदानी इलाकों में होने वाली बरसात ने बाढ़ प्रभावितों के दर्द को बढ़ा दिया है। बैराजों से पानी छोड़े जाने का क्रम जारी है। शुक्रवार को गंगा नदी में नरौरा बैराज से 20,397 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि गर्रा नदी में उत्तराखंड के नानकसागर बैराज से 1,108 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी के जलस्तर में मामूली कमी दर्ज की गई है।
गंगा नदी का जलस्तर फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर 135.60 मीटर गेज और राजघाट पर 123.56 मीटर गेज पर आ गया है। रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 135.10 मीटर गेज पर आया है। वहीं गर्रा नदी का पानी शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम घाट पर 144.65 मीटर गेज और सांडी की केंद्रीय जल आयोग की साइट पर 127.88 मीटर गेज पर आया है। वहीं बैराजों से छोड़ा गया पानी अगले तीन दिनों में जिले में पहुंचेगा।
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बिलग्राम क्षेत्र में गंगा में आई बाढ़ के साथ ही बृहस्पतिवार शाम से हो रही लगातार बारिश ने पूरे क्षेत्र खासतौर से कटरी के इलाकों में परेशानियां खड़ी कर दी हैं। क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में हो रही बारिश ने घर के चूल्हे से लेकर मवेशियों के चारे तक की परेशानियां बढ़ाई हैं। पानी गांवों से निकल चुका है, बावजूद इसके बारिश का पानी घरों गलियारों में भर गया है। तहसील के गांव कटरी बिलुही, जरेला, पुन्ना पुरवा, नोखे पुरवा, सोनारी पुरवा समेत पूरे कटरी के गांवों में 24 घंटे से हो रही बरसात से जनजीवन ठप सा हो गया है। कटान को लेकर ग्रामीणों की चिंताएं हैं। पूरे इलाके में बिजली गुल है। उधर रास्तों में बरसात का पानी भरने से आवागमन में भी समस्या है। एसडीएम एन राम के मुताबिक, बरसात ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दिक्कतों को बढ़ाया है। प्रभावितों लोगों से राजस्व टीम लगातार संवाद कर रही है और पूरी मदद की जा रही है।
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पहाड़ों पर होने वाली बरसात और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी के साथ ही पंजाब में बने चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ से मैदानी इलाकों में होने वाली बरसात ने बाढ़ प्रभावितों के दर्द को बढ़ा दिया है। बैराजों से पानी छोड़े जाने का क्रम जारी है। शुक्रवार को गंगा नदी में नरौरा बैराज से 20,397 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि गर्रा नदी में उत्तराखंड के नानकसागर बैराज से 1,108 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी के जलस्तर में मामूली कमी दर्ज की गई है।
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गंगा नदी का जलस्तर फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर 135.60 मीटर गेज और राजघाट पर 123.56 मीटर गेज पर आ गया है। रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 135.10 मीटर गेज पर आया है। वहीं गर्रा नदी का पानी शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम घाट पर 144.65 मीटर गेज और सांडी की केंद्रीय जल आयोग की साइट पर 127.88 मीटर गेज पर आया है। वहीं बैराजों से छोड़ा गया पानी अगले तीन दिनों में जिले में पहुंचेगा।
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बिलग्राम क्षेत्र में गंगा में आई बाढ़ के साथ ही बृहस्पतिवार शाम से हो रही लगातार बारिश ने पूरे क्षेत्र खासतौर से कटरी के इलाकों में परेशानियां खड़ी कर दी हैं। क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में हो रही बारिश ने घर के चूल्हे से लेकर मवेशियों के चारे तक की परेशानियां बढ़ाई हैं। पानी गांवों से निकल चुका है, बावजूद इसके बारिश का पानी घरों गलियारों में भर गया है। तहसील के गांव कटरी बिलुही, जरेला, पुन्ना पुरवा, नोखे पुरवा, सोनारी पुरवा समेत पूरे कटरी के गांवों में 24 घंटे से हो रही बरसात से जनजीवन ठप सा हो गया है। कटान को लेकर ग्रामीणों की चिंताएं हैं। पूरे इलाके में बिजली गुल है। उधर रास्तों में बरसात का पानी भरने से आवागमन में भी समस्या है। एसडीएम एन राम के मुताबिक, बरसात ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दिक्कतों को बढ़ाया है। प्रभावितों लोगों से राजस्व टीम लगातार संवाद कर रही है और पूरी मदद की जा रही है।