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Hardoi News: पांचों तहसीलों में पहुंचा बाढ़ का पानी, 84 गांवों की फसलें अभी भी डूबीं
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हरदोई। बाढ़ का पानी पांचों तहसीलों में पहुंच गया। इस बार गंगा, रामगंगा, गर्रा के साथ सई नदी में भी बाढ़ आ गई। बाढ़ से अछूती रहने वाली तहसील संडीला में भी सई नदी के बाढ़ के पानी ने करीब 20 गांवों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
वहीं बैराजों से गंगा नदी में पानी छोड़ा जाना जारी है। इससे गंगा नदी का पानी खतरे के निशान 137.10 मीटर से 25 मीटर ऊपर 137.35 मीटर पर बना हुआ है जबकि राम गंगा और गर्रा नदी का पानी चेतावनी बिंदु से भी नीचे आ गया है। नदियों में पानी कम होने से प्रभावित परिवारों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं।
पहाड़ों पर होने वाली बारिश और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से नदियों में बढ़े पानी से तहसील शाहाबाद, सवायजपुर, बिलग्राम के साथ सदर और संडीला के भी गांव प्रभावित हुए हैं। रामगंगा और गर्रा नदी में पानी कम होने से प्रभावित गांवों के लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गांवों से पानी निकलने के बाद अब संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। बाढ़ प्रभावित गांवों में अब 11 गांवों की आबादी प्रभावित है।
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वहां पर अभी भी पानी गांव और घरों में भरा हुआ है। वहीं तहसील सवायजपुर के 40, बिलग्राम के 24 और संडीला के 20 गांवों की फसलें बाढ़ के पानी में डूबी हुई हैं। इससे इन गांवों के किसानों की मेहनत बाढ़ में बेकार हो गई है। गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 1,51,808 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,34,584 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
बिलग्राम क्षेत्र में गंगा नदी की कटरी में बाढ़ के पानी से हो रहे कटान से मकानों और झोपड़ी पर संकट है। करीब 20 से अधिक गांव के किनारे झोपड़ी कट चुकी हैं और तीन पक्के मकान भी कटे हैं। तीन दिनों से चिरंजू पुरवा में कटान का संकट है। ग्रामीण अपनी-अपनी झोपड़ी और मकानों खाली कर चुके हैं। जरूरी गृहस्थी का सामान और अन्य वस्तुएं समेट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए हैं। फसलों में पानी भरा हुआ है। प्रशासन भी क्षेत्र की स्थितियों का आकलन कर रहा है। एसडीएम एन राम ने बताया कि चिरंजू पुरवा में नुकसान का आकलन किया जा रहा है, खेती का भी सर्वे चल रहा है।
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वहीं बैराजों से गंगा नदी में पानी छोड़ा जाना जारी है। इससे गंगा नदी का पानी खतरे के निशान 137.10 मीटर से 25 मीटर ऊपर 137.35 मीटर पर बना हुआ है जबकि राम गंगा और गर्रा नदी का पानी चेतावनी बिंदु से भी नीचे आ गया है। नदियों में पानी कम होने से प्रभावित परिवारों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं।
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पहाड़ों पर होने वाली बारिश और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से नदियों में बढ़े पानी से तहसील शाहाबाद, सवायजपुर, बिलग्राम के साथ सदर और संडीला के भी गांव प्रभावित हुए हैं। रामगंगा और गर्रा नदी में पानी कम होने से प्रभावित गांवों के लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गांवों से पानी निकलने के बाद अब संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। बाढ़ प्रभावित गांवों में अब 11 गांवों की आबादी प्रभावित है।
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वहां पर अभी भी पानी गांव और घरों में भरा हुआ है। वहीं तहसील सवायजपुर के 40, बिलग्राम के 24 और संडीला के 20 गांवों की फसलें बाढ़ के पानी में डूबी हुई हैं। इससे इन गांवों के किसानों की मेहनत बाढ़ में बेकार हो गई है। गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 1,51,808 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,34,584 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
बिलग्राम क्षेत्र में गंगा नदी की कटरी में बाढ़ के पानी से हो रहे कटान से मकानों और झोपड़ी पर संकट है। करीब 20 से अधिक गांव के किनारे झोपड़ी कट चुकी हैं और तीन पक्के मकान भी कटे हैं। तीन दिनों से चिरंजू पुरवा में कटान का संकट है। ग्रामीण अपनी-अपनी झोपड़ी और मकानों खाली कर चुके हैं। जरूरी गृहस्थी का सामान और अन्य वस्तुएं समेट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए हैं। फसलों में पानी भरा हुआ है। प्रशासन भी क्षेत्र की स्थितियों का आकलन कर रहा है। एसडीएम एन राम ने बताया कि चिरंजू पुरवा में नुकसान का आकलन किया जा रहा है, खेती का भी सर्वे चल रहा है।