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बाढ़ और जलजमाव का संकट : गांवों तक फैला नदियों का पानी, फसलों को भारी नुकसान

Sat, 03 Oct 2026 11:28 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2026 11:28 PM IST
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Flood and Waterlogging Crisis: River Waters Reach Villages, Crops Suffer Heavy Damage
फोटो 28: जतुली गांव में भरा बाढ़ का पानी। संवाद
बिलग्राम/हरियावां/भरावन। बैराजों से छोड़े जाने वाला पानी लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। जलजमाव के कारण फसलें खराब हो रही हैं। गांवों के आसपास और गांवाें के अंदर पानी भरा होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। बिलग्राम, हरियावां और भरावन क्षेत्र में जलभराव से गांवों की बिजली आपूर्ति ठप और स्कूलों को बंद कर दिया गया है।
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बिलग्राम क्षेत्र के जरसेनामऊ से तिरवा कुल्ली तक पूरा इलाका पानी से भर गया है। तीन हजार बीघा से अधिक फसलें प्रभावित हुईं। गंगा और गर्रा नदी में बढ़ा का पानी प्रलयंकारी साबित हो रहा है। बिलग्राम-कन्नौज मार्ग पर जरसेनामऊ से लेकर तेरावकुल्ली के आगे करीब 12 किलोमीटर तक पानी ही पानी दिख रहा है। राजघाट के आसपास कटरी का इलाका बाढ़ की विभीषिका झेल रहा है। कटरी के गांव छिबरामऊ, कटरी छिबरामऊ, कटरी जरसेनामऊ, कटरी बिलुही, कटरी महादेवा, कटरी बिछुईया और कटरी महादेवा आदि गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। जरेला, पुन्नापुरवा, मदारीपुरवा आदि गांवों में पानी भरा है। आवागमन नाव से किया जा रहा है। राहत किट पर जनजीवन निर्भर हो चुका है।
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बिजली, साफ पानी के लिए आबादी चिंतित है। स्वास्थ्य व्यवस्था भी चरमराई गई है। लोगों के पानी में रहने से चर्म रोग की स्थितियां बन गई हैं। एसडीएम एन राम, तहसीलदार दीपक गौतम ने बताया कि राजस्व टीमों से सर्वे कराया जा रहा है। वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की निगरानी कराई जा रही है। गर्रा नदी के पानी से चुन्नीपुरवा, तिलमई खेड़ा गांवों में नायब तहसीलदार ने पीड़ितों के लिए व्यवस्था कराई है।
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हरियावां क्षेत्र में सई नदी में तेजी से पानी बढ़ने से छह गांव के लोग प्रभावित हुए हैं। इसमें जतुली व शर्माखेड़ा गांव के लोगों को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। हरियावां, ज्वालापुरवा, बरगावां, अहरापुर, बोझवा, गोडाखेड़ा, कुरसेली, उतरा, कोरिगवां, शाहपुर बिनौरा समेत कई गांव के किनारे तक पानी पहुंच गया।
शाहपुर से कसियापुर जाने वाली सड़क पर चार फीट पानी आने से आवागमन बंद हो गया है। चिरैयाझाला से शाहपुर मार्ग पर तीन से चार फीट पानी होने से आवागमन बंद है। दोनों गांव के लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। जलभराव से धान, उर्द, तिल्ली और मक्का आदि की फसलें खराब होने लगी हैं। जतुली गांव के अंदर मार्गों पर पानी भर गया है। शर्माखेड़ा गांव टापू बना हुआ है। जलभराव के कारण जतुली प्राथमिक विद्यालय बंद है।

भरावन ब्लॉक की ग्राम पंचायत गोंडवा के मजरा नहोइया में 300 की आबादी जलभराव की समस्या से जूझ रही है। गांव से बाहर निकलने वाले 500 मीटर कच्चे रास्ते पर तीन फीट तक पानी भरा है। इससे ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों को कमर तक पानी पार कर जाना पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित है। अस्पताल की बाउंड्रीवाल के किनारे से निकलने वाला रास्ता भी जलमग्न हो गया। बीडीओ अरविंद कुमार ने बताया कि नहोइया गांव की समस्या की जानकारी है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोंडवा का बनवाया जा रहा है। जलभराव की समस्या का समाधान कराया जाएगा।

फोटो 28: जतुली गांव में भरा बाढ़ का पानी। संवाद

फोटो 28: जतुली गांव में भरा बाढ़ का पानी। संवाद

फोटो 28: जतुली गांव में भरा बाढ़ का पानी। संवाद

फोटो 28: जतुली गांव में भरा बाढ़ का पानी। संवाद

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