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Hardoi News: ावन की पांच ग्राम पंचायतों ने 1.29 करोड़ का नहीं दिया हिसाब-किताब - A
Sun, 12 Mar 2023 10:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Sun, 12 Mar 2023 10:56 PM IST
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पांच ग्राम पंचायतों ने 1.29 करोड़ का नहीं दिया हिसाब
- लेखा परीक्षा अधिकारी ने ऑडिट में अभिलेख न दिए जाने पर जताई गबन की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गांवों के विकास और निर्माण के नाम पर दी गई 1.29 करोड़ की धनराशि का बावन ब्लाॅक की पांच ग्राम पंचायतों ने हिसाब नहीं दिया है। इस पर सहकारी समितियां एवं पंचायत के लेखा परीक्षा अधिकारी ने पंचायत सचिवों से अभिलेख तलब किए हैं।
गांवों में विकास और निर्माण के लिए राज्य और केंद्रीय वित्त आयोग के साथ ही ग्राम पंचायत की खुद की आमदनी से कराए जाने वाले कार्यों का ब्योरा पंचायत स्तर पर तैयार कराए जाने की व्यवस्था है। सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा कार्यालय की ओर से ऑडिट के लिए ग्राम पंचायतों से अभिलेख मग्गे जाते हैं।
सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह नेगी ने दी रिपोर्ट में कहा है कि ग्राम पंचायत बेहटा गोकुल, सकाहा, गईधरा, पलिया कोईलहा और बलेहरा के पंचायत सचिवों ने हिसाब नहीं दिया है और न ही इस संबंध में कोई अभिलेख दिए हैं। उन्होंने अभिलेख न दिए जाने पर खर्च राशि के गबन की आशंका जाहिर की है।
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लेखा परीक्षा अधिकारी की रिपोर्ट में कहा गया है कि बेहटा गोकुल ने 55,18,716, सकाहा ने 29,26,244, गईधरा ने 9,22,467, पलिया कोईलहा ने 12,07,501 और बलेहरा ने 12,95,077 रुपये का ब्योरा नहीं दिया है।
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- लेखा परीक्षा अधिकारी ने ऑडिट में अभिलेख न दिए जाने पर जताई गबन की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गांवों के विकास और निर्माण के नाम पर दी गई 1.29 करोड़ की धनराशि का बावन ब्लाॅक की पांच ग्राम पंचायतों ने हिसाब नहीं दिया है। इस पर सहकारी समितियां एवं पंचायत के लेखा परीक्षा अधिकारी ने पंचायत सचिवों से अभिलेख तलब किए हैं।
गांवों में विकास और निर्माण के लिए राज्य और केंद्रीय वित्त आयोग के साथ ही ग्राम पंचायत की खुद की आमदनी से कराए जाने वाले कार्यों का ब्योरा पंचायत स्तर पर तैयार कराए जाने की व्यवस्था है। सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा कार्यालय की ओर से ऑडिट के लिए ग्राम पंचायतों से अभिलेख मग्गे जाते हैं।
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सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह नेगी ने दी रिपोर्ट में कहा है कि ग्राम पंचायत बेहटा गोकुल, सकाहा, गईधरा, पलिया कोईलहा और बलेहरा के पंचायत सचिवों ने हिसाब नहीं दिया है और न ही इस संबंध में कोई अभिलेख दिए हैं। उन्होंने अभिलेख न दिए जाने पर खर्च राशि के गबन की आशंका जाहिर की है।
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लेखा परीक्षा अधिकारी की रिपोर्ट में कहा गया है कि बेहटा गोकुल ने 55,18,716, सकाहा ने 29,26,244, गईधरा ने 9,22,467, पलिया कोईलहा ने 12,07,501 और बलेहरा ने 12,95,077 रुपये का ब्योरा नहीं दिया है।