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Hardoi News: फर्जी शैक्षिक अभिलेखों के सहारे 26 साल से नौकरी कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर प्राथमिकी
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हरदोई। बाल विकास पुष्टाहार विभाग में फर्जी अभिलेखों के सहारे पिछले 26 साल से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नौकरी कर रहीं पूर्व प्रधान की पत्नी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। साथ ही बाल विकास परियोजना अधिकारी की शिकायत पर फर्जीवाड़े के आरोप में प्राथमिकी भी बेहटागोकुल थाने में दर्ज की गई है। खास बात यह है कि पूरे मामले की शिकायत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की देवरानी ने ही दर्ज कराई थी।
बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के सकाहा निवासी कमला सिंह की नियुक्ति आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में वर्ष 2000 में हुई थी। नियुक्ति के समय उनके पति अनिल कुमार सिंह ग्राम प्रधान थे। अक्तूबर 2025 में कमला सिंह की देवरानी राजरानी ने जिलाधिकारी से शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें फर्जी शैक्षिक अभिलेखों के सहारे नौकरी पाने का आरोप लगाया गया था। डीएम ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी ने 28 अक्तूबर 2025 को शिव संकट हरण महाविद्यालय सकाहा को पूर्व मध्यमा (हाईस्कूल के समकक्ष) के अंकपत्र भेजकर सत्यापन आख्या मांगी। 15 नवंबर 2025 को महाविद्यालय की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया कि वर्ष 1988 में अनुक्रमांक संख्या 31045 में कमला सिंह का नाम दर्ज नहीं है।
इस अनुक्रमांक पर सकाहा निवासी मालती पुत्री रामपाल सिंह का नाम दर्ज है। सत्यापन आख्या मिलने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय से पत्रावली चलती रही और इसी क्रम में कमला सिंह की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। अब जिलाधिकारी के आदेश पर बावन की बाल विकास परियोजना अधिकारी सारिका सिंह ने कमला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्रभारी निरीक्षक मार्कंडेय सिंह ने बताया कि बाल विकास परियोजना अधिकारी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के सकाहा निवासी कमला सिंह की नियुक्ति आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में वर्ष 2000 में हुई थी। नियुक्ति के समय उनके पति अनिल कुमार सिंह ग्राम प्रधान थे। अक्तूबर 2025 में कमला सिंह की देवरानी राजरानी ने जिलाधिकारी से शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें फर्जी शैक्षिक अभिलेखों के सहारे नौकरी पाने का आरोप लगाया गया था। डीएम ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी ने 28 अक्तूबर 2025 को शिव संकट हरण महाविद्यालय सकाहा को पूर्व मध्यमा (हाईस्कूल के समकक्ष) के अंकपत्र भेजकर सत्यापन आख्या मांगी। 15 नवंबर 2025 को महाविद्यालय की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया कि वर्ष 1988 में अनुक्रमांक संख्या 31045 में कमला सिंह का नाम दर्ज नहीं है।
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इस अनुक्रमांक पर सकाहा निवासी मालती पुत्री रामपाल सिंह का नाम दर्ज है। सत्यापन आख्या मिलने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय से पत्रावली चलती रही और इसी क्रम में कमला सिंह की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। अब जिलाधिकारी के आदेश पर बावन की बाल विकास परियोजना अधिकारी सारिका सिंह ने कमला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्रभारी निरीक्षक मार्कंडेय सिंह ने बताया कि बाल विकास परियोजना अधिकारी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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