{"_id":"66a135ed875c33f73e02fed8","slug":"farmers-united-to-cancel-the-consolidation-process-panchayat-hardoi-news-c-213-1-hra1001-117430-2024-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: चकबंदी प्रक्रिया निरस्त कराने को एकजुट हुए किसान, पंचायत की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: चकबंदी प्रक्रिया निरस्त कराने को एकजुट हुए किसान, पंचायत की
विज्ञापन
हरियावां। चकबंदी प्रक्रिया निरस्त कराए जाने के लिए किसानों ने एकजुटता का परिचय दिया। बुधवार को भारतीय किसान यूनिट टिकैट के बैनर तले टेनी गांव में बड़ी संख्या में किसान जुटे और चकबंदी प्रक्रिया का विरोध किया।
भाकियू के बैनर तले जुटे किसानों ने पंचायत की। कहा कि किसान हित में कार्यवाही न होने पर दोबारा किसान पंचायत की जाएगी और जिला मुख्यालय के लिए पैदल कूच करेंगे। संगठन मंत्री श्यामू शक्ल के नेतृत्व में पंचायत में जुटे किसानों ने चकबंदी न कराए जाने की मांग की। राहुल मिश्रा ने कहा कि चकबंदी निरस्त कराने के लिए अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत कर चुके हैं, लेकिन इसके बाद जांच ही हुई और प्रक्रिया निरस्त नहीं की गई। किसानों ने विरोध दर्ज कराया है।
किसान शिव प्रताप सिंह ने कहा कि टेनी गांव में पूर्व में चकबंदी हो चुकी है अब कोई भी किसान चकबंदी के पक्ष में नहीं है। किसान अबरार अली ने कहा कि गांव में खलिहान, चारागाह आदि को लेकर कोई विवाद नहीं है। किसान राम नंदन गुप्ता, अनुरुद्ध, जय सिंह यादव, सुरेश अर्कवंशी, अतुल यादव, अनंतराम पाल, अतुल दीक्षित, वसीम खान, मुकीम खान, मोहन तिवारी, हरिहर आदि किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
भाकियू के बैनर तले जुटे किसानों ने पंचायत की। कहा कि किसान हित में कार्यवाही न होने पर दोबारा किसान पंचायत की जाएगी और जिला मुख्यालय के लिए पैदल कूच करेंगे। संगठन मंत्री श्यामू शक्ल के नेतृत्व में पंचायत में जुटे किसानों ने चकबंदी न कराए जाने की मांग की। राहुल मिश्रा ने कहा कि चकबंदी निरस्त कराने के लिए अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत कर चुके हैं, लेकिन इसके बाद जांच ही हुई और प्रक्रिया निरस्त नहीं की गई। किसानों ने विरोध दर्ज कराया है।
विज्ञापन
किसान शिव प्रताप सिंह ने कहा कि टेनी गांव में पूर्व में चकबंदी हो चुकी है अब कोई भी किसान चकबंदी के पक्ष में नहीं है। किसान अबरार अली ने कहा कि गांव में खलिहान, चारागाह आदि को लेकर कोई विवाद नहीं है। किसान राम नंदन गुप्ता, अनुरुद्ध, जय सिंह यादव, सुरेश अर्कवंशी, अतुल यादव, अनंतराम पाल, अतुल दीक्षित, वसीम खान, मुकीम खान, मोहन तिवारी, हरिहर आदि किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन